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आपदा के बाद भी नहीं सुधरी स्कूलों की हालत, आज भी बजट का इंतजार, सरकार ने बताया कितनों के लिए जारी हुआ पैसा?

बंजार विधानसभा क्षेत्र के विधायक सुरेंद्र शौरी विधानसभा में इस संबंध में सवाल पूछा था. जिसका जवाब शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने दिया.

Disaster Affected School banjar
आपदा प्रभावित स्कूलों को आज भी बजट का इंतजार (ETV BHARAT)
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By ETV Bharat Himachal Pradesh Team

Published : August 23, 2026 at 7:47 PM IST

3 Min Read
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कुल्लू: हिमाचल प्रदेश में 2023 और 2025 की आपदा ने कुल्लू जिले के बंजार विधानसभा क्षेत्र के कई सरकारी स्कूलों को नुकसान पहुंचाया था. क्षेत्र में कुल 132 राजकीय स्कूल भवन आपदा से क्षतिग्रस्त हुए थे. इनमें 10 भवन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुए, जबकि 122 भवनों को आंशिक नुकसान पहुंचा था. ये जानकारी विधानसभा में सरकार ने बंजार विधानसभा क्षेत्र के विधायक सुरेंद्र शौरी द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में दी.

सरकार की ओर से दिए गए जवाब के अनुसार बंजार क्षेत्र में आपदा प्रभावित स्कूलों से जुड़े 39 कार्यों (8 स्कूल भवनों के निर्माण और 31 स्कूल भवनों की मरम्मत) के लिए अब तक बजट जारी किया गया है. कई स्कूलों के लिए मरम्मत राशि जारी की जा चुकी है, जबकि कुछ मामलों में काम पूरा होने की स्थिति भी दर्ज है. इससे साफ है कि आपदा प्रभावित कई स्कूलों के लिए अब तक बजट जारी नहीं हुआ है.

सरकार द्वारा दिए गए जबाव के बाद विधायक सुरेंद्र शौरी सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने कि आपदा के बाद भी कई स्कूलों की स्थिति सामान्य नहीं हो पाई है. उनके अनुसार बंजार क्षेत्र में कुछ स्कूल आज भी निजी भवनों, महिला मंडल भवनों या दूसरे स्कूलों में संचालित किए जा रहे हैं. ऐसे में ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों के विद्यार्थियों को नियमित पढ़ाई के लिए परेशानी उठानी पड़ रही है.

81 स्कूलों को अभी भी बजट की इंतजार

शौरी ने दावा किया कि 81 स्कूलों के मरम्मत कार्यों के प्राक्कलन अभी बजट की स्वीकृति का इंतजार कर रहे हैं. उन्होंने सरकार से इन कार्यों के लिए जल्द धनराशि जारी करने की मांग की. उनका कहना है कि आपदा के कई साल बाद भी स्कूल भवनों की मरम्मत नहीं होना गंभीर चिंता का विषय है.

दुर्गम इलाकों के बच्चों पर सीधा असर

सुरेंद्र शौरी ने कहा कि बंजार की भौगोलिक परिस्थितियां कठिन हैं और कई गांव दूरदराज के इलाकों में स्थित हैं. ऐसे में स्कूलों को बंद करने या बच्चों को दूसरे स्थानों पर भेजने के बजाय स्थानीय स्तर पर भवन और सुविधाएं मजबूत करना जरूरी है. उन्होंने सरकार से आपदा प्रभावित सभी स्कूलों के निर्माण और मरम्मत कार्यों को प्राथमिकता देने की मांग की.

शौरी ने कहा कि बच्चों की पढ़ाई और सुरक्षा से जुड़े मामलों में देरी नहीं होनी चाहिए. उन्होंने सरकार से लंबित स्कूल भवनों के लिए बजट उपलब्ध करवाने और निर्माण एवं मरम्मत कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने की मांग की.

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