धमतरी में खाटू श्याम की 201 निशान के साथ निकाली गई, दिव्य रथ, बैंड-बाजा और भजन मंडली के साथ भक्तों का उत्साह
धमतरी में तीन दिवसीय फाल्गुन महोत्सव का आयोजन किया गया है. इसी के पहले दिन बाबा खाटू श्याम की निशान यात्रा निकाली गई.

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : February 26, 2026 at 9:02 PM IST
धमतरी: शहर में गुरुवार को शहर के श्याम भक्तों ने बाबा खाटू श्याम की निशान यात्रा निकाली. भक्तों ने हाथ में ध्वजा-पताका लिए बाबा के जयकारे लगाते हुए शोभायात्रा में हिस्सा लिया. यात्रा के दौरान विभिन्न स्थानों पर भक्तों का स्वागत किया गया. बैंडबाजा और भक्ति गीतों के साथ शोभायात्रा का आनंद दोगुना हो गया.
भक्तों का आकर्षक रूप
भक्त सफेद और पीले वस्त्र पहनकर यात्रा में शामिल हुए. महिलाएं लाल-केसरिया साड़ी पहनकर ध्वजा लिए चल रही थीं. शोभायात्रा में बाबा का दिव्य रथ भी शामिल था. रास्ते में भक्तों को बूंदी प्रसाद का वितरण किया गया. लाल और पीले रंग के झंडे लेकर चल रहे भक्तों का नजारा बहुत ही आकर्षक था. निशान यात्रा मठ मंदिर से श्याम मंदिर तक 201 निशान, बाबा का दिव्य रथ, बैंड-बाजा एवं भजन मंडली के साथ निकली.
तीन दिवसीय फाल्गुन महोत्सव का आयोजन
श्री श्याम चैरिटेबल ट्रस्ट, धमतरी ने श्री श्याम मंदिर धमतरी धाम में तीन दिवसीय फाल्गुन महोत्सव का आयोजन किया है. यह महोत्सव 26 फरवरी को निशान यात्रा के साथ शुरू हुआ. भक्तों ने बताया कि इस महोत्सव में शामिल होकर वे बाबा से अपने दुख दूर कर सकते हैं और मनोकामनाएँ पूरी होती हैं.
- पहला दिन: निशान यात्रा
- दूसरा दिन: बाबा का भव्य श्रृंगार
- तीसरा दिन: अखंड ज्योति पाठ
जो भी श्याम बाबा का निशान उठाता है उसकी मनोकामना पूरी होती है. बाबा हारे के सहारे सभी भक्तों की मदद करते हैं.- सुरेश गोयल, अध्यक्ष, श्याम ट्रस्ट
फाल्गुन महोत्सव में सभी भक्त बहुत उत्साह से हिस्सा लेते हैं और मंदिर में दर्शन कर महाप्रसादी प्राप्त करते हैं.- ममता अग्रवाल, श्याम भक्त

आयोजन का उद्देश्य
भव्य आयोजन का मुख्य उद्देश्य है कि भक्त श्याम बाबा से जुड़े रहें और बाबा का प्रचार-प्रसार हो. श्रद्धालुओं ने बताया कि बाबा कलयुग के अवतारी हैं और उनके दर्शन व पूजा से भक्तों को जीवन में सहारा मिलता है. निशान यात्रा शहर के मुख्य मार्ग से होते हुए श्री श्याम मंदिर में संपन्न हुई और मंदिर में सभी के लिए महाप्रसादी का वितरण किया गया है. दूसरे दिन बाबा का भव्य श्रृंगार किया जाएगा और तीसरे दिन श्याम बाबा का अखंड ज्योति पाठ का कार्यक्रम किया गया है.

