हरियाणा का एक ऐसा मंदिर, जहां दानपात्र में मिलती हैं विदेशी मुद्राएं, दूर-दूर से खींचे आते हैं श्रद्धालु
अपराध के लिए चर्चित रहा चुलकाना खाटू श्याम बाबा की कृपा और भक्तों की अटूट आस्था के कारण धार्मिक और आध्यात्मिक केंद्र बन चुका है.

Published : June 26, 2026 at 5:21 PM IST
पानीपत: समालखा स्थित चुलकाना धाम कभी अपराध और आपराधिक घटनाओं के लिए चर्चा में रहता था, लेकिन समय के साथ खाटू श्याम बाबा की कृपा और श्रद्धालुओं की आस्था ने इस गांव की पहचान बदल दी. आज चुलकाना धाम पूरे देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी खाटू श्याम बाबा के प्रसिद्ध धाम के रूप में जाना जाता है. लाखों श्रद्धालु यहां आकर बाबा के दरबार में मत्था टेकते हैं और अपनी मनोकामनाएं लेकर पहुंचते हैं.
ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका, कनाडा और यूरोप से पहुंच रहे श्रद्धालु: चुलकाना धाम में हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पंजाब और बिहार समेत देशभर से श्रद्धालु पहुंचते हैं. वहीं ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका, कनाडा, स्पेन, पोलैंड, नेपाल, भूटान और यूरोप के विभिन्न देशों से भी भक्त बाबा के दर्शन के लिए आते हैं. श्रद्धालु अपनी श्रद्धानुसार दान अर्पित करते हैं और बाबा के चरणों में स्वयं को समर्पित कर देते हैं.
दानपात्रों में मिली विदेशी मुद्राएं: हाल ही में मंदिर के दानपात्र खोले गए, जिनमें करोड़ों रुपये की राशि और कई देशों की विदेशी मुद्रा प्राप्त हुई. प्रशासन के अनुसार अब तक करीब डेढ़ करोड़ रुपये की राशि की गणना की जा चुकी है, जबकि कई दानपात्रों की गिनती अभी शेष है. दान की पूरी प्रक्रिया वीडियोग्राफी और पारदर्शी व्यवस्था के तहत की जा रही है.
हरियाणा सरकार ने बनाया श्राइन बोर्ड: खाटू श्याम बाबा के प्रति बढ़ती आस्था और श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए हरियाणा सरकार ने चुलकाना धाम को श्राइन बोर्ड के अधीन लाने का निर्णय लिया है. मंदिर की व्यवस्थाओं और विकास कार्यों की जिम्मेदारी प्रशासनिक अधिकारियों को सौंपी गई है.

'कलियुग बढ़ेगा तो श्याम बाबा का प्रचार भी बढ़ेगा': चुलकाना धाम के पुजारी अमर सिंह ने बताया कि उनका परिवार कई पीढ़ियों से मंदिर में सेवा करता आ रहा है. हमारे पिताजी ने करीब 90 वर्षों तक बाबा की सेवा की और उनके बाद अब हम यह सेवा संभाल रहे हैं. श्याम प्रभु कलियुग के अवतार हैं. जितना कलियुग बढ़ेगा, उतना ही उनका प्रचार-प्रसार बढ़ेगा. पहले केवल फागुन मेले में भीड़ होती थी, लेकिन अब हर दिन मेले जैसा माहौल रहता है. बाबा के दरबार में आने वाले श्रद्धालुओं की मनोकामनाएं पूरी होती हैं और यही आस्था लोगों को यहां खींच लाती है.
श्रद्धालुओं का विश्वास: गांव अटावला निवासी श्रद्धालु हरिदास शास्त्री ने बताया कि उनके परिवार की कई पीढ़ियों से चुलकाना धाम में गहरी आस्था रही है. उन्होंने कहा"हमारे घर में जन्म, विवाह या किसी भी शुभ अवसर पर हम बाबा के दरबार में मत्था टेकने आते हैं. यहां केवल श्रद्धा से मत्था टेकने मात्र से मनोकामना पूरी होती है. मेरे बेटे का न्यूयॉर्क पुलिस में चयन हुआ और बेटी लंदन में है. यह सब बाबा की कृपा और आशीर्वाद का परिणाम है."

पहली बार आईं छात्राओं ने महसूस की सकारात्मक ऊर्जा: गाजियाबाद से पहली बार चुलकाना धाम पहुंचीं छात्रा भावना खारी ने कहा कि "मंदिर परिसर में पहुंचकर उन्हें आध्यात्मिक वातावरण और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव हुआ." वहीं दसवीं कक्षा की छात्रा तनु ने कहा कि "मंदिर के भीतर का माहौल बेहद शांत और सकारात्मक था और वह भविष्य में भी यहां दर्शन के लिए आएंगी."
एकादशी पर उमड़ती है भारी भीड़: चुलकाना धाम के सरपंच सतीश कुमार ने बताया कि "एकादशी और द्वादशी जैसे अवसरों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है. प्रशासन और पुलिस द्वारा व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से संचालित किया जा रहा है. सरकार द्वारा श्राइन बोर्ड की घोषणा के बाद दानपात्र खोले गए, जिनमें अब तक लगभग डेढ़ करोड़ रुपये की राशि प्राप्त हुई है, जबकि कई दानपात्रों की गिनती अभी शेष है."

एसडीएम बोले- पूरी प्रक्रिया पारदर्शी: एसडीएम अमित कुमार ने बताया कि "मंदिर में आने वाले दान की गिनती पूरी पारदर्शिता के साथ की जाती है. वीडियोग्राफी, पंचायत प्रतिनिधियों और मंदिर प्रशासन की मौजूदगी में राशि की गणना कर उसे बैंक खातों में जमा कराया जाता है. श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पानी, सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाएं सुचारू रूप से संचालित की जा रही हैं."
सुरक्षा के लिए विशेष चौकी स्थापित: डीएसपी नरेंद्र कादियान ने बताया कि "श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए मंदिर परिसर में स्थायी पुलिस चौकी स्थापित की गई है. त्योहारों और विशेष अवसरों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाता है. वर्तमान में करीब 60 से 70 पुलिस कर्मचारी, नाके, मोबाइल यूनिट और सीसीटीवी निगरानी के माध्यम से सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाया गया है."

सात वर्षों से सेवा में जुटे हैं सेवादार: सेवादार सोनू पंडित ने बताया कि "गांव के लोगों ने मिलकर लगभग 40 सदस्यों की एक सेवा टीम बनाई हुई है, जो पिछले सात से आठ वर्षों से लगातार श्रद्धालुओं की सेवा कर रही है. हम सुबह चार बजे मंदिर खुलने से लेकर रात 11 बजे तक सेवा में लगे रहते हैं. यह सेवा हम किसी स्वार्थ से नहीं बल्कि बाबा के प्रति श्रद्धा और आस्था से करते हैं."
आस्था की पहचान बना चुलकाना धाम: अपराध और नकारात्मक पहचान के लिए चर्चित रहा चुलकाना आज खाटू श्याम बाबा की असीम कृपा और भक्तों की अटूट आस्था के कारण देश-विदेश में एक प्रमुख धार्मिक और आध्यात्मिक केंद्र के रूप में स्थापित हो चुका है. हर दिन यहां श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या, दानपात्रों में आ रही करोड़ों रुपये की राशि और विदेशी मुद्रा, तथा सरकार और प्रशासन द्वारा की जा रही व्यवस्थाएं इस धाम की बढ़ती लोकप्रियता और महत्ता को दर्शाती हैं. श्रद्धालुओं का विश्वास है कि बाबा के दरबार में सच्चे मन से की गई प्रार्थना कभी व्यर्थ नहीं जाती और यही आस्था चुलकाना धाम को विश्वभर के श्याम भक्तों का प्रमुख आस्था केंद्र बना रही है.
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