करनाल 30 लाख लूटकांड में दोस्त निकला गद्दार, बदमाशों को भेजी थी लाइव लोकेशन, CIA-3 ने मास्टरमाइंड सहित 4 आरोपी किए गिरफ्तार
करनाल में 30 लाख की लूट मामले में पुलिस ने महज 19 घंटे में 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है.

Published : August 14, 2026 at 11:52 AM IST
|Updated : August 14, 2026 at 12:04 PM IST
करनाल : बसताड़ा टोल के पास बीती रात हुई करीब 30 लाख रुपये की लूट के मामले में करनाल पुलिस ने महज 19 घंटे के भीतर बड़ी कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस जांच में सामने आया है कि लूट की पूरी साजिश किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं, बल्कि शिकायतकर्ता नरेंद्र के साथ मौजूद उसके ही दोस्त अरुण ने रची थी. अरुण ने बदमाशों को गाड़ी में रखी 30 लाख रुपये की नकदी की जानकारी देने के साथ-साथ उनकी लाइव लोकेशन भी भेजी थी.
पुलिस ने गठित कीं टीमें, रातभर चला ऑपरेशन: इधर, वारदात की सूचना मिलते ही करनाल पुलिस कप्तान ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कई पुलिस टीमों का गठन किया. CIA-3 को भी जांच में लगाया गया. पुलिस ने वारदात से जुड़े हर पहलू को खंगालना शुरू किया और संदिग्धों से पूछताछ के साथ-साथ तकनीकी इनपुट के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने का अभियान तेज कर दिया.
जिसे दोस्त समझकर साथ ले गए, वही निकला मुखबिर: जांच अधिकारी राजीव कुमार ने कहा कि, "शिकायतकर्ता नरेंद्र के साथ कार में तीन अन्य दोस्त मौजूद थे. इनमें अरुण ने ही बदमाशों को नरेंद्र की गाड़ी की लाइव लोकेशन भेजी और यह जानकारी दी कि गाड़ी में करीब 30 लाख रुपये की नकदी मौजूद है. इसके बाद स्कॉर्पियो में सवार बदमाश मौके पर पहुंचे और हथियार के बल पर लूट की वारदात को अंजाम दिया."
पूछताछ में खुलती गई साजिश की परतें: वारदात के बाद पुलिस ने अरुण को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की. पूछताछ के दौरान पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिले और इसी आधार पर लूट में शामिल चारों आरोपियों तक पहुंच बनाई गई. पुलिस के अनुसार, चारों आरोपी करनाल जिले के ही रहने वाले हैं.
चारों आरोपी करनाल के रहने वाले: पुलिस ने मुख्य आरोपी और कथित मुखबिर अरुण को गिरफ्तार किया है, जो करनाल के हांसी चौक क्षेत्र का रहने वाला है. इसके अलावा विशाल और कर्म सिंह दादूपुर गांव के रहने वाले हैं, जबकि राजेंद्र कालाझोली-नरूखेड़ी गांव का निवासी है.
मौके से हथियार बरामद: पुलिस ने घटनास्थल से पिस्तौल की मैगजीन बरामद की थी. अब गिरफ्तार आरोपियों को अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया जाएगा. रिमांड के दौरान वारदात में इस्तेमाल पिस्तौल, लूट की रकम और अन्य सामान की बरामदगी के साथ-साथ इस पूरी साजिश में शामिल अन्य पहलुओं की भी जांच की जाएगी.
19 घंटे में चार गिरफ्तारियां: जांच अधिकारी राजीव कुमार ने कहा कि, "करीब 30 लाख रुपये की लूट के बाद जिस तेजी से करनाल पुलिस ने कार्रवाई करते हुए महज 19 घंटे में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है. अब पुलिस रिमांड के दौरान यह पता लगाने में जुटेगी कि लूट की रकम कहां है और वारदात में इस्तेमाल हथियार व अन्य सामान कहां छिपाया गया है."
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