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थिस्पोले...किन्नौर का वो स्वाद, जो मेहमानों को भी नहीं होता नसीब, सेहत का है खजाना

किन्नौर का एक पकवान है जिसे शादी-विवाह में भी नहीं बल्कि कोई बड़ा धार्मिक अनुष्ठान और विशेष पूजा-पाठ में बनता है.

Kinnaur Traditional Dish Thispole
किन्नौर का प्रसिद्ध पकवान थिस्पोले शुतिया (ETV Bharat GFX)
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By ETV Bharat Himachal Pradesh Team

Published : December 20, 2025 at 10:00 PM IST

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Updated : December 20, 2025 at 10:21 PM IST

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श्रेया शर्मा की रिपोर्ट

शिमला: सरस मेले में घूमते हुए जब हर ओर हिमाचली व्यंजनों की खुशबू फैली हो, तभी एक कोने में किन्नौर जिले के विकासखंड पूह का स्टॉल लोगों को ठहरने पर मजबूर कर देता है. वजह कोई आम पकवान नहीं, बल्कि किन्नौर की वह पारंपरिक डिश है, जो न त्योहारों में आसानी से मिलती है, न शादी-ब्याह में और न ही हर मेहमान को परोसी जाती है. इस व्यंजन का नाम है थिस्पोले, जिसे ऊपरी किन्नौर में 'शुतिया' भी कहा जाता है.

ऐसा पकवान, जो सिर्फ विशेष मौकों पर बनता है

स्टॉल संचालक प्रांजली नेगी बताती हैं कि, "थिस्पोले किन्नौर की रोजमर्रा की डिश नहीं है. यह तभी बनाई जाती है, जब गांव में कोई बहुत बड़ा पूजा-पाठ, विशेष धार्मिक अनुष्ठान या फिर किसी परिवार में मृत्यु के बाद का संस्कार होता है. शादी या सामान्य त्योहारों में इसे नहीं बनाया जाता. उन अवसरों पर किन्नौर में सत्तू का हलवा बनाया जाता है और किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत सत्तू के हलवे से ही होती है. यही वजह है कि किन्नौर आने वाला पर्यटक भी इस डिश का स्वाद शायद ही चख पाता. यहां तक कि घर आए मेहमानों को भी यह हमेशा नहीं परोसी जाती."

किन्नौर का प्रसिद्ध पकवान थिस्पोले (ETV Bharat)

सिर्फ एक-दो गांवों तक सीमित है परंपरा

थिस्पोले पूरे किन्नौर में भी हर जगह नहीं बनती. यह परंपरा एक-दो गांवों तक ही सीमित है और जहां-जहां बनती है, वहां भी इसका तरीका अलग-अलग है. कहीं इसे मीठे रूप में, कहीं नमकीन और कहीं बिल्कुल फीका बनाया जाता है. सरस मेले में किन्नौर के स्टॉल पर यह तीनों रूपों में लोगों को परोसी जा रही है, जिसकी कीमत 100 रुपए प्रति प्लेट रखी गई है.

Kinnaur Traditional Dish Thispole
विशेष अवसर पर बेहद खास तरीके से बनाते है थिस्पोले (ETV Bharat)

बकव्हीट के आटे से बनता है थिस्पोले

थिस्पोले बकव्हीट (कुट्टू) के आटे से बनाई जाती है. इसे तेल में पकाया जाता है, लेकिन इसकी सबसे बड़ी खासियत इसकी तैयारी है. स्टॉल पर मौजूद महिलाएं बताती हैं कि अगर आटा अच्छी तरह से न गूंथा जाए, तो थिस्पोले बनाते समय टूट जाती है. इसे बनाने के लिए आटे को काफी देर तक मेहनत से गूंथना पड़ता है.

Kinnaur Traditional Dish Thispole
मेहमानों को भी ये पकवान नसीब नहीं होता (ETV Bharat GFX)

छोटी कड़ाही, अलग डब्बा और पर्दा

थिस्पोले को न तो बड़ी कड़ाही में बनाया जाता है और न ही खुले में, इसके लिए एक अलग तरह का छोटा डब्बा तैयार किया गया है, जहां इसे पर्दे में पकाया जाता है. छोटी कड़ाही में धीमी आंच पर इसे तैयार किया जाता है. यह डिश सिर्फ स्वाद में ही नहीं, बल्कि उपयोगिता में भी खास है. थिस्पोले को 15 दिनों तक स्टोर किया जा सकता है. इसे चाय के साथ या चटनी के साथ खाया जाता है, जिससे इसका स्वाद और भी निखर जाता है.

Kinnaur Traditional Dish Thispole
सेहत का खजाना है थिस्पोले पकवान (ETV Bharat GFX)

स्वास्थ्य का खजाना है थिस्पोले

KNH में मेडिकल फिजिशियन डॉ. कपिल ने बताया कि, "बकव्हीट से बनी यह डिश सिर्फ परंपरा नहीं, बल्कि सेहत के लिहाज से भी बेहद फायदेमंद मानी जाती है. इसमें मौजूद रूटीन और मैग्नीशियम रक्त वाहिकाओं को मजबूत करते हैं, कोलेस्ट्रॉल कम करते हैं और ब्लड प्रेशर कंट्रोल में मदद करते हैं. इसके अलावा फाइबर से भरपूर होने के कारण पाचन तंत्र को दुरुस्त रखता है और कब्ज से बचाता है.कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स होने के कारण यह डायबिटीज मरीजों के लिए उपयुक्त है. ग्लूटेन-फ्री होने के कारण थिस्पोले सीलिएक रोग या ग्लूटेन एलर्जी से पीड़ित लोगों के लिए यह बेहतरीन विकल्प है."

डॉ. कपिल के अनुसार, वेट मैनेजमेंट के लिए परफेक्ट है थिस्पोले. हाई प्रोटीन और फाइबर पेट को लंबे समय तक भरा रखते हैं. आयरन, कैल्शियम, जिंक, मैग्नीशियम, फास्फोरस और बी-विटामिन्स जैसे पोषक तत्व इसमें प्रचुर मात्रा में होते हैं. इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर को फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान से बचाते हैं. बालों को मजबूती देने और स्किन संक्रमण से बचाव में मददगार होता है.

Kinnaur Traditional Dish Thispole
किन्नौर का पारंपरिक पकवान थिस्पोले (ETV Bharat)

फाफ़रे के चिल्टे भी लोगों की पसंद

सरस मेले में थिस्पोले के अलावा किन्नौर के इस स्टॉल पर फाफ़रे के चिल्टे भी बनाए जा रहे हैं, जो पूरी तरह ऑर्गेनिक हैं. स्टॉल संचालकों के अनुसार ये चिल्टे शुगर और बीपी के मरीजों के लिए बेहद फायदेमंद माने जाते हैं.

Kinnaur Traditional Dish Thispole
फाफ़रे के चिल्टे भी लोग कर रहे पसंद (ETV Bharat)

सरस मेले में उमड़ रही भीड़

सरस मेले में किन्नौर का यह स्टॉल खासा आकर्षण बना हुआ है. लोग न सिर्फ स्वाद चख रहे हैं, बल्कि इस अनसुनी परंपरा के बारे में जानकर हैरान भी हो रहे हैं. कई लोग कहते दिखते हैं कि किन्नौर जाकर भी जो स्वाद नहीं मिल पाता, वह सरस मेले में मिल जाना अपने आप में खास अनुभव है. यह स्टॉल सिर्फ एक व्यंजन नहीं, बल्कि किन्नौर की संस्कृति, परंपरा और जीवनशैली की झलक है, जो सरस मेले के जरिए आम लोगों तक पहुंच रही है.

Kinnaur Traditional Dish Thispole
सरस मेले में किन्नौरी व्यंजन का स्टॉल (ETV Bharat)

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Last Updated : December 20, 2025 at 10:21 PM IST