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केदारनाथ यात्रा 2026: 26 फरवरी से शुरू होगा घोड़े-खच्चरों का रजिस्ट्रेशन अभियान

इस वर्ष बिना बीमा और फिटनेस प्रमाणपत्र के किसी भी घोड़े-खच्चर को यात्रा मार्ग पर संचालन की अनुमति नहीं दी जाएगी.

KEDARNATH YATRA 2026
केदारनाथ यात्रा 2026 (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Uttarakhand Team

Published : February 24, 2026 at 7:25 PM IST

3 Min Read
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रुद्रप्रयाग: विश्व विख्यात केदारनाथ धाम की यात्रा को लेकर तैयारियां अब निर्णायक चरण में प्रवेश कर चुकी हैं. प्रशासनिक स्तर पर जहां सुरक्षा और व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है, वहीं पशुपालन विभाग ने भी यात्रा की रीढ़ माने जाने वाले घोड़े-खच्चरों की व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने के लिए व्यापक कार्ययोजना लागू कर दी है.

विभागीय निर्णय के अनुसार 26 फरवरी से यात्रा में संचालित होने वाले सभी घोड़े-खच्चरों का बीमा, स्वास्थ्य परीक्षण (फिटनेस) और पंजीकरण अभियान प्रारंभ किया जाएगा. यह प्रक्रिया यात्रा शुरू होने से लगभग डेढ़ माह पूर्व पूरी कर ली जाएगी, ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या जोखिम की संभावना न रहे.

जानकारी के अनुसार होली पर्व तक तीन से चार विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे. होली अवकाश के उपरांत पुनः कैंप लगाए जाएंगे. जिससे कोई भी पशुपालक इस अनिवार्य प्रक्रिया से वंचित न रहे. पशुपालकों की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए प्रतिदिन दो शिविर संचालित किए जाएंगे. इन कैंपों में पशुओं की स्वास्थ्य जांच, दस्तावेज सत्यापन और बीमा प्रक्रिया एक ही स्थान पर पूर्ण की जाएगी.

केदारनाथ यात्रा 2026 (ETV Bharat)

पशुपालन विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि इस वर्ष बिना बीमा और फिटनेस प्रमाणपत्र के किसी भी घोड़े-खच्चर को यात्रा मार्ग पर संचालन की अनुमति नहीं दी जाएगी. पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए बीमा प्रीमियम का भुगतान केवल ऑनलाइन माध्यम से ही स्वीकार किया जाएगा. कैंपों में किसी भी प्रकार का नकद लेन-देन नहीं होगा. विभाग का मानना है कि इस कदम से अनियमितताओं पर रोक लगेगी और प्रक्रिया अधिक सुव्यवस्थित बनेगी.

पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजीव गोयल ने बताया केदारनाथ यात्रा में घोड़े-खच्चरों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है. गौरीकुंड से धाम तक की कठिन चढ़ाई में हजारों श्रद्धालु इन्हीं पर निर्भर रहते हैं. ऐसे में पशुओं का स्वस्थ, सुरक्षित और बीमित होना न केवल पशुपालकों बल्कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा से भी जुड़ा हुआ है. उन्होंने पशुपालकों से समय पर शिविरों में पहुंचकर सभी औपचारिकताएं पूर्ण करने की अपील की, ताकि यात्रा संचालन सुचारु और सुरक्षित ढंग से संपन्न हो सके.

केदारनाथ यात्रा 2026 को लेकर प्रशासन स्पष्ट संदेश दे चुका है कि नियमों से कोई समझौता नहीं होगा. पशुपालन विभाग की यह पहल यात्रा को सुरक्षित, व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक निर्णायक कदम मानी जा रही है. चारधाम यात्रा की तैयारियों के बीच यह अभियान दर्शाता है कि इस बार व्यवस्थाओं को पहले से अधिक मजबूत और अनुशासित बनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है.

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