CSA Kanpur में विकसित हुईं टमाटर की दो नई प्रजातियां, कम लागत में होगा भरपूर उत्पादन
शाकभाजी विभाग के वैज्ञानिक डाॅ. राजीव का दावा, नई तकनीक से उपज में 31 प्रतिशत तक इजाफा होगा और लागत भी घटेगी.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : March 2, 2026 at 2:34 PM IST
|Updated : March 2, 2026 at 2:46 PM IST
कानपुर : टमाटर की खेती करने वाले किसानों के लिए अच्छी खबर है. कानपुर के चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (सीएसए विवि) में टमाटर दो नई प्रजातियां (काशी व अमन) विकसित की हैं. इन प्रजातियों के टमाटर कम लागत में तैयार किए जा सकेंगे. टमाटर की नई किस्म विकसित करने वाले सीएसए विश्वविद्यालय के शाकभाजी विभाग के वैज्ञानिक डाॅ. राजीव का दावा है कि नई प्रजाति के पौधों के फूल नहीं झड़ेंगे. साथ ही टमाटर भी काफी पौष्टिक होंगे और 31 प्रतिशत अधिक उत्पादन होगा.

ग्रोथ हार्मोंस का किया प्रयोग, काशी की हैं दोनों प्रजातियां : डाॅ. राजीव ने बताया, काशी व अमन टमाटर की फसलों में पैदावार बढ़ाने के लिए हमने ग्रोथ हार्मोंस (जिबरेलिक एसिड) का प्रयोग छिड़काव के रूप में किया. इसी तरह पत्तियों पर छिड़काव से मिट्टी में बोरान, कॉपर, जिंक की कमी का दुष्प्रभाव पौधे पर नहीं आता. इससे पौधों का अच्छे से विकास हुआ. टमाटर भी पूरी तरह से लद गए. नई तकनीक अपनाने के बाद देखा गया कि इनके फूल भी नहीं झड़े. पहले की फसलों में फूलों के झड़ने से फल बहुत अधिक नहीं आ पाते थे. इस तकनीक से विकसित टमाटर का जब परीक्षण किया गया तो उसमें जिंक की मात्रा 12 प्रतिशत तक बढ़ी मिली. इसी तरह उत्पादन में भी 28 से 31 प्रतिशत तक वृद्धि सामने आई. लगातार तीन साल तक शोध के बाद सार्थक परिणाम सामने आए.

हैदराबाद में तकनीक को मिला अनुमोदन : डाॅ. राजीव ने बताया, अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना (सब्जी फसल) के तहत काशी और अमन टमाटर की उपज बढ़ाने की तकनीक को राष्ट्रीय स्तर पर अनुमोदित किया गया है. इस तकनीक को 20-22 फरवरी को श्रीकोंडा लक्ष्मण तेलांगना बागवानी विवि हैदराबाद में हुई 44वीं वार्षिक समूह बैठक में अनुमोदित किया गया.
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