खैरागढ़ में कोटवारों की बेमियादी हड़ताल, नियुक्ति में वंशज प्रक्रिया की अनदेखी का आरोप
कोटवार एसोसिएशन ऑफ छत्तीसगढ़ जिला इकाई ने खैरागढ़ में विरोध प्रदर्शन तेज कर दिया है.

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : August 22, 2026 at 6:13 PM IST
खैरागढ़: छत्तीसगढ़ में विरोध प्रदर्शनों का दौर जारी है. अब कोटवारों ने नियुक्तियों को लेकर अपना विरोध जताया है. खैरागढ़ में कोटवारों ने बेमियादी हड़ताल शुरू कर दी है. कोटवार नियुक्ति में नियमों की अनदेखी और ड्यूटी व्यवस्था को लेकर कोटवारों ने नाराजगी जताई है. हड़ताल के चलते कोटवारों ने अपनी मांगों को लेकर प्रशासन के सामने आर-पार की लड़ाई का ऐलान किया है.
कोटवार संघ का बड़ा आरोप
संघ का सबसे बड़ा आरोप नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर है. कोटवारों का कहना है कि वर्षों से चली आ रही वंशानुगत नियुक्ति व्यवस्था में कोटवार परिवार के पात्र वंशजों की जगह गैर-वंशजों को नियुक्त किया जा रहा है. इसके अलावा कहीं नियुक्ति अस्थायी तो कहीं स्थायी किए जाने से भी व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं.संघ ने तहसील कार्यालयों द्वारा कोटवारों की ड्यूटी अलग-अलग स्थानों पर लगाए जाने का भी विरोध किया है. उनका आरोप है कि शासन के निर्देशों के बावजूद ड्यूटी व्यवस्था में मनमानी की जा रही है.
कोटवारों की नियुक्ति नियम के तहत किए जाएं
कोटवार संघ के जिलाध्यक्ष बिरेश कुमार मेश्राम ने 1959 की धारा 230 का हवाला देते हुए कहा कि "नियमानुसार कोटवार पद पर संबंधित परिवार के वंशज को नियुक्ति मिलनी चाहिए. छुईखदान तहसील के दल्लीखोली गांव का उदाहरण देते हुए नियुक्ति प्रक्रिया की जांच की मांग की"
25 अगस्त को कोटवार तहसील धरना स्थल से कलेक्टर कार्यालय तक रैली निकालेंगे और कलेक्टर को ज्ञापन सौंपेंगे. संघ ने साफ कर दिया है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक अनिश्चितकालीन आंदोलन जारी रहेगा-बिरेश कुमार मेश्राम, कोटवार संघ के जिलाध्यक्ष
खैरागढ़ में कोटवारों के विरोध प्रदर्शन को लेकर जिला प्रशासन क्या फैसला लेता है. इस पर कोटवारों के अलावा अन्य लोगों की नजरें टिकी हुई है.

