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लातेहार में ग्रामीणों की तत्परता से बची कोटरा प्रजाति के हिरण की जान, कुत्तों ने किया था हमला

लातेहार में विलुप्तप्राय कोटरा हिरण पर आवारा कुत्तों ने हमला कर दिया. ग्रामीणों की तत्परता से हिरण की जान बची.

Kotra deer in Latehar
लातेहार में घायल हिरण की देखभाल करते ग्रामीण. (फोटो-ईटीवी भारत)
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By ETV Bharat Jharkhand Team

Published : February 27, 2026 at 6:19 PM IST

3 Min Read
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लातेहार: पलामू टाइगर रिजर्व से सटे मनिका प्रखंड के चेचेन्धा गांव के ग्रामीणों की तत्परता के कारण शुक्रवार को विलुप्तप्राय कोटरा प्रजाति के हिरण की जान बच गई. कुत्तों के हमले से हिरण गंभीर रूप से घायल हो गया था. जिसे स्थानीय ग्रामीणों ने सुरक्षित बचाकर उसे वन विभाग के हवाले कर दिया. डीएफओ प्रवेश अग्रवाल के निर्देश पर घायल हिरण का इलाज शुरू हो गया है.

दरअसल, पलामू टाइगर रिजर्व के इलाके से भटक कर एक कोटरा प्रजाति का हिरण शुक्रवार को मनिका थाना क्षेत्र के चेचेन्धा गांव की ओर आ गया था. कोटरा हिरण पर अचानक आवारा कुत्तों ने हमला कर दिया. हिरण जान बचाने के लिए भागने लगा, लेकिन कुत्तों ने उसे घेर कर गंभीर रूप से घायल कर दिया.

जानकारी देते ग्रामीण. (वीडियो-ईटीवी भारत)

इधर, स्थानीय ग्रामीणों ने हिरण पर कुत्तों को हमला करते हुए देखा तो ग्राम प्रधान सेठा उरांव के नेतृत्व में ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए आवारा कुत्तों को पत्थर से मारकर भगाया और कोटरा हिरण की जान बचाई. ग्रामीणों ने हिरण को सुरक्षित अपने पास रखा और इसकी सूचना तत्काल वन विभाग को दी.

हालांकि मनिका प्रखंड में पदस्थापित वन कर्मियों ने इस मामले को ज्यादा गंभीरता से नहीं लिया. इसके बाद ग्रामीणों ने इसकी सूचना डीएफओ प्रवेश अग्रवाल को दी. सूचना मिलते ही डीएफओ ने तत्काल वन विभाग के कर्मियों को घटनास्थल पर भेजा और हिरण का रेस्क्यू करवाया. डीएफओ के निर्देश पर घायल हिरण का इलाज किया जा रहा है.

Kotra deer in Latehar
लातेहार में घायल हिरण और ग्रामीणों की भीड़. (फोटो-ईटीवी भारत)

इधर, इस संबंध में स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि शुक्रवार को अचानक आवारा कुत्तों को एक हिरण पर हमला करते हुए देखा गया. ग्रामीणों की तत्परता के कारण हिरण को कुत्तों से बचा लिया गया. ग्रामीणों ने कहा कि वन विभाग को इसकी सूचना दे दी गई है.

वहीं इस संबंध में डीएफओ प्रवेश अग्रवाल ने बताया कि सूचना मिलने के बाद घायल हिरण का इलाज करवाया गया. डीएफओ ने बताया कि इलाज के बाद हिरण को उसके झुंड में छोड़ दिया जाएगा. डीएफओ ने ग्रामीणों से अपील की है कि जंगली जानवरों से संबंधित किसी भी प्रकार की सूचना हो तो सीधे उन्हें भी जानकारी दे सकते हैं. ग्रामीणों की सूचना पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने हिरण को बचाने वाले ग्रामीणों की तारीफ की.

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