रुद्रप्रयाग के प्रगतिशील किसान कपिल शर्मा को मिला राज्यपाल पुरस्कार, जानिए क्यों मिला यह सम्मान
देहरादून वसंतोत्सव 2026 में कपिल शर्मा को मिला राज्यपाल पुरस्कार, फल-सब्जी एवं पुष्प उत्पादन में उत्कृष्ट योगदान के लिए हुए सम्मानित

By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : March 3, 2026 at 8:07 PM IST
रुद्रप्रयाग: देहरादून स्थित लोक भवन में आयोजित तीन दिवसीय वसंतोत्सव 2026 के दौरान रुद्रप्रयाग जिले के प्रगतिशील किसान कपिल शर्मा राज्यपाल पुरस्कार से सम्मानित किया गया है. यह सम्मान कपिल शर्मा को फल, सब्जी एवं पुष्प उत्पादन के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए दिया गया. उन्हें उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (रि) गुरमीत सिंह ने प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया.
लोक भवन में 'फ्लोरल हीलिंग: नेचर्स पाथ टू वेलबीइंग' थीम पर आयोजित इस भव्य समारोह में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए कृषकों, उद्यान विशेषज्ञों, स्वयं सहायता समूहों और कृषि उद्यमियों ने भाग लिया था. जिसमें रुद्रप्रयाग जिले के अगस्त्यमुनि के टिमरिया गांव के कपिल शर्मा शामिल हुए. जिन्हें फल, सब्जी एवं पुष्प उत्पादन के क्षेत्र में योगदान के लिए राज्यपाल के हाथों सम्मान मिला.

आधुनिक खेती से बदली तस्वीर: कपिल शर्मा ने अपने क्षेत्र में आधुनिक एवं वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों को अपनाकर उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि की है. उन्होंने संरक्षित खेती (पॉलीहाउस), ड्रिप सिंचाई प्रणाली, उन्नत बीजों के प्रयोग और जैविक उर्वरकों के संतुलित उपयोग से लागत में कमी लाते हुए गुणवत्ता और पैदावार दोनों में सुधार किया.
उनके खेतों में मौसमी सब्जियां, उच्च गुणवत्ता वाले फल और विभिन्न प्रजातियों के पुष्पों का उत्पादन किया जाता है, जिनकी स्थानीय एवं बाहरी बाजारों में अच्छी खासी मांग है. कृषि के क्षेत्र में नवाचार के साथ कपिल शर्मा ने स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है.

रोजगार सृजन में भी अग्रणी: कपिल शर्मा के प्रयासों से क्षेत्र के युवाओं और महिलाओं को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिल रहा है. वे आसपास के किसानों को प्रशिक्षण और मार्गदर्शन देकर आधुनिक कृषि अपनाने के लिए भी प्रेरित कर रहे हैं. वहीं, राज्यपाल ने भी उनकी सराहना की है.

"ऐसे प्रगतिशील किसान प्रदेश की कृषि अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं. कपिल शर्मा की ओर से अपनाई गई उन्नत तकनीकें अन्य किसानों के लिए प्रेरणास्रोत हैं. इससे राज्य में उद्यानिकी को नई दिशा मिलेगी. राज्य सरकार किसानों की आय दोगुनी करने और कृषि को लाभकारी व्यवसाय बनाने के लिए लगातार प्रयासरत है."- गुरमीत सिंह, राज्यपाल, उत्तराखंड
तीन दिन चला महोत्सव: बता दें कि बीती 27 फरवरी से 1 मार्च 2026 तक चले इस महोत्सव में पुष्प प्रदर्शनी, कृषि नवाचारों की झलक, जैविक उत्पादों के स्टॉल और तकनीकी सत्रों का आयोजन किया गया. विशेषज्ञों ने जल संरक्षण, प्राकृतिक खेती और बाजार प्रबंधन जैसे विषयों पर अहम जानकारियां साझा की.
"यह मेरी परिवार और क्षेत्र के किसानों का सामूहिक सम्मान है. यदि किसान आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक सोच को अपनाएं तो कृषि को लाभकारी व्यवसाय बनाया जा सकता है."- कपिल शर्मा, प्रगतिशील किसान
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