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केन बेतवा लिंक पर बिछा चिताओं का नया नेटवर्क, पुश्तैनी जमीन से बेदखली का बेहिसाब दर्द

मध्य प्रदेश में केन बेतवा लिंक प्रोजेक्ट से प्रभावित आदिवासियों ने शुरु की जद्दोजेहद. जमीन से विस्थापन का दर्द बता रहे प्रभावित परिवार.

TRIBAL PROTEST KEN BETWA PROJECT
केन बेतवा लिंक परियोजना के खिलाफ प्रदर्शन (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Madhya Pradesh Team

Published : July 6, 2026 at 7:11 PM IST

2 Min Read
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छतरपुर: छतरपुर और पन्ना जिलों में केन-बेतवा लिंक परियोजना सहित अन्य विशाल परियोजनाओं के कारण विस्थापित हुए ग्रामीणों ने फिर से 'चिता आंदोलन' शुरू कर दिया है. तीसरे दिन ग्रामीणों ने प्रशासन पर भ्रष्टाचार और दमनकारी नीतियां अपनाने का आरोप लगाए हैं.

नवजात बच्चों को गोद में लेकर बैठीं आदिवासी महिलाएं

केन-बेतवा लिंक परियोजना के अंतर्गत छतरपुर-पन्ना सीमा पर ढोडन बांध का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है. परियोजना से प्रभावित ग्रामीणों के आंदोलन में बच्चों से लेकर महिलाएं और बुजुर्ग सभी शिरकत कर रहे हैं. और चिता पर लेटकर अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं. आदिवासी महिलाएं नवजात बच्चों को गोद में लेकर तेज दिनभर प्रदर्शन करती रहती हैं.

फिर शुरू हुआ चिता आंदोलन (ETV Bharat)

आंदोलन की अगुवाई कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता अमित भटनागर कहते हैं, प्रशासन ने विस्थापन से पहले न तो उन्हें कोई उचित नोटिस दिया और न ही सभी प्रभावित परिवारों को मुआवजा प्रदान किया. ग्राम सभा और आम सभा की अनदेखी कर मनमाने तरीके से मुआवजे का निर्धारण किया गया है. जिस कारण आज भी बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हैं.

TRIBAL PROTEST KEN BETWA PROJECT
फिर शुरू हुआ चिता आंदोलन (ETV Bharat)

पुलिस का डर दिखाकर पुश्तैनी जमीन से बेदखल करने का आरोप

आदिवासी महिलाओं और ग्रामीणों ने प्रशासन पर खुलकर घूस मांगने और पुलिस का डर दिखाकर उन्हें उनकी पुश्तैनी जमीन से बेदखल करने का आरोप लगाया है. एक महिला राजा बाई ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा, हमारे साथ हो रहे इस घोर अन्याय से तो अच्छा है कि हमें मार दिया जाए. प्रदर्शनकारी अमित भटनागर ने सरकार और प्रशासन पर आंदोलन को दबाने के लिए संवेदनशीलता की सभी हदें पार करने का आरोप लगाया है. उनका कहना है कि आंदोलन स्थल पर मौजूद लोगों के लिए राशन, पानी, बिजली और दवाओं की आपूर्ति पर रोक लगा दी गई है. सरकार उन्हें गंदा पानी पीने के लिए मजबूर कर रही है. आंदोलनकारियों का मनोबल तोड़ने के लिए प्रशासन द्वारा अपनाई जा रही इन दमनकारी नीतियों के खिलाफ ग्रामीणों में भारी गुस्सा है.

TRIBAL PROTEST KEN BETWA PROJECT
छतरपुर में चिता पर लेटी महिलाएं (ETV Bharat)

आंदोलनकारी बोले , बिजली, पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं काट रहा प्रशासन

सामाजिक कार्यकर्ता अमित भटनागर कहते हैं, आज चिता आंदोलन का तीसरा दिन है. प्रशासन लगातार दमन करने पर उतारू है. यहां बिजली काट दी गई है जिससे मोबाइल चार्ज नहीं हो पा रहा है. पीने का पानी बन्द कर दिया गया है जिससे हम गंदा पानी पीने को मजबूर हैं. हमारा आंदोलन तब तक नही रुकेगा जब तक न्याय नहीं मिलेगा. या तो हमें न्याय मिलेगा या हमारी जान जाएगी.

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केन बेतवा लिंक परियोजना के खिलाफ प्रदर्शन (ETV Bharat)

वहीं मामले में विजावर तहसीलदार अभिनव शर्मा का कहा है कि आंदोलन में अधिकांश लोग पन्ना जिले के हैं, जो अन्य आयोजनों से भी प्रभावित है. प्रशासन के द्वारा जो भी उचित कार्यवाही होगी की जाएगी.