खैरागढ़ नगर पालिका की बत्ती गुल, टार्च की रोशनी में काम, जानिए क्या है पूरी वजह ?
खैरागढ़ नगर पालिका की लापरवाही अब उसके ही दफ्तर पर भारी पड़ती नजर आ रही है. बिजली विभाग को पावर कट करना पड़ा है.

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : September 1, 2026 at 7:22 PM IST
खैरागढ़: बिजली बिल का भुगतान नहीं होने पर विद्युत विभाग ने खैरागढ़ नगर पालिका कार्यालय का कनेक्शन काट दिया. मंगलवार सुबह जैसे ही कार्यालय की बिजली गुल हुई, दफ्तर का कामकाज भी अंधेरे में पहुंच गया. कर्मचारियों को मोबाइल की टॉर्च जलाकर जरूरी काम निपटाने पड़े. नगर पालिका पहुंचे आम लोगों को भी बिजली नहीं होने के कारण परेशानियों का सामना करना पड़ा.
नगर पालिका कार्यालय का करीब 8 लाख 25 हजार रुपये का बिजली बिल बकाया है. वहीं स्ट्रीट लाइट, नगर पालिका भवन और उसके अंतर्गत आने वाले अन्य विद्युत कनेक्शनों का बकाया जोड़ने पर यह राशि 3 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है. लंबे समय से बकाया राशि जमा नहीं होने के बाद विद्युत विभाग ने अब सख्त रुख अपनाते हुए कनेक्शन काटने की कार्रवाई की है.
विद्युत विभाग के कार्यपालन अभियंता आलोक दुबे ने बताया कि फिलहाल आम लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए स्ट्रीट लाइट और नल कनेक्शन में राहत दी गई है. हालांकि नगर पालिका कार्यालय के बकाया बिजली बिल का भुगतान होने तक कार्यालय का कनेक्शन बहाल नहीं किया जाएगा. विभाग ने आने वाले दिनों में दूसरे बकायादार सरकारी कार्यालयों पर भी इसी तरह की कार्रवाई के संकेत दिए हैं.
अंधेरे में खैरागढ़ नगर पालिका, टॉर्च बनी सहारा
बिजली कटने के बाद नगर पालिका कार्यालय का नजारा कुछ अलग ही दिखाई दिया. जहां सामान्य दिनों में कंप्यूटर और बिजली से चलने वाले उपकरणों के जरिए कामकाज होता है, वहीं बिजली गुल होने के बाद कर्मचारी मोबाइल की रोशनी के सहारे काम करते नजर आए. कार्यालय में आने वाले लोगों को भी अपने काम के लिए कर्मचारियों से संपर्क करने में परेशानी हुई.
बिजली कटते ही सियासत भी गर्म
नगर पालिका की बिजली कटने का मामला सामने आते ही राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हो गई. शहर कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. अरुण भारद्वाज के नेतृत्व में विधायक प्रतिनिधि मनराखन देवांगन समेत कांग्रेस कार्यकर्ता नगर पालिका पहुंचे और भाजपा सरकार पर निशाना साधा.
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि नगर पालिका में भाजपा की अध्यक्ष हैं. प्रदेश से लेकर केंद्र तक भाजपा की सरकार है. इसके बावजूद नगर पालिका का बिजली कनेक्शन बकाया बिल के चलते कट जाना व्यवस्था पर बड़ा सवाल है. कांग्रेस ने नगर पालिका अध्यक्ष की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए उनके इस्तीफे की मांग भी की.
सरकारी दफ्तरों पर प्रीपेड व्यवस्था का असर
एक अगस्त से ब्लॉक स्तर और उससे ऊपर के सरकारी कार्यालयों में प्रीपेड बिजली व्यवस्था लागू की गई है. इसके बाद बिजली कंपनी ने सरकारी विभागों से बकाया राशि की वसूली को लेकर कार्रवाई तेज कर दी है. विभाग के मुताबिक कनेक्शन काटने की प्रक्रिया ऑनलाइन और ऑटोमेटिक सिस्टम के माध्यम से की जा रही है.

