केदारनाथ वन्यजीव प्रभाग में बड़ा एक्शन, वन माफियाओं में मचा हड़कंप, जानिये पूरा मामला
मदमहेश्वर घाटी में वन विभाग की टीम ने छापेमारी की. जिसमें 300 नग लकड़ी बरामद की गई है.

By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : May 17, 2026 at 8:48 PM IST
रुद्रप्रयाग: केदारनाथ वन्यजीव प्रभाग की टीम ने मदमहेश्वर घाटी में अवैध वृक्ष कटान के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए वन माफियाओं पर जोरदार शिकंजा कसा है. रेंज ऊखीमठ/गुप्तकाशी के वन क्षेत्राधिकारी विमल कुमार भट्ट के नेतृत्व में गठित 14 सदस्यीय वन विभाग की विशेष टीम ने सीमांत क्षेत्रों के विभिन्न तोकों में देर रात छापेमारी अभियान चलाया. जिसमें भारी मात्रा में अवैध रूप से काटी गई वन सम्पदा बरामद की गई है.
वन विभाग की इस कार्रवाई में चीड़ सहित अन्य प्रजातियों की लगभग 300 नग कड़ी एवं तख्ते अलग-अलग साइज में बरामद किए गए हैं. बरामद लकड़ी को विभाग ने कब्जे में लेकर मुख्यालय एवं वन चौकी तक पहुंचाने की कार्रवाई शुरू कर दी है. अचानक हुई इस बड़ी छापेमारी से अवैध पातन में लिप्त लोगों में हड़कंप मच गया है.
वन क्षेत्राधिकारी विमल कुमार भट्ट ने बताया कि मदमहेश्वर घाटी के कई क्षेत्रों से लंबे समय से अवैध वृक्षों के पातन की सूचनाएं प्राप्त हो रही थीं. लगातार मिल रही शिकायतों के बाद विभाग ने रणनीति बनाकर सीमांत गांवों और जंगलों में सघन छापेमारी अभियान चलाया है. उन्होंने कहा कि जंगलों की हरियाली और वन संपदा को नुकसान पहुंचाने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा. वन अपराध में शामिल लोगों के खिलाफ वन अधिनियम के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी. वन विभाग की टीम के पहुंचते ही अवैध कटान में संलिप्त लोग मौके से फरार हो गए. विभाग अब फरार आरोपियों की पहचान और तलाश में जुट गया है. बताया जा रहा है कि वन विभाग जल्द ही इस मामले में कई लोगों पर बड़ी कार्रवाई कर सकता है.
केदारनाथ वन्यजीव प्रभाग द्वारा की गई यह कार्रवाई साफ संकेत दे रही है कि अब जंगलों की अवैध कटाई करने वालों के खिलाफ विभाग पूरी तरह सख्त हो चुका है. हिमालयी क्षेत्रों में लगातार बढ़ रही अवैध कटान की घटनाओं के बीच वन विभाग का यह अभियान पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है.
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