क्या हुड्डा ने झूठ कहकर धोखे से करवाए हस्ताक्षर?, कुलदीप शर्मा बोले - बोलने से रोका, सोशल मीडिया पर बना रहे निशाना
चंडीगढ़ में हरियाणा विधानसभा के पूर्व स्पीकर कुलदीप शर्मा ने अब पार्टी नेताओं के एक धड़े पर बिना नाम लिए निशाना साधा है.

Published : August 25, 2026 at 7:37 PM IST
|Updated : August 25, 2026 at 8:07 PM IST
चंडीगढ़ : क्या हरियाणा कांग्रेस में सबकुछ ठीक है?. क्या पार्टी के नेताओं में आपसी खींचतान है?. क्या एक ही धड़ा कांग्रेस में खुद को मजबूत कर रहा हैं?. क्या अन्य नेताओं के लिए हरियाणा कांग्रेस में उस धड़े के अलावा कोई जगह नहीं है?. क्या भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने झूठ कहकर G-23 पेपर पर कुलदीप शर्मा के हस्ताक्षर करवाए थे. क्या दीपेंद्र हुड्डा मामले में पत्र लिखकर हरियाणा कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधानसभा स्पीकर कुलदीप शर्मा हरियाणा कांग्रेस के कुछ नेताओं के निशाने पर आ गए हैं?. क्या वे सोशल मीडिया में उनके खिलाफ प्रचार करके उनको निशाना बना रहे हैं?.
"धोखे से साइन करवाए गए हैं": आज चंडीगढ़ में हरियाणा विधानसभा के पूर्व स्पीकर कुलदीप शर्मा ने मीडिया से बातचीत में जो कहा, उसके बाद ये सवाल खड़े हो गए हैं. उन्होंने पार्टी के नेताओं के एक धड़े पर बिना नाम लिए जोरदार हमला बोला है. क्या कुलदीप शर्मा ने कांग्रेस के बागी G-23 नेताओं के साथ पेपर पर हस्ताक्षर किए थे ? उन्होंने कहा कि उनसे धोखे से साइन करवाए गए हैं. गुलाम नबी आजाद और भूपेंद्र सिंह हुड्डा मुझे गाड़ी में ले गए थे, मुझ से पेपर पर संगठन का कागज बताकर साइन करवाए. 23 के दस्तखत उसमें थे.
"ज़मीनी कार्यकर्ता के तौर पर सामने आया हूं" : कुलदीप शर्मा उनके कांग्रेसी होने के सवाल पर अपने विरोधियों को जवाब देते हुए कहते हैं कि मैं कांग्रेस के जमीनी कार्यकर्ता के तौर पर आपके सामने आया हूं. बड़े वक्त से देश और प्रदेश की राजनीति आंदोलित हो रही है. केंद्र और राज्य की सरकारों के खिलाफ आक्रोश है, समय-समय पर ये बाहर आ रहा है. बदलाव की आंधी चल रही है. जिन युवाओं ने बीजेपी की सरकार बनाई थी, आज उन युवाओं में राहुल गांधी की धूम है. उनको लेकर युवाओं में जोश है और बदलाव की आंधी चल रही है.
"मुझे बोलने से रोका गया": वे खुद के कांग्रेसी होने की बात को सिद्ध करते हुए कहते हैं कि हरियाणा में बेरोजगारों की फौज खड़ी है, कांग्रेस इसके खिलाफ खड़ी है. कानून व्यवस्था बुरी तरह चरमराई हुई है. हरियाणा में कानून व्यवस्था सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है. सरकारी कार्यालयों में भ्रष्टाचार फैला हुआ है. HKRN उसका जीता जागता उदाहरण है. कुलदीप शर्मा HKRN को लेकर कांग्रेस के प्रदर्शन को सही मानते हैं, उसे वे सही कदम बताते हैं, लेकिन उस मंच पर हरियाणा कांग्रेस के एक दिग्गज नेता के उनका नाम सूची में न रखने को लेकर वे बिना नाम लिए कहते हैं कि मैं जब HKRN पर बोलना चाह रहा था तो मुझे एक नेता ने रोकने की कोशिश की. ये कांग्रेस की इंटरनल डेमोक्रेसी को खत्म करने के बराबर है. मुझे बोलने नहीं दिया जाता है मेरे बोलने में तकलीफ क्या है. मैं बीजेपी के खिलाफ बोलूंगा. जब मुझे बोलने से रोका गया, उसके बाद भी मैंने नेता प्रतिपक्ष और अध्यक्ष को प्रदर्शन करने के लिए धन्यवाद किया.
"कांग्रेस को नुकसान पहुंचेगा तो बोलूंगा" : दीपेंद्र हुड्डा के खिलाफ सज्जन कुमार मामले में कुलदीप शर्मा ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष को पत्र लिखा था. इस पर वे कहते हैं कि जब एक व्यक्ति ने माफी मांग ली खेद प्रकट कर दिया, फिर क्या रह गया. मैं तो इस मुद्दे को खत्म करना चाहता था, लेकिन कुछ लोगों को मेरे पीछे लगा दिया गया. कांग्रेस को जो बात नुकसान करें, उसके खिलाफ मैं कहूंगा. इसलिए मैंने चिट्ठी लिखी. वे कहते हैं कि जब तुम माफी मांग रहे हो तो फिर कुछ तो आपने कहा होगा. मेरे से पहले चन्नी ने आवाज उठाई, उनको किसी ने रोका, राजा वाडिंग ने उठाई, उनके राज्य का मुद्दा है. मुझे भी सिख समर्थकों ने कहा, मैंने पार्टी अध्यक्ष को लिखा. मैं AICC का सदस्य हूं, ये काम तो पार्टी का कार्यकर्ता भी कर सकता है. कांग्रेस में स्ट्रक्चर है, मैं उसका सम्मान करता हूं. दीपेंद्र हुड्डा ने खेद व्यक्त करके चैप्टर क्लोज करने की कोशिश की है. फिर यह क्लोज हो गया. यह मामला अब मेरे और कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष के बीच है.
"सोशल मीडिया के जरिए हमला किया गया": वे कहते हैं कि कुछ लोग सोशल मीडिया पर मेरी कांग्रेस छोड़ने की बातें करते हैं, लेकिन मैं सोशल मीडिया नहीं चलाता. मैं पार्टी का साधारण कार्यकर्ता हूं. कृपा करके यह अफवाहें फैलाना बंद करो. वे कहते हैं कि कुछ लोगों के गुट ने दीपेंद्र हुड्डा मामले के बाद उनपर सोशल मीडिया के जरिए हमला करना शुरू कर दिया. वे कहते हैं किसी पर भी जातीय आक्रमण नहीं करने चाहिए. यह गलत है. ऐसा करना सही नहीं है. वहीं वे कहते हैं कुछ नेता ऐसे बयान देते हैं जिससे बीजेपी को फायदा होता है और कांग्रेस को नुकसान होता है. किसी की भावनाएं आहत नहीं होनी चाहिए, जातिवाद की बात नहीं करनी चाहिए. हुड्डा बड़े हैं वे समझा सकते हैं, मैं भी अपने छोटों को कह सकता हूं. बीजेपी को मदद तो ऐसे बयान देने वाले ही कर रहे हैं.
"भूपेंद्र हुड्डा की राजनीति में अपनी जगह है" : वे कहते हैं कि भूपेंद्र सिंह हुड्डा की राजनीति में अपनी जगह है, मेरे से बड़े हैं, उनका राजनीति में अपना स्थान है. हमारे कहने या ना कहने से उनका स्थान कम नहीं हो जाता है. इसलिए कोई इससे घबराए नहीं. मैं साधारण कार्यकर्ता के तौर पर बात कर रहा हूं, मैं उन लोगों की आवाज हूं जिन्होंने विधानसभा चुनाव के लिए दावेदारी की. वे कहते हैं कि पार्टी को हर आदमी को जगह देनी होगी. एक आदमी की पार्टी नहीं है. सबको मौका देना होगा. हम सब एक गुलदस्ते की तरह काम करें. हर वर्ग के नेता पार्टी में थे. हर वर्ग की छाया पार्टी में थी. मैंने तो कहा था हुड्डा सीएम बने, लोग नहीं चाहते तो मैं क्या करूं. सबका साथ पार्टी में होना चाहिए. मैं 2001 की कांग्रेस का निर्माण करना चाहता हूं. मेरे पर कई तरफ से लोग आक्रमण करने के लिए लगाए हैं. मैं सीएलयू वाला नेता नहीं हूं. सभी राजनीतिक दलों में लोग रातों रात अमीर हो रहे हैं. क्या लोगों को यह दिखता नहीं है.
"पार्टी पर किसी एक का अधिकार नहीं" : वे कहते हैं पार्टी के पुनर्निर्माण में सबका सहयोग होना चाहिए. सबको सम्मान मिलना चाहिए. एक मेरा इतिहास बता रहे हैं कि मेरी जमानत जब्त हुई थी. हां हुई थी. कईयों की तो पार्टी टिकट पर भी जमानत जब्त हुई थी. सबको पार्टी में जगह मिलनी चाहिए, सबको साथ लेकर चलो, पार्टी सत्ता में आ जाएगी. मैं यह नहीं कह रहा कि पार्टी पर किसी एक का अधिकार है. जिसने मुझे कहने से रोका तो किसी ने उसे रोका क्यों नहीं. कांग्रेस सांसद जेपी ने मीडिया में कहा है कि कुलदीप शर्मा के बेटे की रिसेप्शन सज्जन कुमार के घर हुई थी. इस पर वे कहते हैं कि जेपी को तो मैंने बुलाया नहीं था, जेपी में ताकत है तो यह एफिडेविट दें कि मेरे बेटे की रिसेप्शन सज्जन कुमार के घर हुई. पांच अशोक रोड पर हुई थी. उस वक्त सज्जन कुमार एमपी नहीं थे. कहो ना मैं भ्रष्टाचारी हूं, कह नहीं सकते. सज्जन कुमार की मौत पर वे कहते हैं कि भगवान के आदेश के आगे मैं कुछ नहीं कह नहीं सकता. वहीं उन्होंने पिछले राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस के नौ वोट खराब होने पर बिना नाम लिए पार्टी नेताओं पर सवाल भी उठाए. उन्होंने कहा कि नौ वोट राज्यसभा में पार्टी के गए, पांच पर एक्शन हुआ, बाकी चार हैं कौन?.
हरियाणा समेत देश की ताजा ख़बरें पढ़ने के लिए ईटीवी भारत ऐप डाउनलोड करें. यहां आपको मिलेंगी तमाम बड़ी ख़बरें, लोकसभा चुनाव से जुड़ी हर ख़बर, हर बड़ा अपडेट, वो भी सबसे सटीक और डिटेल एनालिसिस के साथ - Download App
ये भी पढ़ें : दीपेंद्र हुड्डा को AICC की सदस्यता से हटाने की मांग, कुलदीप शर्मा बोले- 'रोल मॉडल वाले बयान से सिख समुदाय में रोष'
ये भी पढ़ें : 'रोल मॉडल' वाले बयान पर दीपेंद्र हुड्डा बोले- 'मेरी कभी भी किसी को ठेस पहुंचाने की भावना नहीं रही'
ये भी पढ़ें : 'रोल मॉडल’ बयान पर दीपेंद्र हुड्डा को डॉ. अर्चना गुप्ता का जवाब, बोलीं- 'सिखों की पीड़ा नहीं भूल सकते'

