अपहृत युवा उद्यमी कैरव गांधी सकुशल बरामद, एसएसपी ने कहा- पुलिस के दबाव में अपहरणकर्ता छोड़ कर भागे
अपहृत युवा उद्यमी कैरव गांधी को सकुशल बरामद कर लिया गया है. पुलिस का कहना है कि उनके दबाव के कारण अपहरणकर्ताओं ने उन्हें छोड़ा.


Published : January 27, 2026 at 6:19 PM IST
जमशेदपुर: प्रसिद्ध उद्यमी देवांग गांधी के पुत्र 24 वर्षीय कैरव गांधी का अपहरण 13 जनवरी 2026 को बिष्टुपुर थाना क्षेत्र के सर्किट हाउस एरिया से हुआ था. जिला पुलिस ने लगातार कार्रवाई और दबाव के कारण अपहरणकर्ताओं को मजबूर कर दिया कि वे कैरव को छोड़कर फरार हो जाएं. कैरव को सुरक्षित बरामद कर उनके परिजनों के पास पहुंचाया गया है.
घटना का पूरा क्रम
एसएसपी पियूष पांडेय ने बताया कि 13 जनवरी को कैरव गांधी का अपहरण कर लिया गया था. परिवार ने बिष्टुपुर थाने में शिकायत दर्ज की. जांच के दौरान कैरव की कार कांदरबेड़ा के पास मिली थी. इसके बाद पुलिस ने बंगाल, ओडिशा, बिहार सहित अन्य राज्यों में छापेमारी की, लेकिन शुरुआत में कोई सुराग नहीं मिला.
इस बीच पुलिस को सूचना मिली कि अपहरणकर्ता कैरव को किसी अन्य स्थान पर शिफ्ट करने की योजना बना रहे हैं. इस सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने संभावित क्षेत्रों में टीमें तैनात कीं. बढ़ते पुलिस दबाव के कारण अपहरणकर्ताओं ने आधी रात जीटी रोड पर चौपारण-बरही खंड (हजारीबाग के पास) में कैरव गांधी को सड़क पर छोड़ दिया और मौके से फरार हो गए.
पुलिस ने कैरव को तुरंत सुरक्षित बरामद किया और परिजनों के आग्रह पर उन्हें उनके आवास पहुंचाया. कैरव गांधी 27 जनवरी 2026 की सुबह करीब 4:30 बजे घर पहुंचे.
वर्तमान स्थिति और जांच
एसएसपी पियूष पांडेय ने बताया कि मामले में किसी तरह का ट्रांजेक्शन (फिरौती) हुआ है या नहीं, इसकी जांच जारी है. अपहरण को अंजाम देने वाले गैंग की पहचान की जा रही है. अपहरणकर्ताओं की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी और सर्च ऑपरेशन तेज किए गए हैं. पुलिस का कहना है कि अपहरणकर्ताओं पर दबाव बढ़ने से ही वे कैरव को छोड़कर भागे.
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