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बिहार में अब तक 10 लाख किसान रजिस्टर्ड, जानिए क्या-क्या मिलेंगी सुविधाएं?

बिहार में 10 लाख किसानों रजिस्टर्ड किया गया है. इससे किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिलने में सहूलियत होगी.

Kisan Registry Maha Abhiyan
भूमि सुधार एवं राजस्व मंत्री विजय सिन्हा (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Bihar Team

Published : January 10, 2026 at 8:21 PM IST

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पटना: बिहार कृषि विभाग द्वारा संचालित किसान रजिस्ट्री महाअभियान में 10 लाख किसानों का रजिस्ट्रेशन किया गया है. 9 जनवरी 2026 को शाम 08 बजे तक राज्य में कुल 10,41,341 किसानों का रजिस्ट्रेशन पूर्ण कर लिया गया है. भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि एग्रीस्टैक महाअभियान के तहत 10 लाख से अधिक किसानों का पंजीकरण बिहार सरकार की एक बड़ी उपलब्धि है.

सरकारी योजनाओं के लाभ में सहूलियत: उन्होंने कहा कि यह सफलता दोनों विभागों के समन्वय, जिला प्रशासन की सक्रियता और फील्ड स्तर पर तैनात सभी कर्मियों के समर्पित प्रयासों का नतीजा है. यूनिक किसान आईडी के माध्यम से किसानों को पीएम किसान सहित सभी सरकारी योजनाओं का पारदर्शी और समयबद्ध लाभ मिलेगा. इससे हमारे किसान बंधु समृद्ध बनेंगे.

"हमारा लक्ष्य है कि अभियान की निर्धारित अवधि में राज्य के प्रत्येक पात्र किसान को डिजिटल रूप से सशक्त किया जाए. राज्य इस दिशा में शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करे. इसी उद्देश्य से महाअभियान की तारीख को विस्तारित करने का निर्देश दिया गया है." -विजय सिन्हा, भूमि सुधार एवं राजस्व मंत्री

राज्य की बड़ी उपलब्धि: राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रधान सचिव सीके अनिल ने बताया कि 09 जनवरी को 2,68,500 के दैनिक लक्ष्य के विरुद्ध 1,86,073 किसानों का रजिस्ट्रेशन किया गया. इस महत्वपूर्ण कार्य में 69.30 प्रतिशत तक की उपलब्धि मिली है.

"यह उपलब्धि अभियान के मिशन मोड में संचालन एवं प्रभावी प्रशासनिक मॉनिटरिंग का परिणाम है. इसकी रफ्तार और तेज करने तथा सभी किसानों को समृद्ध बनाने के उद्देश्य से इसको 21 जनवरी तक विस्तारित किया गया है." -सीके अनिल, प्रधान सचिव, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग

एक दिन में 42 प्रतिशत वृद्धि: ट्रेंड विश्लेषण के अनुसार 8 जनवरी 2026 को शाम 8 बजे तक 1,30,489 किसानों का रजिस्ट्रेशन हुआ थाय 9 जनवरी की शाम 8 बजे तक यह संख्या बढ़कर 1,86,073 हो गई. इस प्रकार एक ही दिन में लगभग 42 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है.

अधिकारियों की मॉनिटरिंग से बढ़ोतरी: 9 जनवरी को सुबह 9 बजे तक उपलब्धि मात्र 2.78 प्रतिशत थी. इसकी निरंतर समीक्षा, जिला स्तरीय निगरानी एवं फील्ड स्तर पर तैनात वरीय राजस्व अधिकारियों की मॉनिटरिंग के चलते शाम 8 बजे तक यह बढ़कर 69.30 प्रतिशत तक पहुंच गई.

इन जिले ने किया उत्कृष्ट प्रदर्शन: अभियान के दौरान कई जिलों ने लक्ष्य से अधिक उपलब्धि हासिल कर बेस्ट प्रैक्टिस मॉडल प्रस्तुत किया है. मुजफ्फरपुर 138.51% और वैशाली 137.16% ने लगातार दूसरे दिन भी 100 प्रतिशत से अधिक उपलब्धि प्राप्त की. इसके अतिरिक्त अररिया 127.58%, भागलपुर 120.98% तथा कटिहार 108.13% ने भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है.

कमजोर प्रदर्शन वाले जिले: मधुबनी, बेगूसराय, समस्तीपुर, सिवान, सारण एवं कैमूर जैसे जिले 40 से 70 प्रतिशत उपलब्धि के दायरे में हैं. विभागीय स्तर पर आकलन किया गया है कि हल्का कर्मचारी, सीएससी एवं डीईओ के बेहतर समन्वय से इन जिलों को शीघ्र ग्रीन जोन में लाया जा सकता है. पूर्वी चंपारण, जहानाबाद, पटना, लखीसराय एवं मुंगेर जैसे जिलों में राज्य औसत से कम उपलब्धि दर्ज की गई है. विशेष रूप से बड़े लक्ष्य वाले जिलों में प्रगति तेज करने के लिए प्रशासनिक हस्तक्षेप और निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं.

e-KYC और फॉर्मर रजिस्ट्रेशन में अंतर: 9 जनवरी को सुबह 11:30 बजे तक 66,834 किसानों का e-KYC किया गया, जबकि 29,735 फॉर्मर रजिस्ट्रेशन ही हो सका, जो लगभग 44 प्रतिशत कन्वर्ज़न को दर्शाता है. इस अंतर को कम करने के लिए फील्ड स्तर पर तकनीकी सहायता, जागरूकता एवं मार्गदर्शन को और सुदृढ़ किया जा रहा है.

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