मैहर अस्पताल में बच्चे में दिखे चेस्ट वाल डिफॉर्मिटी सिंड्रोम के लक्षण, डॉक्टर बोले कुपोषण जैसा ही आता नजर
कटनी से 5 साल के बच्चे को लेकर इलाज कराने मैहर सिविल अस्पताल पहुंचे परिजन. डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच के बाद किया भर्ती.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : May 27, 2026 at 5:00 PM IST
मैहर: कटनी के एक 5 साल के बच्चे का शरीर लगातार सूखता जा रहा है और उसे लंबे समय से अत्याधिक कमजोरी महसूस हो रही है. परिजन इस बच्चे को लेकर इलाज के लिए मैहर सिविल अस्पताल पहुंचे. यहां डॉक्टरों ने बच्चे की प्राथमिक जांच के बाद उसे भर्ती कर लिया है. अस्पताल में उसका उपचार किया जा रहा है. डॉक्टरों ने प्रथम दृष्टया कुपोषण के लक्षण बताए हैं लेकिन सिविल सर्जन का कहना है कि उसे चेस्ट वाल डिफॉर्मिटी सिंड्रोम नाम की बीमारी हो सकती है. इसे लेकर पहले पूरी जांच की जाएगी.
हड्डियों के दिखने से परिजन परेशान होकर पहुंचे अस्पताल
मैहर अस्पताल पहुंचे परिजन 5 साल के बच्चे के शरीर में हड्डियां दिखने पर परेशान हैं. परिजन के अनुसार उनके बच्चे का विकास सामान्य बच्चों जैसा नहीं हो रहा है. उसकी उम्र के अन्य बच्चों की तुलना में उसका शारीरिक विकास बेहद कम है. वजन लगातार घटता जा रहा है. उसका शरीर टेढ़ा होता जा रहा है और हाथ-पैरों में अत्यधिक कमजोरी है. बच्चे को गले और कंधे में दर्द की शिकायत रहती है. मामी संजो का कहना है, "उसका कई जगह इलाज कराया लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ."
बच्चे को डॉक्टरों ने किया भर्ती
5 साल के इस बच्चे को उसकी मां और मामी लेकर मैहर के सिविल अस्पताल पहुंचे. डॉक्टरों ने यहां बच्चे की प्राथमिक जांच की और माना की बच्चे की स्थिति सामान्य नहीं है और उसे लंबे समय से पर्याप्त पोषण भी नहीं मिला है. प्राथमिक जांच के अनुसार कह सकते हैं कि उस कुपोषण है लेकिन शरीर कमजोर होने के कई प्रकार की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी.
परिवार की आर्थिक और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां बनी वजह
मामी संजो ने बताया, "उन्होंने बच्चे का कई जगह उपचार कराया, लेकिन बीमारी की सही वजह स्पष्ट नहीं हो सकी. लगातार दवाइयां चलती रहीं, लेकिन बच्चे की हालत में सुधार की बजाय कमजोरी बढ़ती गई. गांव में पर्याप्त स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिलने और समय पर विशेषज्ञ इलाज न होने के कारण बच्चे की स्थिति और गंभीर हो गई है."
बच्चे की मां का कहना है, "आंगनबाड़ी केंद्रों में नियमित निगरानी नहीं होती है. यदि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता समय-समय पर बच्चों की जांच करते और पोषण आहार की व्यवस्था ठीक रहती, तो शायद बच्चे की हालत इतनी गंभीर नहीं होती."
'चेस्ट वाल डिफॉर्मिटी सिंड्रोम जैसे हैं लक्षण'
मैहर अस्पताल के सिविल सर्जन और अस्पताल प्रभारी डॉ आर एन पाण्डेय ने बताया, "बच्चे को चेस्ट वाल डिफॉर्मिटी सिंड्रोम जैसे लक्षण हैं. इस स्थिति में शरीर सूखता है तो कुपोषण जैसा ही दिखता है. यह जन्मजात विकृति है, बच्चे की गर्दन थोड़ी तेड़ी है ऐसे में इस विकृति के कारण उसे मल्टीपल सिंड्रोम है. बच्चे की जांच के बाद उसे पीडियाट्रिक वार्ड में भर्ती कर लिया गया है और कई प्रकार की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी."
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क्या है चेस्ट वाल डिफॉर्मिटी सिंड्रोम
छाती की हड्डियों यानि पसलियों और स्टर्नम/ब्रेस्टबोन के असामान्य विकास या बनावट को चेस्ट वाल डिफॉर्मिटी सिंड्रोम (Chest Wall Deformity Syndrome) कहते हैं. यह जन्मजात भी हो सकती है या उम्र के साथ आ सकती है. इसमें सबसे आम प्रकारों में पेक्टस एक्सकैवेटम (धंसी हुई छाती) और पेक्टस कैरिनैटम (उभरी हुई छाती) शामिल हैं. यह पसलियों और स्टर्नम को जोड़ने वाले कार्टिलेज के असामान्य और अनियंत्रित विकास के कारण होता है. कुछ सिंड्रोम (जैसे मार्फन सिंड्रोम या पोलैंड सिंड्रोम) वाले लोगों में भी यह समस्या पाई जाती है.

