कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत बुजुर्ग के फर्राटेदार इंग्लिश के हुए फैन, मौके पर शिकायत के निस्तारण के दिए निर्देश
कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत और बुजुर्ग व्यक्ति के बातचीत का एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.

By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : February 27, 2026 at 9:25 AM IST
पिथौरागढ़: कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत अपनी कार्यशैली के लिए जाने जाते हैं. अक्सर दीपक रावत लोगों की समस्याओं को सुनकर मौके पर निस्तारण करते हैं. बीते दिनों कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत ने जिलाधिकारी आकांक्षा कोंडे के साथ जिला चिकित्सालय बागेश्वर का निरीक्षण किया. इस दरमियान एक बुजुर्ग व्यक्ति (80 वर्ष) उनके पास अपनी समस्या लेकर पहुंचा, बुजुर्ग ने इंग्लिश में कुमाऊं कमिश्नर को अपनी परेशानी बताई. कुमाऊं कमिश्नर ने बुजुर्ग की इत्मीनान से पूरी बात सुनीं और बुजुर्ग की फर्राटेदार इंग्लिश की जमकर तारीफ की. जिसके बाद कुमाऊं कमिश्नर ने बुजुर्ग व्यक्ति की समस्या के निस्तारण के लिए अधीनस्थ अधिकारियों को निर्देश दिए. जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है.
गौर हो कि बीते दिनों कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत अपने दो दिवसीय दौरे पर बागेश्वर पहुंचे थे और जिला अस्पताल का निरीक्षण कर रहे थे. निरीक्षण के दौरान एक बुजुर्ग रमेश चंद्र काडंपाल उनसे मिलने पहुंचे और आयुष्मान योजना के तहत पत्नी का इलाज न होने की शिकायत उनके सामने रखी. जब बुजुर्ग अपनी समस्या बता रहे थे, तो उन्होंने धाराप्रवाह अंग्रेजी में अपनी बात रखी. कुमाऊं कमिश्नर ने बुजुर्ग की फर्राटेदार इंग्लिश की जमकर तारीफ की और बुजुर्ग की परेशानी को सुनकर अधीनस्थ अधिकारियों को तत्काल निस्तारण के निर्देश दिए. 80 वर्ष की उम्र में उनकी यह अंग्रेजी अब सोशल मीडिया में चर्चा का विषय बनी हुई है.
इस दौरान बुजुर्ग ने दीपक रावत को बताया कि उन्होंने मुंबई में गोदरेज ग्रुप ऑफ कंपनी में प्रोफेशनल इंजीनियर के रूप में लंबे समय तक काम किया है. उन्होंने कहा कि निजी अस्पतालों में जब आयुष्मान कार्ड पर इलाज से इंकार कर दिया गया, तब उन्होंने डीएम बागेश्वर से लेकर सीएम ऑफिस तक फोन किया, लेकिन किसी ने उनकी समस्या का समाधान नहीं किया. मजबूरी में उन्हें पत्नी का इलाज निजी अस्पताल में कराना पड़ा, जिसका पैसा भी उन्हें वापस नहीं मिला. वहीं कुमाऊं कमिश्नर और बुजुर्ग की बातचीत का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है.
बता दें कि कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत ने जिलाधिकारी आकांक्षा कोंडे के साथ जिला चिकित्सालय बागेश्वर का निरीक्षण किया था. निरीक्षण के दौरान अस्पताल की चिकित्सा व्यवस्थाओं, आधारभूत संरचना, दवाइयों की उपलब्धता, आपातकालीन सेवाओं तथा ओपीडी संचालन की विस्तृत समीक्षा की.
आयुक्त ने अस्पताल परिसर, पंजीकरण काउंटर, ओपीडी कक्ष, विभिन्न वार्ड तथा अन्य इकाइयों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया. ओपीडी में प्रतिदिन आने वाले मरीजों की संख्या, पंजीकरण प्रक्रिया तथा उपचार व्यवस्था की जानकारी प्राप्त की.
इस दौरान क्यूआर कोड के माध्यम से ओपीडी शुल्क भुगतान प्रणाली की जानकारी ली. जन औषधि केंद्र में आवश्यक एवं जीवनरक्षक दवाइयों की उपलब्धता का गहन निरीक्षण किया. दवाओं के स्टॉक रजिस्टर, वितरण प्रणाली एवं मूल्य सूची की जांच करते हुए निर्देशित किया गया कि किसी भी परिस्थिति में आवश्यक दवाइयों की कमी न हो तथा मरीजों को निर्धारित दरों पर गुणवत्तापूर्ण दवाएं उपलब्ध कराई जाएं.
पढ़ें-

