खैरागढ़ में प्रशासन का बड़ा फैसला, हनईबन लाइमस्टोन ब्लॉक निरस्त, सीमेंट फैक्ट्री परियोजना पर बढ़ा विरोध
लाइमस्टोन परियोजना पर बढ़ता विरोध, एक और बड़ा ब्लॉक निरस्त, किसानों के ज्ञापन के बीच जगमड़वा हनईबन मरदकठेरा चूना पत्थर ब्लॉक रद्द किया गया.

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : January 3, 2026 at 8:52 PM IST
खैरागढ़-गंडई-छुईखदान: जिले के दनिया अतरिया, उदयपुर और हनईबन क्षेत्र में प्रस्तावित लाइमस्टोन खनन और सीमेंट फैक्ट्री परियोजना को लेकर प्रशासन ने एक अहम निर्णय लिया है. छुईखदान विकासखंड के अंतर्गत जगमड़वा-हनईबन-मरदकठेरा चूना पत्थर ब्लॉक को औपचारिक रूप से निरस्त कर दिया गया है.
दूसरा सबसे बड़ा खनिज ब्लॉक था: यह ब्लॉक करीब 304.209 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला हुआ था और इसे क्षेत्र का दूसरा सबसे बड़ा खनिज ब्लॉक माना जाता था. भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (GSI) के G-2 स्तर के सर्वे में यहां लगभग 52.745 मिलियन टन चूना पत्थर का भंडार पाया गया था. हालांकि पर्याप्त खनिज होने के बावजूद विभिन्न कारणों से इसे निरस्त करने का निर्णय लिया गया.
किसानों ने प्रशासन को सौंपा ज्ञापन: लाइमस्टोन खनन और सीमेंट फैक्ट्री परियोजना के विरोध में किसान अधिकार संघर्ष समिति के नेतृत्व में किसानों और ग्रामीणों ने एसडीएम गंडई-छुईखदान को ज्ञापन सौंपा. ग्रामीणों ने परियोजना को स्थायी रूप से निरस्त करने की मांग की है.
खेती, पानी और पर्यावरण को खतरे की आशंका: ग्रामीणों का कहना है कि खनन और औद्योगिक गतिविधियों से कृषि भूमि प्रभावित होगी, भूजल स्तर नीचे जाएगा, जल स्रोत और पर्यावरण को नुकसान पहुंचेगा, प्रदूषण बढ़ेगा इसी वजह से वे परियोजना का विरोध कर रहे हैं.
पुराने प्रशासनिक फैसलों का हवाला: ज्ञापन में बताया गया कि 11 दिसंबर 2025 को प्रस्तावित शंडी लाइमस्टोन ब्लॉक की जनसुनवाई को पहले ही स्थगित किया जा चुका है. हनईबन लाइमस्टोन ब्लॉक की नीलामी प्रक्रिया को छत्तीसगढ़ शासन के खनिज साधन विभाग ने 09 दिसंबर 2025 को मिनरल नीलामी नियम 2015 के तहत निरस्त कर दिया है. ग्रामीणों का कहना है कि इन फैसलों के बाद पूरे क्षेत्र में इस परियोजना पर दोबारा विचार किया जाना चाहिए.

राज्य शासन को भेजा जाएगा प्रस्ताव: किसान अधिकार संघर्ष समिति ने कहा कि परियोजना को स्थायी रूप से रद्द कराने के लिए राज्य शासन रायपुर को भी प्रस्ताव भेजा जाएगा.
ग्रामीणों की प्रमुख मांगें
- पूरे क्षेत्र में भविष्य में किसी भी लाइमस्टोन ब्लॉक की नीलामी न की जाए
- हनईबन लाइमस्टोन ब्लॉक के लिए दोबारा टेंडर जारी न हो
- शंडी लाइमस्टोन ब्लॉक के लिए नई जनसुनवाई तिथि घोषित न की जाए
शांतिपूर्ण आंदोलन की चेतावनी: ग्रामीणों ने कहा कि वे अपनी बात शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से रख रहे हैं और आगे भी ऐसा ही करेंगे. उनका कहना है कि यह मुद्दा सीधे तौर पर कृषि, पर्यावरण और स्थानीय आजीविका से जुड़ा है, इसलिए किसी भी निर्णय में स्थानीय हितों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए.

