कोटा ग्रामीण पुलिस ने आदिल पर रखा था चवन्नी इनाम, तीन साथी भी धरे गए, अवैध हथियार बरामद
पुलिस की जवाबी कार्रवाई में घायल हिस्ट्रीशीटर आदिल को तीन साथियों के साथ कोटा लाया गया.

Published : January 11, 2026 at 8:53 PM IST
कोटा: कोटा सिटी पुलिस के दो मामलों में फरार हिस्ट्रीशीटर आदिल मिर्जा ग्रामीण पुलिस से मुठभेड़ में घायल हो गया. उसे तीन साथियों के साथ गिरफ्तार कर लिया गया. घायल आदिल को इलाज के लिए रविवार शाम कोटा लाया गया. कोटा ग्रामीण एसपी सुजीत शंकर ने आदिल पर चवन्नी इनाम रखा था.
कोटा ग्रामीण पुलिस अधीक्षक सुजीत शंकर ने बताया कि हिस्ट्रीशीटर आदिल मिर्जा और उसके साथ तीन साथियों को गिरफ्तार किया है. ग्रामीण पुलिस ने आदिल के खिलाफ 25 पैसे यानी चवन्नी का इनाम रखा था, जबकि कोटा शहर पुलिस ने 10 हजार इनाम घोषित किया. उसके साथ गिरफ्तार आरोपी फैजल, फय्युम व अल्फेज मोडक के रहने वाले हैं. कोटा शहर के सूरजपोल निवासी साथी शरीफ मौके से भाग गया. गिरफ्तार आरोपियों के पास एक 12 बोर का देसी कट्टा, दो नाली, दो देसी कट्टा व एक पिस्टल मिले है. तीन मैगजीन के साथ 16 जिंदा कारतूस, एक चाकू, तीन एंड्रॉयड समेत चार फोन मिले हैं. मोटरसाइकिल और स्कूटी भी जब्त की. आरोपियों को पहले मोडक अस्पताल ले गए, जहां से रामगंजमंडी अस्पताल और फिर कोटा के एमबीएस अस्पताल लाए. कोटा अस्पताल में भारी सुरक्षा के बीच इलाज को रखा है.
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एसएचओ ने चलाई गोली: अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रामकल्याण मीणा ने बताया कि 9 जनवरी की रात कोटा सिटी पुलिस पर आदिल ने सांगोद में फायरिंग की थी. सांगोद में मुकदमा होने के बाद आदिल की तलाश थी. उसके मोडक में होने की सूचना मिली. सांगोद थाना अधिकारी अनिल कुमार सहित अन्य थानों की पुलिस मौके पर जा रही थी कि मोडक में चौसला ब्रिज के पास आदिल छुपा था. पुलिस ने घेराबंदी की. आदिल ने पुलिस पर एक फायर किया. इसके जवाब में सांगोद एसएचओ ने गोली चलाई जो आदिल के पैर पर लगी. अन्य भाग रहे आरोपियों को भी पुलिस ने पकड़ लिया. ये आरोपी भागते समय गिरने से चोटिल हो गए.
एक महीने में चार केस: एसपी सुजीत शंकर ने बताया कि 45 वर्षीय आदिल के खिलाफ वर्ष 1996 में पहला केस हुआ, जब वह नाबालिग था. इसके बाद लगातार अपराध करता रहा. साल 2020 तक 30 मुकदमे हो गए. चार मुकदमे बीते 1 माह में हुए हैं. इनमें दो मुकदमे कैथूनीपोल, एक-एक सांगोद एवं मोडक में दर्ज है. अब फायरिंग, जानलेवा हमला, एससी एसटी एक्ट, आर्म्स एक्ट, महामारी अधिनियम व अन्य धाराओं में कुल 34 केस दर्ज हैं. उसके गिरफ्तार साथी फैजल पर चार एवं फय्युम पर दो केस हैं.
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निशाने पर मददगार: एसपी सुजीत ने बताया कि आदिल ने 9 जनवरी की रात को सिटी पुलिस पर फायरिंग की और सांगोद से फरार हो गया. इसके बाद कुछ लोगों के पास रुका. इनका पता लगा रहे हैं. आदिल की फरारी के दौरान मदद करने वाले लोगों पर भी पुलिस की निगाहें हैं. इन पर कार्रवाई होगी. जहां रविवार को आदिल पकड़ा गया, वहां भी मदद करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी.आदिल यहां 10 जनवरी की रात ही पहुंचा था.
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