कटनी में 5 हजार की रिश्वत लेते सहायक लोकपाल गिरफ्तार, मांगा था 50 हजार का मोबाइल
कटनी में सहायक लोकपाल को रिश्वत लेते लोकायुक्त की टीम ने पकड़ा, शिकायकर्ता से नौकरी बहाली के एवज में मांगा था 50 हजार का फोन.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : February 26, 2026 at 6:32 PM IST
कटनी: मध्य प्रदेश में कटनी जिले के जिला पंचायत कार्यालय में गुरुवार दोपहर उस वक्त हड़कंप मच गया, जब जबलपुर लोकायुक्त की 5 सदस्यीय टीम अचानक पहुंच गई. लोकायुक्त की टीम ने सहायक लोकपाल सत्येंद्र सोनी को 5 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है. टीम मामले की जांच कर रही है.
लोकायुक्त की कार्रवाई में सह आरोपी था शिकायकर्ता
लोकायुक्त इंस्पेक्टर ब्रजमोहन सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि "शिकायतकर्ता आशीष कुमार दुबे 2024 में लोकायुक्त की एक कार्रवाई में सह आरोपी थे. तब से वह निलंबित चल रहे थे. जिसको लेकर उन्होंने हाई कोर्ट में पद बहाली के लिए एक याचिका लगाई थी. जिस पर हाईकोर्ट ने मार्च 2025 में आदेश दिया था, और जिसमें एक महीने में कार्रवाई की जानी थी, लेकिन 8 महीने होने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई.
नौकरी बहाली के एवज में सहायक लोकपाल ने रिश्वत की मांग
जिसके बाद आशीष कुमार ने अपनी नौकरी बहाली के लिए जिला पंचायत की स्थापना शाखा में फाइल आगे बढ़ाने का अनुरोध किया. जहां सहायक लोकपाल सतेंद्र सोनी ने आशीष कुमार से बहाली के एवज में लगभग 50 हजार रुपए का एक मोबाइल फोन देने की मांग की थी. शिकायतकर्ता आशीष ने इतनी बाड़ी राशि देने में असमर्थता जताई. जिसके बाद सहायक लोकपाल ने किस्तों में भुगतान करने की बात तय की. इसी क्रम में गुरुवार को पहली किस्त के रूप में 5 हजार रुपए नकद देने की बात हुई थी.
5 हजार की रिश्वत लेते लोकायुक्त ने पकड़ा
जैसे ही आशीष कुमार 5 हजार नकद दे रहे थे, उसी वक्त लोकायुक्त टीम ने दबिश दी और सत्येंद्र सोनी को मौके से गिरफ्तार कर लिया. कार्रवाई के दौरान टीम ने कार्यालय में तलाशी ली और महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए. इंस्पेक्टर ब्रजमोहन सिंह ने कहा कि आरोपी सोनी लंबे समय से इस तरह की रिश्वत ले रहा था. शिकायतकर्ता आशीष कुमार दुबे ने गुप्त सूचना दी थी, जिसके आधार पर ट्रैप सफलता पूर्वक रहा.
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रिश्वत लेने-देने वालों को लोकायुक्त की चेतावनी
फिलहाल सत्येंद्र सोनी को लोकायुक्त टीम द्वारा थाने ले जाया गया है और पूछताछ जारी है. बताया यह भी जा रहा है कि आगे की जांच में अन्य सहयोगियों का पर्दाफाश होने की संभावना है. इस कार्रवाई से जिला पंचायत के अन्य कर्मचारियों में सनसनी फैल गई है. लोकायुक्त टीम ने चेतावनी दी है कि रिश्वत लेने-देने वालों को बख्शा नहीं जाएगा. जिला प्रशासन ने भी मामले की गहन जांच के आदेश दिए हैं. स्थानीय नागरिकों ने इस कार्रवाई की सराहना की है.

