खाटू श्याम लक्खी मेला: डेढ़ किमी पैदल चलकर हो रहे बाबा के दर्शन, 3 दिन में भक्तों का आंकड़ा 4 लाख पार
सीकर जिले में खाटू श्याम जी मेले की रौनक परवान चढ़ने लगी है. देश के कोने–कोने से भक्त बाबा के दरबार में पहुंच रहे हैं.

Published : February 24, 2026 at 7:23 PM IST
सीकर: प्रसिद्ध बाबा श्याम का वार्षिक लक्खी मेला परवान पर हैं. 21 फरवरी से शुरू हुआ मेला सूरजगढ़ का निशान चढ़ने के बाद 28 फरवरी को समाप्त होगा. आज मंगलवार को मेले का चौथा दिन है. मेले में जयकारों के साथ देश के कोने-कोने से श्याम भक्त रींगस से पदयात्रा करते हुए बाबा श्याम के दरबार में पहुंच रहे हैं. श्री श्याम मंदिर कमेटी की ओर से आने वाले भक्तों को किसी तरह की परेशानी नहीं हो, इसके लिए लगातार व्यवस्था में लगी हुई है.
कमेटी के मंत्री मानवेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि रींगस से खाटूश्यामजी आने वाले भक्तों के लिए बालू मिट्टी डलवाकर उस पर कारपेट लगा दी गई है. इससे रींगस से खाटू आने वाले पदयात्री कारपेट पर पदयात्रा कर सकेंगे. आज बाबा श्याम का बंगाल और सूरत सहित देश के कोने–कोने से मंगाए केसरिया और लाल रंग फूलों से विशेष श्रृंगार किया गया है.
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तीन दिन में 4.10 लाख से अधिक भक्तों ने किए दर्शन: श्री श्याम मंदिर कमेटी के अनुसार अब तक तीन दिन में कुल 4,10,316 श्रद्धालुओं ने बाबा के दर्शन किए हैं. मंदिर कमेटी की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार 75 फीट रास्ते की 14 कतारों में लगाए गए अत्याधुनिक गणना कैमरों के माध्यम से श्रद्धालुओं की सटीक गणना की जा रही है. मंदिर में आने वाले आने हर भक्त की एआई मशीन और कैमरे के गिनती होती है. मंदिर कमेटी के अनुसार 26 फरवरी से बाबा के दरबार में भीड़ बढ़ेगी.

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डेढ़ से दो किलोमीटर पैदल चलकर हो रहे बाबा के दर्शन: फिलहाल मेले में भक्तों की भीड़ कम है. चारण मैदान और लखदातार ग्राउंड की रेलिंग शुरू नहीं होने के कारण कम समय में भक्तों को दर्शन हो रहे हैं. जयपुर से 100 किलोमीटर पैदल यात्रा कर बाबा श्याम के दरबार में पहुंचे एक परिवार ने बताया कि बाबा के दरबार में आने में कोई परेशानी नहीं हो रही है. तोरण द्वार से करीब डेढ़ से दो किलोमीटर पैदल चलकर मंदिर पहुंचीं. बिना किसी परेशानी के सहज रूप से श्याम बाबा के दर्शन उन्होंने दर्शन किए हैं. उन्होंने कहा कि तोरण द्वार से मंदिर तक पहुंचने में दिक्कत नहीं हुई, जिससे दर्शन आसनी से हो रहे हैं.

ड्रोन कैमरे से निगरानी: मेले में श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जारी है. पूरे मेला क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन कैमरों के माध्यम से लगातार निगरानी रखी जा रही है. ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सके. भक्तों की सुविधा के लिए विभिन्न प्रमुख स्थानों पर सहायता डेस्क और खोया-पाया केंद्र स्थापित किए गए हैं, जहां जरूरतमंद लोग जानकारी प्राप्त कर सकते हैं. इसके अलावा यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए रींगस–खाटू मार्ग पर विशेष ट्रैफिक प्लान लागू किया गया है. इसके साथ ही किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए क्विक रिस्पॉन्स टीम को भी तैनात किया गया है, जो तुरंत सहायता पहुंचाने के लिए तैयार है.


