पानी के बिलों पर सियासत तेज, हजारों से लाखों तक पहुंचे बिल, जनता परेशान
कुल्लू-मनाली में पानी के बिलों ने जनता की टेंशन बढ़ा दी है. पानी के बिल हजारों से लाखों तक पहुंच गए हैं.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : December 24, 2025 at 4:17 PM IST
कुल्लू: हिमाचल प्रदेश में पानी के बढ़े हुए बिलों को लेकर जनता का गुस्सा लगातार बढ़ता जा रहा है. कुल्लू और मनाली सहित कई क्षेत्रों में उपभोक्ताओं को भारी-भरकम पानी के बिल थमाए जाने से लोग परेशान हैं. सितंबर 2024 में कांग्रेस सरकार द्वारा पानी के टैरिफ में की गई बढ़ोतरी के बाद हालात और गंभीर हो गए हैं. विपक्ष ने सरकार पर जनता को लूटने का आरोप लगाया है, जबकि सरकार की ओर से अब तक कोई स्पष्ट और लिखित राहत अधिसूचना जारी नहीं की गई है.
सितंबर 2024 से बढ़े पानी के बिल, जनता में रोष
प्रदेश सरकार ने सितंबर 2024 में पानी के टैरिफ में भारी बढ़ोतरी की थी. इसके बाद से जल शक्ति विभाग लगातार उपभोक्ताओं को बढ़े हुए बिल भेज रहा है. पिछले करीब 15 महीनों से उपभोक्ताओं को नोटिस जारी कर बिल भुगतान के लिए कहा जा रहा है. बढ़ते बिलों के कारण आम लोगों के साथ-साथ होटल व्यवसायी और छोटे कारोबारी भी आर्थिक दबाव में आ गए हैं.

सरकार का आश्वासन, लेकिन लिखित आदेश नहीं
अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव के दौरान उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने मीडिया से कहा था कि सरकार उपभोक्ताओं के बढ़े हुए पानी के बिल माफ करेगी. हालांकि, तीन महीने बीत जाने के बावजूद उपमुख्यमंत्री कार्यालय या जल शक्ति विभाग की ओर से इस संबंध में कोई लिखित अधिसूचना जारी नहीं की गई. नतीजतन उपभोक्ताओं को अब भी पुराने और बढ़े हुए टैरिफ के आधार पर बिल भेजे जा रहे हैं.
दोबारा भेजे जा रहे बिल, जुर्माना भी लगाया जा रहा
जल शक्ति विभाग द्वारा उपभोक्ताओं को दोबारा बढ़े हुए पानी के बिल जारी किए जा रहे हैं. समय पर भुगतान न करने पर जुर्माना भी लगाया जा रहा है. इससे लोगों की परेशानी और बढ़ गई है. कई उपभोक्ताओं का कहना है कि जब सरकार खुद राहत की बात कर रही है, तो फिर विभाग की ओर से लगातार नोटिस क्यों भेजे जा रहे हैं.
पूर्व मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर का सरकार पर हमला
पूर्व मंत्री एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता गोविंद सिंह ठाकुर ने कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि पानी और बिजली के बिलों में भारी बढ़ोतरी कर सरकार जनता को लूटने का काम कर रही है. गोविंद सिंह ठाकुर ने उदाहरण देते हुए कहा कि मनाली के एक होटल का एक साल का पानी का बिल साढ़े सात लाख रुपये आया है. इसके अलावा कुल्लू, मनाली, जोगिंदर नगर और सोलन जैसे क्षेत्रों में भी उपभोक्ताओं को बेहद ज्यादा बिल मिले हैं.
'झूठे आश्वासन देकर जनता को गुमराह किया'
गोविंद सिंह ठाकुर ने कहा कि दशहरा उत्सव के दौरान उपमुख्यमंत्री ने जनता से कहा था कि पानी के बिलों का भुगतान करने की जरूरत नहीं है और इन्हें माफ किया जाएगा. लेकिन अब तक सरकार ने इस पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार सिर्फ झूठे आश्वासन देकर जनता को गुमराह कर रही है और लोगों पर आर्थिक बोझ डाला जा रहा है.
कांग्रेस विधायक सुंदर सिंह ठाकुर ने कहा, "पानी के बिलों में बढ़ोतरी को लेकर मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री से चर्चा की गई है. उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा है कि लोगों को बढ़े हुए पानी के बिलों का भुगतान न करना पड़े. इसके बावजूद जिस तरह से उपभोक्ताओं को भारी-भरकम बिल दिए जा रहे हैं, वह दुर्भाग्यपूर्ण है. उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार इस दिशा में समाधान निकालने का प्रयास कर रही है."
उपभोक्ताओं की परेशानी, तीन गुना तक बढ़े बिल
उपभोक्ता रविंद्र कुमार और अमित ने बताया कि इस बार पानी के बिल तीन गुना तक अधिक आए हैं. हजारों रुपये के बिल देखकर लोग परेशान हैं. उनका कहना है कि अगर यही स्थिति रही तो आने वाले समय में आम लोगों के लिए पानी का बिल भरना मुश्किल हो जाएगा. कुल्लू शहर में चार हजार से अधिक उपभोक्ता हैं, जो इस बढ़ोतरी से प्रभावित हो रहे हैं.
जल शक्ति विभाग के अधिशासी अभियंता अमित कुमार ने बताया, "पानी के बिल नए टैरिफ के तहत जारी किए गए हैं. ये बिल जनवरी, फरवरी और मार्च माह के हैं और उपभोक्ताओं से इन्हें जमा करने को कहा गया है." विभाग का कहना है कि फिलहाल उन्हें सरकार की ओर से कोई नई अधिसूचना नहीं मिली है.
पानी के बढ़े हुए बिलों को लेकर सरकार और विभाग के अलग-अलग बयानों से जनता में भ्रम और नाराजगी बढ़ रही है. जब तक सरकार की ओर से स्पष्ट और लिखित राहत आदेश जारी नहीं होता, तब तक उपभोक्ताओं की परेशानी कम होती नहीं दिख रही.
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