वैश्विक तनाव में कानपुर शहर का निर्यात ₹735 करोड़ घटा; UP के निर्यात में 1.15% की कमी
पिछले वित्तीय वर्ष से लेकर इस सत्र तक कानपुर के निर्यात में 6.60 प्रतिशत की कमी आई है.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : June 2, 2026 at 7:00 AM IST
कानपुर: पिछले साल जहां सूबे के निर्यातक बढ़े हुए अमेरिकी टैरिफ दरों को लेकर परेशान थे, वहीं इस साल जब जनवरी से उनका कारोबार पटरी पर आया. तभी अचानक फरवरी में शुरू हुए मिडिल-ईस्ट वॉर से निर्यात कारोबार फिर कमजोर पड़ने लगा.
फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट आर्गेनाइजेशन (फियो) के विशेषज्ञों ने जब निर्यात संबंधी आंकड़ों की रिपोर्ट तैयार की, तो उन्होंने देखा पिछले वित्तीय वर्ष से लेकर अभी तक कानपुर का कारोबार 735 करोड़ रुपए तक घट गया है.
इसका असर यूपी के कारोबार पर भी दिखा. यहां निर्यात कारोबार में पिछले साल की तुलना में 1.15 प्रतिशत की कमी आई है. वहीं, कानपुर के निर्यात में 6.60 प्रतिशत की कमी दर्ज हुई है.
फियो के सहायक निदेशक आलोक श्रीवास्तव ने बताया कि शहर से वित्तीय वर्ष 2025-26 में कुल 5988 करोड़ रुपए का निर्यात हुआ. इसमें चमड़ा, चमड़े के उत्पाद, सैडलरी समेत अन्य उत्पाद शामिल रहे.
इसी तरह टेक्सटाइल में 800 करोड़, इंजीनियरिंग में 1960 करोड़, रसायन, खाद्य और कृषि सहित अन्य क्षेत्रों में 918 करोड़ रुपए का निर्यात हुआ.
उन्होंने बताया कि जिस तरह की वैश्विक चुनौतियों का सामना सूबे के निर्यातकों ने किया, उससे साफ है कि कारोबार में उतना नुकसान नहीं हुआ, जितने की उम्मीद थी. अब सरकार निर्यातकों को एफटीए यानी फ्री ट्रेड एग्रीमेंट के माध्यम से अपने कारोबार का विस्तार करने का मौका दे रही है.
कानपुर का निर्यात
| साल | कानपुर से निर्यात करोड़ में |
| 2021-22 | 9509 |
| 2022-23 | 8995 |
| 2023-24 | 8991 |
| 2024-25 | 10401 |
| 2025-26 | 9666 |
सीएलई के वाइस चेयरमैन मुख्तारुल अमीन ने बताया कि निश्चित तौर पर निर्यात में जो गिरावट दर्ज की गई, उसके पीछे अमेरिकी टैरिफ की बढ़ी दरें ही रही हैं. निर्यातकों ने जुलाई 2025 से लेकर दिसंबर 2025 तक कारोबार नहीं किया. वहीं, जब उन्हें कारोबार करने का समय मिला तो मिडिल ईस्ट वॉर की गतिविधियों ने उस पर पानी फेर दिया.
पिछले वित्तीय वर्ष में यूपी और कानपुर के निर्यात में उतार-चढ़ाव
| साल | यूपी में कुल निर्यात करोड़ में |
| 2024-25 | 186342 |
| 2025-26 | 184142 |
इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनील वैश्य ने बताया कि पिछले कुछ सालों में कानपुर के निर्यात कारोबार में बहुत अच्छी ग्रोथ देखने को मिल रही थी. मगर, साल 2025 से लगातार कारोबार करने के लिए चुनौतियां बढ़ती जा रही हैं. निर्यात कारोबार के लिए निर्यातकों को अब नए देशों की ओर रुख करना होगा. जिन देशों से एफटीए हो रहा है, वहां ही कारोबार को विस्तार देना चाहिए.

