ETV Bharat / state

KGMU लव जिहाद केस; सात सदस्यीय कमेटी ने शुरू की जांच, शिक्षकों के दर्ज किए गए बयान

केजीएमयू के पैथालॉजी विभाग में तैनात रेजीडेंट पर महिला रेजीडेंट डॉक्टर ने गंभीर आरोप लगाये थे.

KGMU लव जिहाद केस
KGMU लव जिहाद केस (Photo credit: ETV Bharat)
author img

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team

Published : January 3, 2026 at 10:59 PM IST

3 Min Read
Choose ETV Bharat

लखनऊ : किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) में महिला रेजिडेंट का यौन शोषण और जबरन धर्मांतरण के दबाव के मामले की जांच दूसरी कमेटी ने भी शुरू कर दिया है. कमेटी के प्रत्येक सदस्यों ने अलग-अलग शिक्षकों से बातचीत व दूसरे पहलुओं पर जांच शुरू की है. इसके तहत पैथोलॉजी विभाग के शिक्षकों के बयान दर्ज किए गये हैं.

प्रवक्ता डॉ. केके सिंह ने बताया कि सात सदस्यीय कमेटी पूरे प्रकरण की जांच कर रही है. कमेटी में शामिल पूर्व पुलिस महानिदेशक भावेश कुमार सिंह ने पैथोलॉजी विभाग के शिक्षकों के बयान दर्ज किए गए हैं.

तीन स्तर पर चल रही है जांच : बता दें, धर्मान्तरण प्रयास व यौन शोषण मामले की तीन स्तर पर जांच चल रही है. इसमें विशाखा कमेटी यौन शोषण के मामले की जांच कर रही है. सात सदस्यीय अलग से कमेटी बनाई गई है जो धर्मान्तरण का दबाव डालने के मामले की जांच रही है. पुलिस दोनों ही पहलुओं की पड़ताल में जुटी है.

यह था पूरा मामला : केजीएमयू के पैथालॉजी विभाग में तैनात रेजीडेंट डॉ. रमीज मलिक पर महिला रेजीडेंट डॉक्टर ने शादी का झांसा देकर यौन शोषण और धर्मांतरण का आरोप लगाया था. आरोप था कि धर्मांतरण न करने पर रमीज ने शादी से इनकार कर दिया था. इससे त्रस्त होकर महिला डाॅक्टर ने खुदकुशी की कोशिश की थी. पीड़िता पश्चिम बंगाल की रहने वाली है. उसने चौक कोतवाली में लिखित तहरीर दी थी कि वह जुलाई में डॉ. रमीज के संपर्क में आई थी. उसका आरोप था कि डॉ. रमीज ने शादी का झांसा देकर उसका कई महीने तक शोषण किया था. पुलिस ने डॉ. रमीज के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था. ​

यहां दर्ज करा सकते हैं शिकायत : धर्मान्तरण संबंधी दूसरे मामलों को खोजने के लिए केजीएमयू प्रशासन ने एक और फैसला लिया है. जिसमें धर्मान्तरण प्रयास से जुड़ी किसी भी जानकारी, घटना या साक्ष्य साझा करने के लिए प्रमुख विभागों और प्रशासनिक अधिकारियों के कार्यालय के बाहर शनिवार को नोटिस चस्पा की गई है. जिससे कोई भी व्यक्ति बिना अपना नाम बताकर जानकारी साझा कर सकता है. उसका नाम गोपनीय रखा जाएगा. डॉ. केके सिंह ने बताया कि धर्मान्तरण प्रयास से जुड़ी किसी भी जानकारी, घटना या साक्ष्य साझा करने के लिए केजीएमयू प्रशासन ने पहले एक ईमेल आईडी जारी की थी. साथ ही प्रॉक्टर कार्यालय, डीन नर्सिंग, पैरामेडिकल कार्यालय और चिकित्सा अधीक्षक कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई जा सकती है.

यह भी पढ़ें : KGMU लव जिहाद केस; आरोपी डॉक्टर रमीज पर 25 हजार का इनाम, पुलिस कर रही तलाश

यह भी पढ़ें : KGMU लव जिहाद केस; आरोपी डॉक्टर रमीज के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी, 5 राज्यों में छापेमारी