किन्नौर में दिल दहला देने वाला हादसा, काशंग परियोजना के लेबर कैंप में आग, दो श्रमिक जिंदा जले
काशंग प्रोजेक्ट के लेबर कैंप में भीषण आग, दो श्रमिकों की जिंदा जलकर मौत

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : May 7, 2026 at 10:26 AM IST
किन्नौर: हिमाचल प्रदेश के जनजातीय जिले किन्नौर से एक बेहद हृदयविदारक घटना सामने आई है. यहां काशंग जलविद्युत परियोजना के लेबर कैंप में बुधवार देर रात अचानक भड़की भीषण आग में दो श्रमिकों को मौत की नींद सुला दिया. आग इतनी तेजी से फैली की श्रमिकों को बाहर निकलने तक का मौका नहीं मिला.
घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई. मौके पर मौजूद श्रमिकों ने आग पर काबू पाने का प्रयास किया, लेकिन यह भयंकर रूप ले चुकी थी.यह हादसा मंगल और बुधवार की रात उस समय हुआ जब श्रमिक दिनभर की थकान के बाद गहरी नींद में सो रहे थे, जैसे ही आग की लपटें लेबर शेड से बाहर निकलने लगीं, आसपास के कैंपों में हड़कंप मच गया. प्रोजेक्ट के कर्मचारी और अग्निशमन विभाग की टीम तुरंत मौके पर पहुंची. कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू तो पा लिया गया, लेकिन तब तक सब कुछ राख हो चुका था.
हादसे में मृतकों की पहचान 33 वर्षीय रंजीत कुमार, निवासी उधम सिंह नगर (उत्तराखंड) और 31 वर्षीय जगत वारे रुकाया, निवासी नेपाल के रूप में हुई है. इस हादसे में एक अन्य श्रमिक सरवन (उत्तराखंड) बाल-बाल बच गया. सरवन ने किसी तरह भागकर अपनी जान बचाई.
हादसे की संभावित वजह और जांच
पुलिस की प्रारंभिक जांच के मुताबिक, लेबर शेड लोहे का बना था जिसके अंदर इन्सुलेशन के लिए प्लाईबोर्ड का इस्तेमाल किया गया था. शेड के भीतर बिजली की वायरिंग भी मौजूद थी. आशंका जताई जा रही है कि हादसा शॉर्ट सर्किट या किसी जलती हुई बीड़ी-सिगरेट की वजह से हुआ होगा, जिसने प्लाईबोर्ड के कारण तेजी से आग पकड़ ली.
हादसों के कारणों की जांच शुरू
एसपी किन्नौर सुशील कुमार ने बताया कि 'पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया है और मामला दर्ज कर लिया गया है. पुलिस टीम घटना के हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है. जांच पूरी होने के बाद ही आग लगने के असली कारणों का खुलासा हो पाएगा.' वहीं, इस घटना ने एक बार फिर प्रोजेक्ट साइट्स पर लेबर कैंपों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं.
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