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निकाय चुनाव 2026: कोटा में नामांकन के दूसरे दिन भी सन्नाटा, अंतिम दिन सोमवार को होगी भीड़, भाजपा-कांग्रेस ने नहीं खोले पत्ते

भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा में प्रभारी को लेकर विवाद है. मोर्चा अध्यक्ष साहिल ने आरोप लगाया कि इस्तीफा दे चुके व्यक्ति को प्रभारी बना दिया गया.

Civic Polls 2026
नामांकन भरने आया एक प्रत्याशी (ETV Bharat Kota)
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By ETV Bharat Rajasthan Team

Published : August 29, 2026 at 6:26 PM IST

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कोटा: नगर निगम चुनाव के लिए नामांकन के दूसरे दिन शनिवार को भी सन्नाटा रहा. अब तक 44 नामांकन हुए हैं. भाजपा-कांग्रेस ने टिकट घोषित नहीं किए, इसलिए दावेदार इंतजार में हैं. अंतिम दिन सोमवार 31 अगस्त को भीड़ उमड़ने की संभावना है. आमतौर पर ढोल-नगाड़ों के साथ नामांकन होते हैं, लेकिन इस बार शोर, नारेबाजी और फूल-मालाएं नदारद रहीं. अभी तक भाजपा और कांग्रेस दोनों ने ही अपने पत्ते नहीं खोले हैं, ताकि बगावत रोकी जा सके. इसका असर नामांकन पर भी दिखा. आमतौर पर दावेदार समर्थकों की फौज, ढोल-नगाड़ों और नारेबाजी के साथ नामांकन करने आते हैं, लेकिन पिछले दो दिनों में न ढोल का शोर था, न नारेबाजी, फूल-मालाएं भी नदारद रहीं. इक्का-दुक्का प्रत्याशी ही पहुंचे.

अतिरिक्त जिला कलेक्टर (सीलिंग) रवि कुमार वर्मा ने बताया कि अब तक 44 नामांकन हुए हैं. सोमवार अंतिम दिन है, बड़ी संख्या में आवेदन की संभावना है. कलेक्ट्रेट में पुलिस की भारी व्यवस्था है और प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर ली हैं. कांग्रेस शहर जिला अध्यक्ष राखी गौतम ने कहा कि प्रदेश नेतृत्व के निर्देश पर सीधे सिंबल देने की योजना है. अभी कुछ फाइनल नहीं है, टिकट का निर्णय प्रदेश नेता तय करेंगे.

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चुनाव कार्यालय के बाहर तैनात पुलिस (ETV Bharat Kota)

पढ़ें: निकाय चुनाव 2026: भाजपा में बगावत, महिला मोर्चा का जिला कार्यालय में धरना, प्रदेश अध्यक्ष ने पदाधिकारियों को जयपुर बुलाया

सभी दावेदारों से कहा गया है कि दस्तावेज तैयार रखें और नामांकन दाखिल कर दें. एक वार्ड से दो या अधिक नामांकन भी हो सकते हैं, सिंबल टिकट प्राप्त उम्मीदवार को ही मिलेगा. भाजपा शहर जिला अध्यक्ष राकेश जैन ने कहा कि अभी कोई टिकट फाइनल नहीं है. दावेदार स्वतः नामांकन पत्र तैयार कर रहे हैं, पार्टी स्तर पर मंथन चल रहा है.

इस्तीफा दे चुके व्यक्ति को बनाया प्रभारी: भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा में प्रभारी को लेकर विवाद है. शहर जिला अध्यक्ष साहिल मिर्जा ने आरोप लगाया कि इस्तीफा दे चुके व्यक्ति को प्रभारी बना दिया गया. सीएए-एनआरसी विरोध प्रदर्शनों में शामिल रहे नौशीन खान को प्रभारी बनाया गया है, जो पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल रहे हैं. इस संबंध में अल्पसंख्यक मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष को शिकायत दी गई है.