खैरागढ़ में आत्मानंद स्कूल प्रिंसिपल का अनोखा आदेश, नियम के खिलाफ बना दिए 6 प्रभारी प्राचार्य, DEO ने किया हस्तक्षेप
अंग्रेजी माध्यम स्कूल की व्यवस्थाओं के लिए हिंदी माध्यम के 6 व्याख्याताओं को अलग-अलग दिन का प्रभारी प्राचार्य बनाया, DEO बोले- ऐसा कोई नियम नहीं

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : August 27, 2026 at 7:03 PM IST
खैरागढ़: जिला मुख्यालय स्थित स्वामी आत्मानंद स्कूल के प्राचार्य द्वारा जारी एक आदेश ने शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं. 24 जुलाई 2026 को जारी आदेश में प्रथम पाली में संचालित अंग्रेजी माध्यम स्कूल की व्यवस्थाओं के लिए हिंदी माध्यम के 6 व्याख्याताओं को अलग-अलग दिनों में प्रभारी प्राचार्य की जिम्मेदारी सौंप दी गई. खास बात यह रही कि विद्यालय में नियमित प्राचार्य के पद पर कमलेश्वर सिंह पदस्थ होने के बावजूद यह व्यवस्था बनाई गई. हालांकि बाद में इसे निरस्त कर दिया गया.
आदेश में क्या था?
आदेश के मुताबिक व्याख्याता कुणाल टंडन को सोमवार, गिरवर कोसरे को मंगलवार, विनिता सिंह को बुधवार, उपमा देवी त्रिपाठी को गुरुवार, गुंजन सिंह को शुक्रवार और अखिलेश श्रीवास्तव को शनिवार की जिम्मेदारी दी गई. इन शिक्षकों को संविदा शिक्षकों की उपस्थिति, अध्यापन व्यवस्था और विद्यार्थियों के अनुशासन की निगरानी जैसे कार्य सौंपे गए थे. आदेश की प्रतिलिपि कलेक्टर, जिला शिक्षा अधिकारी और विकासखंड शिक्षा अधिकारी को भी भेजी गई थी.
DEO ने किया हस्तक्षेप
मामला जिला शिक्षा अधिकारी तक पहुंचा तो उन्होंने तत्काल हस्तक्षेप किया. डीईओ मुकुल केपी साव ने कहा कि आदेश मिलते ही उन्होंने प्राचार्य को फटकार लगाई और आदेश को तत्काल निरस्त कर दिया. उन्होंने स्पष्ट किया कि जब विद्यालय में नियमित प्राचार्य पदस्थ हैं, तब किसी अन्य शिक्षक को प्रभारी प्राचार्य बनाया जाना नियमसंगत नहीं है.
इधर, आदेश को लेकर शाला विकास समिति की भूमिका पर भी सवाल उठे हैं. समिति अध्यक्ष आलोक श्रीवास ने कहा कि उन्हें इस आदेश की जानकारी नहीं थी और प्राचार्य ने उनसे इस संबंध में कोई चर्चा नहीं की. अब सवाल यह है कि आखिर ऐसी व्यवस्था की जरूरत क्यों पड़ी और बिना उच्च अधिकारियों की अनुमति के इस तरह का आदेश जारी कैसे हुआ.

