ETV Bharat / state

राजकुमारी इन्दिरा सिंह के नाम से जानी जाएगी खैरागढ़ यूनिवर्सिटी, सरकार ने प्रस्ताव को दी मंजूरी

खैरागढ़ यूनिवर्सिटी का नाम अब राजकुमारी इन्दिरा सिंह के नाम पर रखा गया है. सरकार की तरफ से इसकी घोषणा कर दी गई है.

Khairagarh University Name Changed
बदल गया खैरागढ़ यूनिवर्सिटी का नाम (ETV BHARAT)
author img

By ETV Bharat Chhattisgarh Team

Published : May 22, 2026 at 8:05 PM IST

2 Min Read
Choose ETV Bharat

खैरागढ़: देश ही नहीं बल्कि एशिया में कला और संगीत शिक्षा की अलग पहचान रखने वाले खैरागढ़ स्थित इन्दिरा कला संगीत विश्वविद्यालय का नाम अब बदलने जा रहा है. राज्य शासन ने विश्वविद्यालय का नाम राजकुमारी इन्दिरा सिंह कला संगीत विश्वविद्यालय किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. लंबे समय से चली आ रही प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब विश्वविद्यालय की नई पहचान आधिकारिक रूप से लागू होने का रास्ता साफ हो गया है.

ऐतिहासिक विरासत को मिली पहचान

इस फैसले को खैरागढ़ राजपरिवार की ऐतिहासिक विरासत, कला संरक्षण और शिक्षा के क्षेत्र में उनके अतुलनीय योगदान को सम्मान देने वाला बड़ा कदम माना जा रहा है. जानकारी के मुताबिक विश्वविद्यालय के नाम परिवर्तन का सुझाव माननीय राज्यपाल एवं कुलाधिपति द्वारा दिया गया था. उन्होंने विश्वविद्यालय की मूल ऐतिहासिक पहचान और संस्थापक राजपरिवार के योगदान को अधिक सम्मानजनक तरीके से संरक्षित करने की आवश्यकता जताई थी.

Khairagarh University
खैरागढ़ यूनिवर्सिटी (ETV BHARAT)

साय सरकार ने प्रस्ताव को दी मंजूरी

इसके बाद कुलपति डॉक्टर लवली शर्मा के नेतृत्व में विश्वविद्यालय प्रशासन ने नाम परिवर्तन से जुड़ा प्रस्ताव सरकार को भेजा था. शासन स्तर पर आवश्यक दस्तावेजों की मांग की गई थी, जिन्हें कुलपति के विशेष प्रयासों से उपलब्ध कराया गया. प्रशासनिक परीक्षण और विचार-विमर्श के बाद आखिरकार राज्य शासन ने प्रस्ताव को मंजूरी दे दी. सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से जारी आदेश के बाद अब विश्वविद्यालय का नया नाम आधिकारिक रूप से अस्तित्व में आएगा.

Governor Ramen Deka and Professor Lovely Singh
राज्यपाल रमेन डेका और प्रोफेसर लवली सिंह (ETV BHARAT)

यह संस्थान की सांस्कृतिक विरासत और गौरवशाली परंपरा को स्थायी सम्मान देने वाला ऐतिहासिक फैसला है- प्रशासन, इन्दिरा कला संगीत विश्वविद्यालय

इस नाम परिवर्तन का उद्देश्य केवल नाम बदलना नहीं, बल्कि खैरागढ़ राजपरिवार की उस ऐतिहासिक भूमिका को नई पीढ़ी तक पहुंचाना है, जिसने कला और संगीत शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए अपनी महत्वपूर्ण संपत्ति और योगदान समर्पित किया था. आज यह विश्वविद्यालय देश-प्रदेश के प्रमुख कला एवं संगीत शिक्षण संस्थानों में शामिल है, जहां से बड़ी संख्या में कलाकार, संगीतज्ञ और सांस्कृतिक प्रतिभाएं निकलकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना चुकी हैं.

बलौदाबाजार में सुशासन तिहार, सीएम साय ने करहीबाजार का किया दौरा, अहम घोषणाएं की

महासमुंद में भीषण गर्मी और जल संकट, रेतीले गड्डे का पानी पीने को मजबूर ग्रामीण