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700 वर्षों की परंपरा का साक्षी: कोंडागांव का ऐतिहासिक मेला शुरू, 24 परगना से देवी देवताओं का समागम

कोंडागांव के स्थानीय बुजुर्गों के मुताबिक मेले का इतिहास करीब सात शताब्दी पुराना है, जो पीढ़ी दर पीढ़ी निरंतर जारी है.

KONDAGAON HISTORIC FAIR
कोंडागांव का ऐतिहासिक और पारंपरिक मेला (ETV Bharat Chhattisgarh)
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By ETV Bharat Chhattisgarh Team

Published : February 25, 2026 at 10:02 AM IST

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Updated : February 25, 2026 at 12:20 PM IST

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कोंडागांव: छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले का ऐतिहासिक और पारंपरिक मेला विधिवत रूप से शुरू हो गया है. लगभग 700 वर्षों से चली आ रही यह गौरवशाली परंपरा आज भी आस्था, सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक एकता का अद्भुत प्रतीक बनी हुई है.

24 परगना से देवी देवताओं का समागम

कोंडागांव के ऐतिहासिक देव मेला की शुरुआत देवी-देवताओं की पावन परिक्रमा के साथ हुई. मेला परिसर में देवी-देवताओं की शोभायात्रा और परिक्रमा के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी. पारंपरिक वाद्ययंत्रों की धुन, जयकारों और पूजा-अर्चना के बीच पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया. इस आयोजन में 24 परगना से देवी-देवताओं का समागम होता है, जो क्षेत्रीय एकता और समरसता का अनूठा उदाहरण प्रस्तुत करता है.

कोंडागांव का ऐतिहासिक और पारंपरिक मेला (ETV Bharat Chhattisgarh)

कोंडागांव का ऐतिहासिक देव मेला पिछले 600 से ज्यादा सालों से अनवरत चल रहा है. इस देव मेले में आसपास के देवी देवता आते हैं. हम कोंडागांव के साथ साथ पूरे छत्तीसगढ़ की सुख समृद्धि की कामना करते हैं. ऐतिहासिक मेला का सभी को इंतजार रहता है- मोहन मरकाम, पूर्व मंत्री

धार्मिक अनुष्ठानों के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम

छः दिवसीय इस मेले में धार्मिक अनुष्ठानों के साथ-साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों की भी धूम रहेगी. बुधवार की रात जिले के विभिन्न अंचलों से आए आदिवासी लोक नर्तक दलों के बीच प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी. यह प्रतियोगिता क्षेत्र की समृद्ध लोकसंस्कृति, पारंपरिक नृत्य शैलियों और वेशभूषा की जीवंत झलक प्रस्तुत करेगी. स्थानीय ग्रामीणों और बाहर से आए दर्शकों में इस आयोजन को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है.

KONDAGAON HISTORIC FAIR
1 मार्च रविवार को मेला का समापन (ETV Bharat Chhattisgarh)

विगत 700 सालों से कोंडागांव का लोकप्रिय वार्षिक महोत्सव धूमधाम से मनाया जाता है. नगर पालिका परिषद कोंडागांव और ग्राम देव शीतला माता के नेतृत्व में होता है. हर उल्लास के साथ सात दिनों तक महोत्सव मनाया जाता है. यहां आने वाले भक्तों के लिए हर तरह की व्यवस्था की गई है - जसकेतू उसेंडी, नगरपालिका उपाध्यक्ष, कोंडागांव

1 मार्च रविवार को मेले का समापन

मेले के दौरान ग्रामीण हस्तशिल्प, पारंपरिक व्यंजन और विभिन्न प्रकार के दुकानों से मेला परिसर गुलजार रहेगा. यह आयोजन केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक पहचान और परंपराओं को सहेजने का महाउत्सव है. रविवार 1 मार्च को मेले का समापन होगा. तब तक कोंडागांव में आस्था, संस्कृति और उत्सव का यह संगम निरंतर जारी रहेगा.

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Last Updated : February 25, 2026 at 12:20 PM IST