खुद का शुरू करना चाहते हैं बिजनेस, सरकार की इस स्कीम में कराएं रजिस्ट्रेशन, जानिए फायदे और प्रोसेस
अपना काम शुरू कर चुके हैं या करने वाले हैं, तो उद्यम रजिस्ट्रेशन (MSME) आपकी सफलता की पहली सीढ़ी है.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : January 6, 2026 at 6:58 PM IST
|Updated : January 6, 2026 at 11:17 PM IST
मेरठ (श्रीपाल तेवतिया) : आज का युवा नौकरी की जगह बिजनेस को तवज्जो दे रहा है. अक्सर युवा पैसे की कमी के कारण बिजनेस को आगे नहीं बढ़ा पाते. अगर बैंक से लोन लेकर भी कारोबार करते हैं तो उन्हें ब्याज चुकाना पड़ता है, जिसे लेकर हमेशा डर बना रहता है कि कहीं कारोबार अच्छा नहीं चला तो क्या होगा?
इन सभी समस्याओं को सरकार MSME (Micro, Small and Medium Enterprises) के जरिए दूर कर रही है. हालांकि इस सरकारी लाभ को पाने के लिए MSME का रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी है. अगर आप भी अपना काम शुरू कर चुके हैं या करने वाले हैं, तो उद्यम रजिस्ट्रेशन (MSME) आपकी सफलता की पहली सीढ़ी है.
MSME यानी सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग में पंजीकरण से स्वरोजगार से जुड़े उद्यमी और नव उद्यमियों के लिए कई अवसर खुल जाते हैं. वहीं आगे बढ़ने के दौरान आने वाली समस्याओं से भी दो चार नहीं होना पड़ता. साथ ही सुरक्षा भी मिल जाती है. एक फोरम भी उनके पास होता है, जहां किसी परेशानी के समय कारोबारी अपनी बात रख सकते हैं.
मेरठ के उपायुक्त उद्योग दीपेंद्र कुमार बताते हैं, हर कारोबारी को MSME का रजिस्ट्रेशन अवश्य करना चाहिए. उद्यम रजिस्ट्रेशन मिनिस्ट्री ऑफ एमएसएमई की भारत सरकार का ऑनलाइन पोर्टल है. कोई भी उद्यमी अपनी इकाई का निशुल्क आवेदन कर रजिस्ट्रेशन करा सकता है. उसमें कुछ बेसिक डिटेल की आवश्यकता होती है.

बेहद ही लाभकारी और उपयोगी है : उपायुक्त उद्योग दीपेंद्र कुमार ने बताया, किसी भी बैंक में किसी भी उद्यम को चलाने के लिए करंट अकाउंट ओपन करने के लिए भी MSME रजिस्ट्रेशन मांगा जाता है. इसी प्रकार सरकार की विभिन्न योजनाओं जैसे मुद्रा स्कीम, सीएम युवा उद्यमी योजना, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार स्कीम आदि में भी बैंक लोन देने से पहले MSME रजिस्ट्रेशन मांगता है.
उपायुक्त उद्योग दीपेंद्र कुमार ने बताया, कोलैटरल-फ्री (Collateral-Free) ऋण के लिए व भारत सरकार द्वारा और प्रदेश सरकार के द्वारा चलाई जा रही योजनाओं में भी आवेदन कर सकते हैं. इतना ही नहीं सीजीटीएमएसई (CGTMSE) सूक्ष्म और लघु उद्यमों (MSME) के लिए भी रजिस्ट्रेशन का होना अनिवार्य होता है.

यूपी में उद्यमियों के लिए ऐसे है फायदेमंद
1. क्रेडिट गारंटी ट्रस्ट फंड स्कीम (CGTMSE) : बिना किसी संपत्ति को गिरवी रखे बैंक से लोन मिलने में आसानी होती है. बैंक लोन पर ब्याज दरों में 1% से 2% तक की राहत भी मिल सकती है.
2. सब्सिडी और रिफंड : पेटेंट पंजीकरण और बारकोड पंजीकरण पर भी सब्सिडी मिल सकती है, इसी प्रकार कई अलग अलग औद्योगिक श्रेणियों में बिजली बिल पर छूट का भी प्रावधान हो सकता है.
3. सरकारी टेंडर्स में प्राथमिकता : MSME में पंजीकृत कंपनियों को सरकारी खरीद (Government e-Marketplace - GeM) में आरक्षण और टेंडर फीस से छूट मिलती है, वहीं उनपर तमाम अवसर भी होते हैं.
4. उत्तर प्रदेश सरकार की विशेष योजनाएं : मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना, ओडीओपी (ODOP) योजना के तहत स्थानीय कारीगरों को मिलने वाली ब्रांडिंग और मार्केटिंग में भी ये पंजीरकण सहायता करता है. ऐसे में MSME रजिस्ट्रेशन के साथ इन योजनाओं का लाभ लेना बेहद आसान हो जाता है.

MSEFC कौंसिल करता है बुरे वक्त में सहयोग : उपायुक्त उद्योग दीपेंद्र कुमार ने बताया, 2006 के एक्ट के अनुसार MSME रजिस्ट्रेशन होना अनिवार्य है. अगर किसी उद्यमी का कहीं कोई भुगतान फंस जाता है या किसी तरह का कोई विवाद हो जाता है तो ऐसी स्थिति में उद्यमी MSEFC कौंसिल में जा सकता है. कौंसिल में अपनी बात रख सकता है. कौंसिल पूरी मदद करता है.
बिजनेस को आगे बढ़ाने के मिलते हैं ऑप्शन : उपायुक्त उद्योग दीपेंद्र कुमार ने बताया, मैन्युफैक्चरिंग, सर्विस या ट्रेडिंग एक्टिविटी करने वाले उद्यमी को MSME रजिस्ट्रेशन करना चाहिए. इसके कई फायदे मिलते हैं. जैसे जब भी अलग-अलग विभाग से एग्जीबिशन लगाई जाती है, तो सबसे पहले यही देखते हैं कि उसके पास MSME का रजिस्ट्रेशन है या नहीं. रजिस्ट्रेशन होने पर कई छूट और लाभ भी मिलते हैं. जिससे बिजनेस ग्रो करता है.


