हिमाचल के इस स्कूल में अपने बच्चों के नाम कटवाने क्यों पहुंचे सभी अभिभावक ?
18 अगस्त को इस स्कूल में कुछ ऐसा हुआ कि सभी बच्चों ने स्कूल जाना छोड़ दिया. बालकृष्ण शर्मा की रिपोर्ट

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : September 1, 2026 at 7:50 PM IST
|Updated : September 2, 2026 at 4:31 PM IST
कुल्लू: 'हम अपने बच्चों का स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट लेने आए थे. हमारे बच्चे उस दिन के बाद से स्कूल नहीं आए हैं. कुछ की हालत अब भी ठीक नहीं है. उनमें ताकत नहीं है. हम चाहते हैं कि स्कूल का पूरा स्टाफ बदला जाए.' कुल्लू जिले के पतलीकूहल इलाके की शीला की तरह ही कई अभिभावक मंगलवार सुबह-सुबह जिले के बाड़ी प्राइमरी स्कूल पहुंच गए. हर कोई घर से ये सोचकर निकला था कि आज स्कूल से बच्चों का स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट लेंगे ताकि अपने नौनिहालों का दाखिला कहीं और करवा सकें. इस स्कूल के सभी बच्चे पिछले करीब दो हफ्ते से स्कूल नहीं जा रहे. लेकिन मनाली विधानसभा क्षेत्र के राजकीय प्राथमिक पाठशाला बाड़ी में ऐसा क्या हुआ कि सभी अभिभावक अपने बच्चों का नाम कटवाने के लिए एक साथ स्कूल पहुंच गए.
दरअसल 18 अगस्त को हिमाचल प्रदेश के इस प्राथमिक स्कूल में मिड-डे मील खाते ही एक साथ 38 बच्चों की तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद सभी को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा. हालांकि अब सभी बच्चे स्वस्थ हैं और ज्यादातर घर लौट चुके हैं, लेकिन अभिभावकों के मन में अभी भी दहशत कायम है. पेरेंट्स को बच्चों की चिंता सता रही है. आलम ये है कि उस दिन के बाद से एक बच्चा भी स्कूल नहीं गया और मंगलवार को एक साथ सभी अभिभावक अपने बच्चों का स्कूल से नाम कटवाने और स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट लेने पहुंच गए.
अभिभावक मंजू ने बताया, "18 अगस्त को बच्चों की तबीयत खराब हुई और बच्चे कुछ दिनों तक अस्पताल में भर्ती रहे. उसके बाद से ही अभिभावकों ने अपने बच्चों को स्कूल भेजना बंद कर दिया था. अब फूड सैंपल की रिपोर्ट भी जल्द सामने आनी चाहिए. ताकि जो भी कर्मचारी दोषी पाया जाता है, उस पर कानूनी कार्रवाई की जाए".

अब तक नहीं आई फूड सैंपल की रिपोर्ट
वहीं, 18 अगस्त को जिस खीर को खाने से बच्चों की तबीयत खराब हुई थी उसकी रिपोर्ट अब भी नहीं आई है. परिजनों में इस बात को लेकर भी खासा रोष है. खीर खाने के बाद बीमार हुए बच्चों की हालत अभी भी ठीक नहीं है. परिजनों के मुताबिक चौथी क्लास की एक छात्रा अभी भी नेरचौक मेडिकल कॉलेज में भर्ती है. अभिभावकों ने फैसला लिया कि जब तक फूड सैंपल की रिपोर्ट नहीं आती है. तब तक वह बच्चों को घर से ही दोपहर का खाना बनाकर भेजेंगे.

अभिभावकों ने रखी पूरे स्टाफ के तबादले की मांग
दरअसल स्कूल पहुंचे अभिभावकों का मानना है कि ये पूरी तरह से स्कूल स्टाफ की लापरवाही है जिसके कारण बच्चे अस्पताल पहुंच गए. इस पूरे मामले के बाद किसी पर भी कोई एक्शन नहीं हुआ. जो स्कूल प्रशासन पर भी सवाल उठाता है. 18 अगस्त के बाद एक भी बच्चा स्कूल नहीं गया लेकिन टीचर स्कूल आते रहे. अभिभावकों की मांग थी कि यहां का पूरा स्टाफ बदला जाए उसके बाद ही वो बच्चों को स्कूल भेजेंग. इसके बाद प्रशासन ने 3 टीचर्स का तबादला कर दिया.
अभिभावक अमर चंद ने बताया, "वह यहां पर अन्य अभिभावकों के साथ पहुंचे थे और अब उन्हें पता चला है कि यहां पर जो शिक्षक तैनात है, उनका तबादला कर दिया गया है. ऐसे में अब सभी अभिभावक अपने बच्चों को स्कूल भेजने के लिए तैयार हो गए हैं. वहीं उन्होंने प्रशासन से भी आग्रह किया है कि फूड सैंपल की जो रिपोर्ट में देरी हो रही है. उसे भी जल्द जारी किया जाना चाहिए. ताकि पता चल सके कि बच्चों की तबीयत आखिर किन कारणों के चलते खराब हुई".

तीन अध्यापकों का किया तबादला
इस स्कूल में 51 बच्चों को पढ़ाने के लिए कुल तीन टीचर के साथ एक क्लर्क और एक मिड डे मील वर्कर थी. इस मामले के बाद विभाग की ओर से मुख्यअध्यापक समेत तीनों टीचर्स का तबादला कर दिया गया है. इस एक्शन के बाद से गुस्साए परिजन अपने बच्चों को स्कूल भेजने के लिए शांत हुए.

अभिभावक सीता ने बताया, "खीर खाने के बाद बच्चों की तबीयत खराब हुई थी, उसके बाद से बच्चे अभी भी स्कूल आने से डर रहे हैं. सभी अभिभावकों ने स्कूल स्टाफ को बदलने की मांग रखी थी. जिसके बाद अब शिक्षकों के तबादले कर दिए गए हैं. अब वह अपने बच्चों को स्कूल से नहीं निकाल रहे हैं. बुधवार से सभी अभिभावक अपने बच्चों को फिर से स्कूल भेजने के लिए तैयार हो गए हैं. लेकिन मिड डे मील बनाने के दौरान स्कूल प्रबंधन को काफी सतर्कता रखनी चाहिए".
3 अभिभावकों ने लिया लीविंग सर्टिफिकेट, बाकी परिजन मान गए
शिक्षकों के तबादले की मांग को पूरा होता देख अब अभिभावक भी अपने बच्चों को स्कूल भेजने के लिए तैयार हो गए हैं. हालांकि तीन अभिभावकों ने अपने बच्चों का स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट ले लिया है. बाकी अभिभावकों ने भरोसा दिलाया है कि वो बुधवार से अपने बच्चों को स्कूल भेजना शुरू कर देंगे. इसके अलावा अभिभावकों ने स्कूल प्रशासन से कहा है कि बच्चों की सुरक्षा प्राथमिकता होनी चाहिए.

अभिभावक शीला ने बताया कि अभी भी कई बच्चे ऐसे हैं, जो स्कूल आने की हालत में नहीं है. बार-बार बच्चों की तबीयत भी खराब हो रही है. स्कूल प्रशासन द्वारा इसे बिल्कुल भी गंभीरता से नहीं लिया गया. जब अभिभावकों ने दबाव बनाया तब जाकर शिक्षा विभाग ने इस स्कूल के तीन स्टाफ का तबादला कर दिया. ऐसे में अब सभी अभिभावक फिर से अपने बच्चों को स्कूल भेजने के लिए तैयार है. लेकिन स्कूल प्रबंधन को चाहिए कि वह बच्चों की सेहत का अच्छे से ख्याल रखें. ताकि दोबारा इस तरह की घटना पेश न आ सके".

खीर की रिपोर्ट आने तक घर का खाना खाएंगे बच्चे
18 तारीख को खीर खाने के बाद बच्चे अस्पताल पहुंच गए लेकिन करीब दो हफ्ते बाद भी खाने के सैंपल की रिपोर्ट ना आने से परिजन भड़के हुए थे. हालांकि बीच का रास्ता निकालते हुए फिलहाल रिपोर्ट आने तक बच्चे घर से ही दिन का खाना लाएंगे.
राजकीय प्राथमिक पाठशाला बाड़ी के मुख्य शिक्षक सुरेन्द्र सिंह ने बताया, "स्कूल में तीन शिक्षकों का तबादला शिक्षा विभाग द्वारा कर दिया गया है. वहीं, तीन बच्चों के अभिभावकों ने स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट ले लिया है. ऐसे में अब स्कूल में 50 बच्चे शिक्षा ग्रहण करेंगे और उनके अभिभावक भी बच्चों को स्कूल भेजने के लिए राजी हो गए हैं. वहीं, अभिभावकों ने निर्णय लिया है कि जब तक फूड सैंपल की रिपोर्ट नहीं आती है. तब तक स्कूल में मिड डे मिल नहीं बनेगा और वह अपने बच्चों को घर से ही खाना तैयार कर भेजेंगे".

क्या है मामला?
गौरतलब है कि राजकीय प्राथमिक पाठशाला बाड़ी में 18 अगस्त को दोपहर के भजन में खीर बनाई गई थी और खीर खाने के बाद 38 बच्चों की तबीयत भी खराब हुई थी. ऐसे में अभिभावकों ने बच्चों को पतलीकूहल स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती किया था. वहीं, उसके बाद से लेकर अभी तक अभिभावकों द्वारा बच्चों को स्कूल भी नहीं भेजा गया था. इस बीच शिक्षक और गैर शिक्षक स्कूल में आते रहे. अभिभावकों के द्वारा शिक्षकों के साथ-साथ मिड डे मील कर्मचारी के तबादले की भी मांग रखी गई थी. लेकिन फिलहाल स्कूल में कार्यरत तीन शिक्षकों का तबादला कर दिया गया है और शिक्षा विभाग द्वारा दो अन्य शिक्षकों के ऑर्डर भी इसी स्कूल के लिए जारी किए गए हैं.
जिला कुल्लू प्रारंभिक शिक्षा विभाग के उपनिदेशक ज्ञान ठाकुर ने बताया, "बाड़ी स्कूल में तैनात सभी 3 शिक्षकों का तबादला कर दिया गया है. अभिभावक भी अब अपने बच्चों को स्कूल भेजने के लिए तैयार हो गए हैं. ऐसे में अब बुधवार से स्कूल में कक्षाओं का संचालन शुरू हो जाएगा. आगामी समय में सभी स्कूल प्रबंधकों को मिड डे मील की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश जारी किए गए हैं. बाड़ी स्कूल के लिए 2 शिक्षकों के ज्वाइनिंग ऑर्डर भी जारी किए गए हैं".
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