अविमुक्तेश्वरानंद के गौ-रक्षा प्रोग्राम पर केशव प्रसाद मौर्य बोले; "11 मार्च को शंकराचार्य का करेंगे स्वागत"
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती सर्वोच्च पद पर आसीन हैं और लखनऊ आगमन पर उनका भव्य स्वागत किया जाएगा.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : March 2, 2026 at 4:40 PM IST
वाराणसी: शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने 11 मार्च को लखनऊ के काशीराम मैदान में एक बड़े आयोजन की घोषणा की है, जिसके लिए उन्होंने 7 मार्च से धर्म यात्रा शुरू करने की बात कही है. इस विषय पर वाराणसी में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि शंकराचार्य सर्वोच्च पद पर आसीन हैं और लखनऊ आगमन पर उनका भव्य स्वागत किया जाएगा.
उन्होंने स्वयं को राम भक्त, कृष्ण भक्त और शिव भक्त बताते हुए सनातन संस्कृति के पोषक के रूप में उनके अभिनंदन की बात कही. उपमुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि उत्तर प्रदेश में किसी भी गौ-हत्यारे की हिम्मत नहीं है कि वह गौ-माता को मामूली खरोंच भी पहुंचा सके.
गौ-सेवा की महत्ता और विपक्ष पर निशाना: उन्होंने कहा किया कि प्रदेश सरकार गौ-रक्षक के रूप में सदैव तत्पर है और गाय की रक्षा करना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है. गौ-माता के शरीर में 33 कोटि देवी-देवताओं का वास होता है और हमारी सरकार उनके प्रति अटूट आस्था रखती है. अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए उन्होंने उन्हें एक 'ढोंगी व्यक्ति' बताया और आरोप लगाया कि उन्होंने सदा राम भक्तों का दमन और गौ-तस्करों का संरक्षण किया है. केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस केवल राजनीतिक ढोंग कर रही हैं ताकि उन्हें हिंदुओं का वोट मिल सके.
रामराज्य का संकल्प और सरस मेले का समापन: उपमुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि 2047 तक देश और प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार रहेगी और सच्चा रामराज्य स्थापित होगा. राजनीतिक चर्चाओं के बीच उन्होंने वाराणसी के संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में आयोजित 11 दिवसीय क्षेत्रीय सरस मेले का विधिवत समापन किया. इस आवासीय मेले में विभिन्न राज्यों और जनपदों से आए महिला स्वयं सहायता समूहों ने लगभग एक करोड़ रुपये का शानदार व्यापार किया. मेले में सजावटी सामग्री, पीतल के उत्पाद, अचार-मुरब्बा और आर्टिफिशियल ज्वेलरी जैसे हस्तशिल्प उत्पादों की भारी मांग रही.
महिला सशक्तिकरण और लखपति दीदी का लक्ष्य: कार्यक्रम के दौरान विभिन्न प्रदेशों से आई महिलाओं ने अपनी सफलता की कहानियां शेयर कीं, जिसे सुनकर उपमुख्यमंत्री ने उन्हें और अधिक महिलाओं को समूहों से जोड़ने के लिए प्रेरित किया. उन्होंने प्रदेश की एक करोड़ महिलाओं को 'लखपति महिला क्लब' में शामिल करने और उन्हें आर्थिक रूप से समृद्ध बनाने का आह्वान किया. इस अवसर पर उन्होंने उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को प्रमाण पत्र, ई-रिक्शा और करोड़ों रुपये के सामुदायिक निवेश निधि के चेक वितरित किए. लखीमपुर खीरी के समूह को सर्वाधिक बिक्री के लिए प्रथम पुरस्कार और गाजीपुर के समूह को सबसे खूबसूरत स्टाल के लिए सम्मानित किया गया.
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