इंडियन एयरफोर्स में फ्लाइंग ऑफिसर बनी हिमाचल की बेटी ज्योति, विरासत में मिला देशभक्ति का जज्बा
भारतीय वायु सेना में फ्लाइंग ऑफिसर बनकर ज्योति ने हिमाचल प्रदेश का नाम रोशन किया है.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : February 7, 2026 at 3:36 PM IST
कुल्लू: हिमाचल प्रदेश की बेटी ज्योति ने भारतीय वायु सेना में फ्लाइंग ऑफिसर बनकर देवभूमि का नाम रोशन किया है. ज्योती कुल्लू जिले के निरमंड तहसील के नावा गांव की रहने वाली हैं. ज्योति की इस उपलब्धि से न सिर्फ निरमंड, बल्कि पूरे कुल्लू जिले में खुशी की लहर है. वहीं, इस सफलता के बाद ज्योती के घर पर बधाई देने वालों का तांता लग गया है. ज्योती न सिर्फ कुल्लू, बल्कि पूरे प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणा स्त्रोत बनकर उभरी हैं.
पिता आईटीबीपी में हैं तैनात
ज्योति काे देशभक्ति का जज्बा विरासत में मिला है. उनके पिता तेजा देव वर्तमान में आईटीबीपी में असिस्टैंट सब इंस्पैक्टर के पद पर उत्तर-पूर्वी सीमा पर तैनात हैं. वे साल 2010-11 में संयुक्त राष्ट्र के अफ्रीका शांति मिशन में भारत का प्रतिनिधित्व भी कर चुके हैं. ज्योति की माता अरुणा देवी एक गृहिणी हैं. जागृति की छोटी बहन कृतिका भी मेधावी हैं और सेंट बीड्स कॉलेज शिमला से स्नातक कर रही हैं.

7 साल के कठिन परिश्रम का मिला फल
ज्योति ने बताया कि उनकी यह सफलता 7 सालों के कड़े संघर्ष और घर से दूर रहकर की गई तपस्या का परिणाम है. उन्होंने सरस्वती विद्या मंदिर और अंबिका पब्लिक स्कूल निरमंड से शुरुआती शिक्षा लेने के बाद डीएवी कॉलेज चंडीगढ़ से स्नातक की पढ़ाई की. चंडीगढ़ में पढ़ाई के दौरान वह एनसीसी एयर विंग से जुड़ीं, जहां उन्होंने ए-ग्रेड के साथ सी-सर्टिफिकेट हासिल किया. उनकी प्रतिभा का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने चंडीगढ़ में माइक्रो प्लेन से को-पायलट के मार्गदर्शन में 40-40 मिनट की 2 सफल उड़ानें भरीं. इस दौरान उन्होंने आसमान में ओवरटेकिंग और सुरक्षित लैंडिंग जैसे जटिल अभ्यासों को सफलतापूर्वक पूरा किया.
अन्य बेटियों के लिए प्रेरणा बनी ज्योती
वहीं, ज्योति के माता-पिता ने अपनी बेटी की कामयाबी का श्रेय देवताओं की कृपा, रिश्तेदारों के सहयोग और विभिन्न शिक्षण संस्थानों (राजमाता शांति देवी स्कूल पोखधार, डीएवी कॉलेज, पंजाब यूनिवर्सिटी व एनसीसी एयर विंग) के मार्गदर्शन को दिया है. ज्योती की ये उपलब्धि प्रदेश की अन्य बेटियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी है, जो सशस्त्र बलों में शामिल होकर देश की सेवा करने का सपना देखती हैं.

