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दफ्तर में घुसा तेंदुए का नन्हा शावक, देखने में बेहद मासूम पर गुर्राहट से सनसनी फैली

कटनी के क्रेशर प्लांट के दफ्तर में तेंदुए के बच्चे के तेवर देख कर्मचारियों में दहशत, वन अमले ने मुश्किल से किया रेस्क्यू.

Katni leopard cub rescue
तेंदुए का नन्हा शावक, गुर्राहट से सनसनी फैली (ETV BHARAT)
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By ETV Bharat Madhya Pradesh Team

Published : March 2, 2026 at 1:12 PM IST

2 Min Read
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कटनी : बरही वन परिक्षेत्र अंतर्गत आने वाले ग्राम जाजपुर स्थित महालक्ष्मी क्रेशर प्लांट में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब परिसर में तेंदुए का नन्हा शावक घुस आया. उसकी उम्र करीब डेढ़ माह बताई गई है. अचानक शावक को देख प्लांट कर्मचारियों में हड़कंप मच गया. तेंदुए का बच्चा प्लांट के दफ्तर में छिपने की कोशिश कर रहा था. उसकी गुर्राहट देख लोग दहशत में आ गए.

प्लांट के दफ्तर में लगाता रहा दौड़

प्लांट के कर्मचारियों ने तत्काल इसकी सूचना वन विभाग को दी. जब वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची तो तेंदुए का शावक लोगों को देखकर गुर्रा रहा था. देखने में मासूम लेकिन गुर्राहट और इरादे खतरनाक देख प्लांट के कर्मचारी सुरक्षित दूरी पर ये नजारा देखते रहे. वन विभाग की रेस्क्यू टीम ने शावक को पकड़ने की कोशिश की लेकिन वह प्लांट के दफ्तर में यहां से वहां भाग रहा था. उसकी फुर्ती देख वन विभाग की टीम भी हैरान रह गई.

दफ्तर में घुसा तेंदुए का नन्हा शावक (ETV BHARAT)

वन अमले ने जाल फैलाकर पकड़ा

वन विभाग की टीम ने जाल फेंककर तेंदुए के शावक को काबू में किया. उसका सावधानीपूर्वक रेस्क्यू किया गया. शावक को सुरक्षित रूप से प्लांट से बाहर निकाला गया. जांच में पाया गया कि तेंदुए के शावक को निमोनिया है. इसके बाद उसे बेहतर उपचार के लिए उसे मुकुंदपुर व्हाइट टाइगर सफारी एंड जू रेफर गया. एक वाहन में तेंदुए के शावक को टाइगर सफारी ले जाया गया.

निमोनिया से पीड़ित था शावक

डीएफओ गर्भित गंगवार ने बताया "सूचना मिली थी कि महालक्ष्मी क्रेशर प्लांट के कार्यालय में लगभग डेढ़ माह का तेंदुए का शावक घुस आया है. वन विभाग की टीम ने सुरक्षित रेस्क्यू किया. प्राथमिक जांच में शावक अस्वस्थ पाया गया. टीम ने पहले आसपास उसकी मां की तलाश की, लेकिन सफलता नहीं मिली. शावक की हालत को देखते हुए उसे उपचार के लिए रीवा स्थित मुकुंदपुर भेजा गया, जहां चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया."

इसके बाद पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी कर वन्यजीव संरक्षण के नियमों के अनुसार उसका अंतिम संस्कार किया गया.