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कुल्लू की ये पहाड़ी बनी सिरदर्द! लैंडस्लाइड से अब तक 2 गाड़ियां और एक JCB क्षतिग्रस्त

कुल्लू में बार-बार हो रहे लैंडस्लाइड से पर्यटन कारोबार प्रभावित, लोगों ने सरकार से की वैली ब्रिज की मांग.

Kullu Landslide
कुल्लू में लैंडस्लाइड (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Himachal Pradesh Team

Published : April 17, 2026 at 10:49 AM IST

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Updated : April 17, 2026 at 4:15 PM IST

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कुल्लू: हिमाचल प्रदेश में इस बार मानसून के आगमन से पहले ही लैंडस्लाइड के मामले सामने आ रहे हैं. वहीं, जिला कुल्लू की मणिकर्ण घाटी में भी मणिकर्ण-बरशैणी मार्ग घटीगढ़ में बार-बार लैंडस्लाइड हो रहा है. जिससे आने वाले समय में पर्यटन कारोबार भी प्रभावित होगा. बता दें कि मणिकर्ण घाटी में पर्यटन कारोबार की शुरुआत हो चुकी है, लेकिन बार-बार हो रहे लैंडस्लाइड के चलते यहां स्थानीय लोगों के साथ-साथ सैलानियों की परेशानी भी बढ़ गई है. जिससे पर्यटन कारोबार के बुरी तरह से प्रभावित होने के आसार नजर आ रहे हैं.

लोगों ने की वैली ब्रिज की मांग

गौरतलब है कि मणिकर्ण-बरशैणी सड़क मार्ग से ही विदेशी सैलानियों की पसंद खीर गंगा, मानतलाई ट्रैकिंग रूट, तोष, कालका, पुलगा आदि स्थल आते हैं, लेकिन सड़क बंद होने के चलते सैलानी अब यहां आने से भी डर रहे हैं. हालांकि ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से आग्रह किया था कि वह पार्वती नदी पर एक वैली ब्रिज बनाएं, ताकि अगर पहाड़ी से लैंडस्लाइड के कारण सड़क बंद होती है तो लोग इस ब्रिज के जरिए मणिकर्ण की ओर जा सकें. मगर इस ओर प्रशासन ने अभी कोई ध्यान नहीं दिया है.

पूर्व जिला परिषद सदस्य रेखा गुलेरिया ने बताया, "पहाड़ी से हो रहे भूस्खलन की समस्या को लेकर सरकार, प्रशासन और विभाग से कई बार आग्रह कर चुके हैं, लेकिन अभी तक इस ओर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है. जब तक पहाड़ी दरकने से रुक नहीं जाती है, तब तक यहां एक वैली ब्रिज बनाया जाना चाहिए. जिससे स्थानीय लोगों के साथ-साथ यहां आने वाले पर्यटकों को भी किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े."

लैंडस्लाइड के चलते हो रहे हादसे

बरशैणी पंचायत के स्थानीय निवासी गंगा राम ने बताया कि बीते दो सालों में बार-बार दरकती पहाड़ी की चपेट में बीते दिनों दो गाड़ियां आ चुकी हैं. इसके अलावा भी मंगलवार को एक जेसीबी मशीन पर भी चट्टान गिरी थी. जिससे उसके शीशे को नुकसान पहुंचा है. गनीमत रही की इस दौरान जेसीबी मशीन खाई में जाने से बच गई. आने वाले समय में भी यहां पहाड़ी दरकने से हादसा होने का डर सता रहा है. ऐसे में विभाग, प्रशासन और सरकार को समय रहते इसका विकल्प तलाशना चाहिए.

"इस सड़क के बंद होने से लोगों को काफी परेशानी हो रही है. यहां करीब दो सालों से लैंडस्लाइड हो रहा है और बार-बार सड़क बंद हो जाती है. सरकार और विभाग से आग्रह है कि जगह पर लैंडस्लाइड को रोकने के लिए स्थायी समाधान तलाशा जाए. जिससे स्थानीय लोगों के साथ पर्यटकों को भी किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े." - जयराम ठाकुर, पूर्व प्रधान, बरशैणी पंचायत

सड़क बहाल करने का काम जारी

वहीं, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता बीसी नेगी ने बताया कि मणिकर्ण-बरशैणी मार्ग घटीगढ़ में पहाड़ी से भारी मात्रा में लैंडस्लाइड होने के चलते सड़क फिर से आवाजाही के लिए बंद हो गई है, जिसे बहाल करने का काम चला हुआ है. लैंडस्लाइड के चलते पीडब्ल्यूडी की जेसीबी मशीन को भी नुकसान पहुंचा है. उसके बावजूद मौके पर दो जेसीबी मशीनें लगाई गई हैं और सड़क को जल्द से जल्द बहाल करने की कोशिश की जा रही है.

"शुक्रवार को मैं खुद मौके का निरीक्षण करूंगा. यहां पर अन्य सड़क बनाने का विकल्प भी तलाशा जाएगा, ताकि पर्यटन सीजन में सैलानियों के साथ-साथ स्थानीय लोगों को दिक्कतों का सामना न करना पड़े." - सुंदर सिंह ठाकुर, विधायक, कुल्लू

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Last Updated : April 17, 2026 at 4:15 PM IST