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बंजार और आनी के कई इलाकों में भारी ओलावृष्टि, बागवानों और किसानों को भारी नुकसान

हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में दोपहर बाद बारिश और ओलावृष्टि हुई. ओलावृष्टि की वजह से खेतों में फसल को भारी नुकसान हुआ है.

बंजार और आनी के कई इलाकों में भारी ओलावृष्टि
बंजार और आनी के कई इलाकों में भारी ओलावृष्टि (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Himachal Pradesh Team

Published : May 6, 2026 at 6:41 PM IST

2 Min Read
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कुल्लू: जिला कुल्लू के उपमंडल बंजार और उपमंडल आनी में बुधवार दोपहर बाद अचानक हुई भारी ओलावृष्टि से किसानों और बागबानों के सपनों पर पानी फिर गया. हालांकि, सुबह के समय घाटी में मौसम साफ था. लेकिन दोपहर बाद अचानक काले बादल आसमान में आए और बारिश के साथ भारी ओलावृष्टि हुई.

बंजार उपमंडल के तीर्थन घाटी के कई इलाकों में हुई ओलावृष्टि से मटर, गेहूं की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है. इसके अलावा सब, पलम, खुमानी, नाशपाती के पेड़ों को भी नुकसान हुआ है. उपमंडल आनी की बात करें तो यहां पर भी कई इलाकों में दोपहर बाद भारी ओलावृष्टि हुई, जिससे सेब के पेड़ बुरी तरह से प्रभावित हुए हैं.

ऐसे में अब घाटी के बागवानों ने जिला प्रशासन तथा सरकार से मांग रखी है कि वह बागवानी विभाग के माध्यम से ओलावृष्टि के कारण हुए नुकसान का आकलन करें. वहीं, जिन बागवानों का नुकसान अधिक हुआ है. उन्हें सरकारी नियमों के तहत राहत भी दी जानी चाहिए.

तीर्थन घाटी के बागवान रुधिर शर्मा और दिनेश कुमार ने बताया, 'ओलावृष्टि के चलते सबसे अधिक सेब, पलम, नाशपाती तथा खुमानी की फसल प्रभावित हुई है. क्योंकि पेड़ों में अब फलों ने आकार लेना शुरू कर दिया है और ओलावृष्टि के चलते फलों को काफी नुकसान हुआ है. ओलावृष्टि के चलते फल झड़कर नीचे आ गिरे हैं'.

उन्होंने बताया कि खेतों में तैयार मटर और गेहूं की फसल को भी भारी नुकसान हुआ है. ऐसे में अब प्रशासन और सरकार को चाहिए कि वह जल्द से जल्द नुकसान की रिपोर्ट तैयार करें. ताकि नियमों के अनुसार लोगों को सरकार से राहत मिल सके.

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