आसमां से बरसी आग, खजुराहो में सनसनाती लू के बीच पारा पहुंचा 46, विदेशी पर्यटक गायब
विदेशी पर्यटकों से गुलजार रहने वाले विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल खजुराहो में सन्नाटा. पर्यटक नहीं आने से व्यवसाय चौपट.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : April 30, 2026 at 12:57 PM IST
खजुराहो (छतरपुर) : खजुराहो में भीषण गर्मी और लू के कारण विश्व प्रसिद्ध मंदिरों और पर्यटन स्थलों पर सन्नाटा पसरा है. चिलचिलाती धूप और लू के कारण पर्यटकों की आवक ठप है. होटल व्यवसाय, गाइड, टैक्सी चालकों और दुकानदारों का कारोबार ठप पड़ गया है. पूरा छतरपुर जिला इस समय भीषण गर्मी की चपेट में है. सूर्य भगवान मानो तांडव कर रहे हैं. हालात इतने खराब हैं कि लोग दिन में भी घरों से बाहर निकलने से डर रहे हैं.
खजुराहो में तापमान सामान्य से 3 डिग्री ज्यादा
खजुराहो की सड़कों पर सन्नाटा पसरा है. अप्रैल के आखिरी दिनों में ही मई-जून जैसी भीषण गर्मी है. आने वाले दिन और कठिनाई भरे होने वाले हैं. छतरपुर जिले के खजुराहो, नौगांव और छतरपुर में तापमान 44 से 46 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है. खजुराहो में अधिकतम तापमान 46 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया. ये तापमान सामान्य से 3 डिग्री से ज्यादा है. लगता है जैसे आसमान से आग बरस रही हो. पिछले 5 दिन से छतरपुर जिला भट्टी की तरहा तप रहा है.
भीषण गर्मी के चलते पर्यटन नगरी खजुराहो के पश्चिमी मंदिर समूह में सन्नाटा पसरा है. विदेशी भी इक्का-दुक्का दिखाई दिए. आग उगलती सूरज की किरणों से बचने के लिए लोग अपने घरों में बंद हैं. मौसम की मार के चलते पर्यटन व्यवसाय चौपट हो गया है. मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अभी हालात ऐसे ही रहेंगे.

घर से निकलने के पहले एहतियात बरतें
छतरपुर जिला हॉस्पिटल के डॉ. रवि सोनी कहते हैं "इस समय गर्मी बहुत तेज पड़ रही और सावधान रहें. जरूरी हो तभी घर से निकलें. जब निकलें तो चेहरे को अच्छे से ढंक लें, पानी ज्यादा पीयें, तेल, मसालों ओर बाहरी खाने से बचें. भूगर्भ शास्त्र के विशेषज्ञ पीके जैन बताते हैं नौगांव और खजुराहो दोनों ही इलाकों में ग्रेनाइट पत्थरों और पहाड़ियों की भरमार है. ग्रेनाइट पत्थर तापमान को अवशोषित करने की क्षमता कम रखते हैं. वे गर्मी को रोकते नहीं, बल्कि उसे वातावरण में वापस छोड़ देते हैं. यही कारण है कि गर्मियों में यहां गर्मी ज्यादा तीव्र और सर्दियों में ठंड ज्यादा पड़ती है.

नौगाव-खजुराहो की भौगोलिक संरचना समझिए
नौगांव के नीचे मौजूद चट्टानी और पथरीली मिट्टी की परत जमीन की ऊर्जा संचित करने और उसे धीरे-धीरे छोड़ने की प्राकृतिक क्षमता को प्रभावित करती है. यही वजह है कि यहां मौसम का उतार-चढ़ाव बेहद तेज और स्पष्ट रूप से महसूस होता है. खजुराहो में भी लगभग ऐसे ही हालात बने रहते हैं. खजुराहो के होटल व्यवसाय से जुड़े राजीव शुक्ला बताते हैं "इस समय गर्मी ने सारे रिकॉड तोड़ दिए हैं. भीषण गर्मी के कारण व्यपार ठप है. पर्यटक गायब हैं."
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आगे भी ऐसा ही रहेगा मौसम
खजुराहो पहुंचे दिनेश कुशवाह कहते हैं "खजुराहो में बहुत तेज़ गर्मी पड़ रही है. जब घर से निकलें तो बचाव करें, जिससे लपट ना लगे." मौसम वैज्ञानिक सहायक अधिकारी शिवम श्रीवास्तव बताते हैं "अप्रैल-माह का अधिकतम तापमान 46 डिग्री रहा है. वर्तमान में 45 के आसपास है. खजुराहो में 26 अप्रैल से 30 अप्रैल तक तापमान 42.5 नॉर्मल रहता है. अभी जो तापमान है, वह नॉर्मल से 3.5 डिग्री अधिक चल रहा है. अभी यही हालात रहेंगे." भीषण गमी को देखते हुए कलेक्टर ने स्कूल बंद करने के आदेश जारी कर दिए हैं.

