धर्मांतरण-लव जिहाद मामले को लेकर केजीएमयू पहुंचीं महिला आयोग उपाध्यक्ष अपर्णा यादव, विशाखा कमेटी ने पेश की रिपोर्ट
राज्य महिला आयोग उपाध्याय अपर्णा यादव केजीएमयू वीसी दफ्तर पहुंचीं. केजीएमयू धर्मांतरण और लव जिहाद मामले में विशाखा कमेटी ने अपनी रिपोर्ट पेश की.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : January 9, 2026 at 2:55 PM IST
|Updated : January 9, 2026 at 4:38 PM IST
लखनऊ: केजीएमयू धर्मांतरण और लव जिहाद मामला खत्म होने का नाम नहीं दे रहा है. केजीएमयू प्रवक्ता डॉक्टर केके सिंह ने कहा कि शुक्रवार को केजीएमयू कुलपति कार्यालय में विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल एवं मानवाधिकार दल के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया. कार्यालय के भीतर घुसकर तोड़फोड़ हुई. कई पुलिसकर्मियों के साथ धक्का मुक्की हुई. एक पुलिस अधिकारी की नाम की प्लेट भी इस धक्का मुक्की में कहीं गुम हो गयी.
विशाखा कमेटी ने डॉ. रमीज मलिक को दोषी पाया: केजीएमयू प्रवक्ता डॉक्टर केके सिंह ने कहा कि केजीएमयू प्रशासन ने ब्राउन हाल में प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी. यहां पर विशाखा कमेटी ने अपनी रिपोर्ट पेश की. इस रिपोर्ट में विशाखा कमेटी ने डॉ. रमीज मलिक को दोषी पाया और इन्हें केजीएमयू से निष्कासित करने का ऐलान किया. इस रिपोर्ट में डॉक्टर मलिक के ऊपर गंभीर आरोप लगे हैं, साथ ही उन्हें दोषी पाया गया है.
फरवरी 2025 में डॉक्टर मलिक ने शादी की थी: केजीएमयू प्रवक्ता डॉक्टर केके सिंह ने कहा कि फरवरी 2025 में डॉक्टर मलिक ने शादी की थी, लेकिन इसके बारे में केजीएमयू प्रशासन को जानकारी नहीं थी. इसके अलावा विभाग को भी कोई सूचना नहीं थी. शुक्रवार को उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्याय अपर्णा यादव भी केजीएमयू वीसी कार्यालय पहुंचीं.
केजीएमयू प्रशासन की ओर से कहा जा रहा है कि उनको महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव के आने की कोई सूचना नहीं थी. वहीं इस मामले में अपर्णा यादव के समर्थकों का कहना है कि ऐसा कैसे हो सकता है.
आरोपी डॉक्टर को सस्पेंड कर चुका है केजीएमयू: लखनऊ के केजीएमयू में महिला रेजीडेंट डॉक्टर ने दिसंबर 2025 में आरोप लगाया था कि एक रेजीडेंट डॉक्टर ने उस पर धर्मांतरण का दबाव बनाया. महिला रेजीडेंट पश्चिम बंगाल की रहने वाली है. वह केजीएमयू से ही एमडी कर रही है. पीड़ित डॉक्टर के पिता ने सीएम पोर्टल और महिला आयोग में इसकी शिकायत की थी. विशाखा कमेटी की सदस्य डॉ. मोनिका ने बताया कि इस मामले में एफआईआर भी दर्ज की जा चुकी है. केजीएमयू पहले ही आरोपी डॉक्टर को सस्पेंड कर चुका है.
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