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चंद्र ग्रहण के साये में होलीः बैद्यनाथ धाम के पुजारियों से जानिए कब जलेगी होलिका और कब खेलें रंग

चंद्र ग्रहण के साये में इस बार होली मनाई जाएगी. रिपोर्ट में जानिए होली का शुभ मुहूर्त कब है.

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बैद्यनाथ धाम (Etv Bharat)
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By ETV Bharat Jharkhand Team

Published : March 2, 2026 at 6:01 PM IST

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रिपोर्टः हितेश कुमार चौधरी

देवघरः इस बार होली के त्योहार को लेकर लोगों के मन में संशय का रंग कुछ ज्यादा ही गहरा हो गया था. वजह है 3 मार्च को पड़ने वाला चंद्र ग्रहण. लोग असमंजस में थे कि आखिर रंगों की होली 3 मार्च को खेला जाए या 4 मार्च को. इसी भ्रम को दूर करने के लिए ईटीवी भारत ने बैद्यनाथ धाम मंदिर में मौजूद वरिष्ठ पुजारियों और तीर्थ पुरोहितों से खास बातचीत की.

मंदिर के वरिष्ठ पुजारी बाबा झलक ने बताया कि 3 मार्च को शाम 5:30 बजे से करीब 7:00 बजे तक चंद्र ग्रहण रहेगा. शास्त्रों के अनुसार ग्रहण काल में कोई भी शुभ कार्य वर्जित होता है. इतना ही नहीं, चंद्र ग्रहण से 9 घंटे पूर्व सूतक काल प्रारंभ हो जाता है. इसी कारण इस बार होली के शुभ मुहूर्त को लेकर विशेष सावधानी बरती जा रही है.

हितेश चौधरी की रिपोर्ट (Etv Bharat)
दूसरी ओर, मंदिर के वरिष्ठ पुजारी बाबा नितेश ने जानकारी दी कि 3 मार्च को चंद्र ग्रहण लगने के कारण सूतक काल के मद्देनजर होलिका दहन 3 मार्च की अहले सुबह 3:50 बजे किया जाएगा. इसके बाद सुबह 5:30 बजे हरिहर मिलन का आयोजन होगा, जिसमें बाबा पर रंग और गुलाल अर्पित किया जाएगा. बाबा पर रंग चढ़ते ही होली के उत्सव की औपचारिक शुरुआत मानी जाएगी.

विशेष बात यह है कि ग्रहण के कारण 2 मार्च की रात भर मंदिर का पट खुला रहेगा, ताकि श्रद्धालु पूजा-अर्चना कर सके. वहीं, 3 मार्च की सुबह से दोपहर लगभग 1:00 बजे तक होली खेलने का शुभ समय बताया गया है. हालांकि आम लोग 4 मार्च को रंगों की होली खेलेंगे, लेकिन शास्त्र सम्मत शुभ मुहूर्त 3 मार्च की सुबह से दोपहर तक ही बन रहा है.

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