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कोरिया जिले में कुएं का गंदा और कीड़ों से भरा पानी पीने की मजबूरी, ऊपर से मधुमक्खियों का खतरा अलग

जिले के सलबा गांव में गंदा पानी पीने को मजबूर ग्रामीण, जलस्तर नीचे जाने से परेशानी, नल-जल योजना भी कागजों पर

Koriya water crisis
आजादी के इतने साल बाद भी लोग साफ पेयजल जैसी बुनियादी सुविधा के लिए जूझ रहे (ETV BHARAT CHHATTISGARH)
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By ETV Bharat Chhattisgarh Team

Published : April 26, 2026 at 10:20 AM IST

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कोरिया: जिला मुख्यालय से महज 8 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम पंचायत सलबा से एक चिंताजनक तस्वीर सामने आई है. यहां आजादी के इतने साल बाद भी लोग साफ पेयजल जैसी बुनियादी सुविधा के लिए जूझ रहे हैं. गर्मी की शुरुआत के साथ हालात और बदतर हो गए हैं. अब यह समस्या सिर्फ पानी की कमी नहीं बल्कि जान के खतरे में भी बदल चुकी है. क्योंकि यहां मधुमक्खियों के हमले का डर भी बना हुआ है.

कोरिया जिले के सलबा गांव में गंदा पानी पीने को मजबूर ग्रामीण (ETV BHARAT CHHATTISGARH)

कुएं का गंदा और कीड़ों से भरा पानी पीने की मजबूरी

ग्राम पंचायत सलबा में ग्रामीणों को मजबूरी में एक ढोढ़ी (छोटा कुआं) का गंदा और असुरक्षित पानी पीना पड़ रहा है. यह पानी न सिर्फ गंदा है बल्कि बीमारियों को भी न्योता दे रहा है. कई छोटे-छोटे जीव पानी में दिख जाते हैं. लेकिन विकल्प के अभाव में यही पानी ग्रामीणों की जिंदगी का सहारा बना हुआ है.

ऊपर से मधुमक्खियों का खतरा अलग

स्थिति तब और खतरनाक हो जाती है जब इस ढोढ़ी के आसपास बड़ी संख्या में मधुमक्खियों ने अपने छत्ते बना लिए हैं. पानी भरने या नहाने जाने वाले ग्रामीणों पर मधुमक्खियों के हमले आम हो गए हैं. बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं इन हमलों का शिकार हो चुके हैं. जिससे पूरे गांव में दहशत का माहौल है.

गंदा हो या अच्छा यही पानी सहारा है. कुछ दिन पहले एक छोटा बच्चे पर भी मधुमक्खियों ने हमला किया. इसके बाद से बच्चे यहां जाने से डरने लगे हैं.- स्थानीय महिला फूलमती बेग

Koriya water crisis
जलस्तर नीचे जाने से परेशानी, नल-जल योजना भी कागजों पर (ETV BHARAT CHHATTISGARH)

नल-जल योजना कागजों पर

सरकार की बहुचर्चित नल-जल योजना यहां सिर्फ कागजों तक सीमित नजर आ रही है. गांव में घर-घर नल तो लगाए गए हैं. लेकिन न तो पानी की टंकी बनी है और न ही कनेक्शन चालू हुआ है. यानी योजना अधूरी और बेअसर साबित हो रही है. दूसरी ओर गांव में लगे हैंडपंप भी किसी काम के नहीं हैं. कहीं से गंदा पानी निकलता है तो कहीं वे पूरी तरह सूख चुके हैं. ऐसे में ग्रामीणों के पास इस खतरनाक ढोढ़ी के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं बचा है.

यहां का पानी भी सूखने के कगार पर

ग्रामीण लालसाय और अनिल बेग का कहना है कि गर्मियों में यह ढोढ़ी भी सूखने लगती है. जिससे हालात और भी गंभीर हो जाते हैं. कई बार शिकायत करने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है.

Koriya water crisis
कुएं का गंदा और कीड़ों से भरा पानी पीने की मजबूरी (ETV BHARAT CHHATTISGARH)

सरपंच का जवाब

सरपंच आशुतोष कुजूर का कहना है कि पूरे ग्राम पंचायत में जलस्तर लगातार नीचे जा रहा है, यही सबसे बड़ी समस्या है. दो-तीन दिन पहले ग्रामीणों ने जानकारी दी कि ढोढ़ी के पास मधुमक्खियों ने छत्ता बना लिया है जिससे लोगों को परेशानी हो रही है.

हमने पीएचई विभाग के माध्यम से बोर खनन भी कराया लेकिन वहां ड्राई बोर निकल गया. जलस्तर कम होने की वजह से अब आगे खनन कर पाना भी मुश्किल हो रहा है- आशुतोष कुजूर, सरपंच

सरपंच का कहना है कि जल जीवन मिशन को लेकर अधिकारियों से चर्चा भी हुई. उन्होंने बताया कि वे पहले पानी के स्त्रोत को तैयार कर रहे हैं. अगर पानी पर्याप्त मात्रा में मिलता है तब ही आगे का स्ट्रक्चर स्थापित होगा. ऐसे में अब अब सवाल यह है कि आखिर कब तक सलबा के ग्रामीण गंदे पानी और जानलेवा खतरों के बीच अपनी जिंदगी जीने को मजबूर रहेंगे.

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