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खेलो इंडिया नेशनल ट्राइबल गेम्स, डिप्टी सीएम अरुण साव ने मशाल गौरव यात्रा को दिखाई हरी झंडी

डिप्टी सीएम अरुण साव ने कहा कि छत्तीसगढ़ जनजातीय खेलों का राष्ट्रीय मंच बनेगा.

Khelo India National Tribal Games Torch Relay
खेलो इंडिया नेशनल ट्राइबल गेम्स मशाल गौरव यात्रा (ETV BHARAT)
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By ETV Bharat Chhattisgarh Team

Published : January 1, 2026 at 5:06 PM IST

3 Min Read
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रायपुर: छत्तीसगढ़ में खेलो इंडिया नेशनल ट्राइबल गेम्स के मशाल गौरव यात्रा को डिप्टी सीएम अरुण साव ने हरी झंडी दिखाई है. फरवरी में होने जा रहे इस राष्ट्रीय आयोजन को लेकर राज्य सरकार ने स्पष्ट संकेत दे दिया है कि खेल के माध्यम से जनजातीय युवाओं को पहचान और अवसर देना उसकी प्राथमिकता है.

देश में पहली बार ट्राइबल गेम्स, छत्तीसगढ़ को मिली मेजबानी

इस अवसर पर डिप्टी सीएम अरुण साव ने कहा कि यह छत्तीसगढ़ के लिए गौरव और विश्वास दोनों का विषय है कि देश में पहली बार आयोजित हो रहे खेलो इंडिया नेशनल ट्राइबल गेम्स की मेजबानी राज्य को मिली है. उन्होंने इसके लिए भारत सरकार और केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया के प्रति आभार जताते हुए कहा कि यह आयोजन छत्तीसगढ़ के जनजातीय अंचलों को राष्ट्रीय पहचान दिलाने की दिशा में बड़ा कदम है.

खेलो इंडिया नेशनल ट्राइबल गेम्स की तैयारी शुरू (ETV BHARAT)

छत्तीसगढ़ के गांव गांव तक पहुंचेगा खेलों का संदेश

खेलो इंडिया नेशनल ट्राइबल गेम्स के प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से निकाली गई मशाल गौरव यात्रा राज्य के सभी जिलों का दौरा करेगी. आयोजन का शुभंकर ‘मोरवीर’, थीम सांग और मशाल के साथ यह यात्रा लोगों को खेलों के प्रति जागरूक करेगी. यह यात्रा युवाओं को इस ऐतिहासिक आयोजन से जोड़ने का काम करेगी. सरकार का फोकस है कि खेलों की यह लौ आदिवासी गांवों तक पहुंचे.

जनजातीय युवाओं का विकास सरकार का फोकस

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि खेलो इंडिया नेशनल ट्राइबल गेम्स केवल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि जनजातीय युवाओं के आत्मसम्मान और आत्मनिर्भरता का मंच है.

छत्तीसगढ़ की खेल नीति का उद्देश्य यही है कि ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों से निकलने वाली प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का पूरा अवसर मिले- अरुण साव, डिप्टी सीएम, छत्तीसगढ़

ट्राइबल गेम्स के खेलों की जानकारी

इस राष्ट्रीय आयोजन में कुल सात खेलों को शामिल किया गया है. जिसमें हॉकी, फुटबॉल, तीरंदाजी, तैराकी, कुश्ती, एथलेटिक्स और वेटलिफ्टिंग जैसे खेल शामिल हैं. इन खेलों में देश के विभिन्न राज्यों से आए जनजातीय खिलाड़ी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे, जिससे छत्तीसगढ़ कुछ दिनों के लिए देश की खेल राजधानी बनेगा.

7–8 जनवरी को ट्रायल, युवाओं के लिए सुनहरा मौका

छत्तीसगढ़ की ओर से भाग लेने वाले खिलाड़ियों के चयन के लिए 7 और 8 जनवरी को ट्रायल आयोजित किए जाएंगे. बिलासपुर के बहतराई स्थित बी.आर. यादव राज्य प्रशिक्षण केंद्र में तीरंदाजी, तैराकी और एथलेटिक्स के ट्रायल होंगे, जबकि रायपुर के स्वामी विवेकानंद स्टेडियम, कोटा में हॉकी, फुटबॉल, कुश्ती और वेटलिफ्टिंग के ट्रायल लिए जाएंगे.

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