केन-बेतवा पर राहुल गांधी के आरोपों पर सरकार का पलटवार, झूठा भरोसा दिलाकर लोगों को भड़का रही कांग्रेस, दिया एक-एक आरोप का जवाब
राहुल के बड़े-बड़े आरोप और सरकार के बड़े-बड़े दावे, केन-बेतवा लिंक परियोजना के विस्थापितों से जुड़ा मामला, बृजेंद्र पटैरिया की रिपोर्ट.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : August 21, 2026 at 6:47 AM IST
भोपाल : केन-बेतवा लिंक परियोजना को लेकर सियासत गरमाई हुई है. लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा सोशल मीडिया पर पिछले दिनों वीडियो जारी कर विस्थापन को लेकर कई सवाल खड़े किए गए. हालांकि, अब राज्य सरकार ने राहुल गांधी और कांग्रेस द्वारा लगाए जा रहे हर आरोप का सिलसिलेवार तरीके से जवाब प्रस्तुत किया है. सरकार ने साफ किया है कि 2024 तक बालिग हो चुके लोगों को भी प्रभावित मानकर उन्हें मुआवजे का लाभ दिया है. साथ ही इस मामले को लेकर तमाम कार्रवाई वाइल्ड लाइफ स्वीकृतियों की तमाम शर्तों को ध्यान में रखकर की जा रही हैं. सरकार ने तमाम आरोपों का एक-एक कर जवाब पेश किया है.
राहुल के आरोप और सरकार के दावे
आरोप: परियोजना के कारण चारों बांधों मझगवां, रूंझ, केन-बेतवा और नेगुंवा से करीब 50 हजार की आबादी प्रभावित हो रही है.
जवाबः प्रशासन का दावा है कि चारों परियोजनाओं से प्रभावित होने वाली कुल आबादी लगभग 23 हजार ही है, 50 हजार नहीं. ग्रामवार देखें तो मझगवां परियोजना के डूब क्षेत्र से केवल 1 पूर्ण और 7 आंशिक गांव प्रभावित हैं. इससे 1450 परिवारों की कुल 5640 आबादी प्रभावित हो रही है. जबकि रूंझ परियोजना से सिर्फ 1 पूर्ण और 1 आंशिक गांव के 730 परिवारों की 1906 आबादी प्रभावित हो रही है. केन-बेतवा लिंक परियोजना से पन्ना और छतरपुर के डूब क्षेत्र में 7 गांव पूरी तरह से और 2 गांव आंशिक गांव प्रभावित हो रहे हैं. क्षतिपूर्ति वनीकरण के लिए 14 गांवों की भूमि ली गई है. इससे 5039 परिवारों सहित गांव की कुल 15661 लोग प्रभावित हो रहे हैं. जबकि नेगुवा लघु परियोजना से कोई भी प्रभावित नहीं हो रहा है.
केन-बेतवा परियोजना के खिलाफ सत्याग्रह कर रहे आदिवासी भाई-बहनों की समस्याएं, मांगें, संघर्ष और आपबीती - उनकी जुबानी।
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) August 19, 2026
सालों से सिर्फ़ अपने अधिकारों के लिए अन्याय और अत्याचार सह रहे ये बुंदेलखंड निवासी सम्मान और समर्थन के हक़दार हैं।
आदिवासी भाई-बहनों की इस लड़ाई में, मैं और… pic.twitter.com/graNKRt4IE
96 फीसदी किया जा चुका भुगतान
सरकार ने साफ किया है कि इस परियोजना की वजह से प्रभावित 22 गांवों के 5 हजार 39 विस्थापित परिवारों के पात्र हितग्राहियों के लिए 12.50 लाख प्रत्येक परिवार के हिसाब से 604.745 करोड़ का स्पेशल पैकेज स्वीकृत किया गया है. इसमें से 96 फीसदी का भुगतान डेढ़ साल पहले ही किया जा चुका है. इसके अलावा छतरपुर के करीदिया गांव में प्लॉट का आवंटन कर पुर्नवास की बेहतर व्यवस्था की गई है.
आरोप : बारिश के मौसम में बिना वैकल्पिक व्यवस्था के लोगों को बेघर कर दिया गया.
जवाब : सरकार ने दावा किया है कि पन्ना जिले के 8 प्रभावित गांवों का विस्थापना बारिश शुरू होने के पहले ही कर दिया गया था. विस्थापित परिवारों ने अपनी इच्छा से स्पेशल एकमुश्त पैकेज का ऑपशन चुना है.
आरोप : इस परियोजना की वजह से आदिवासी बहुल 21 गांवों के अलावा 40 लाख पेड़ों को नुकसान पहुंच रहा है और इससे 100 से ज्यादा बाघ भी प्रभावित होंगे.
जवाब : परियोजना के पहले ही इनवायरमेंट इंपैक्ट असेसमेंट के तहत पर्यावरण मंजूरी ली गई थी. पन्ना टाइगर रिजर्व के संरक्षण के लिए इंटीग्रेटेड लैंडस्केप मैनेजमेंट प्लान तैयार कर लिया गया है. वन विभाग द्वारा केन्द्र की शर्तों का कड़ाई से पालन किया जा रहा है और इसके तहत कैचमेंट एरिया ट्रीटमेंट प्लान, वाइल्ड लाइफ मैनेजमेंट प्लान के तहत ही काम किया जा रहा है.
आरोप : प्रदर्शनकारियों द्वारा दावा किया जा रहा है कि इससे जुड़े प्रकरण सुप्रीम कोर्ट और एनजीटी में लंबित हैं, इसकी वजह से इसको लेकर रोक लग सकती है.
जवाब : परियोजना में वाइल्ड लाइफ स्वीकृतियों की तमाम शर्तों का पूरी तरह से पालन किया जा रहा है. लिंक परियोजना से जुड़ा कोई भी मामला कोर्ट या एनजीटी में लंबित नहीं है.
आरोप : आरोप लगाए जा रहे हैं कि पुलिस बल द्वारा आधी रात को प्रदर्शनकारी महिलाओं को 10 किलोमीटर तक दौड़ाया गया।
जवाब : पुलिस द्वार बल प्रयोग किए जाने के आरोप पूरी तरह गलत हैं, जबकि दौधन बांध निर्माण स्थल पर असामाजिक तत्वों द्वारा पथराव किया गया, इसको लेकर पुलिस को हलका बल प्रयोग करना पड़ा. इस मामले में संबंधित लोगों पर प्रकरण पंजीबद्ध किए गए हैं.
सरकार ने दिए दोबारा सर्वे के आदेश
उधर राज्य सरकार द्वारा पन्ना जिले के लिए 202.50 करोड़ का अतिरिक्त बजट स्वीकृत किया है. जबकि मामले को लेकर उठ रहे सवालों को देखते हुए छतरपुर कलेक्टर मृणाल मीणा ने 14 गांवों का फिर से सर्वे कराने का आदेश दिया है, जिससे कोई भी पात्र व्यक्ति मुआवजे से न छूट जाए. 5 गांवों के 59 लोगों के लिए 7.37 करोड़ की अतिरिक्त राशी भी जारी की गई है. इसके अलावा मार्च 2024 तक 18 साल की उम्र पूरी कर चुके बालिगों को भी मुआवजा का लाभ दिया जा रहा है. ऐसे 313 हितग्राहियों को मुआवजे का लाभ मिलेगा.
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चुनाव लड़ चुके कुछ लोग केन-बेताव मामले में कर रहे राजनीति : बीजेपी
सरकार ने आरोप लगाया है कि पूर्व में चुनाव मैदान में उतर चुके कुछ लोगों द्वारा ही राजनीति से प्रेरित होकर आंदोलन को हवा दी जा रही है. राज्य सरकार द्वारा हाल ही में केन-बेतवा की तर्ज पर 12.50 लाख प्रति परिवार का विशेष पैकेज स्वीकृत किया है, जिसका भुगतान किया जा रहा है. इसके बाद भी परिवारों में बढ़ी हुई बालिगों की संख्या को आधार पर और अधिक मुआवजा दिलाने का झूठा भरोसा दिलाकर लोगों को भड़काया जा रहा है.

