ईरान-अमेरिका जंग से कानपुर के एक्पोर्टर परेशान, दो दिन में 500 करोड़ रुपये से अधिक के ऑर्डर होल्ड
फियो के सहायक निदेशक आलोक श्रीवास्तव ने कहा, अगर युद्ध जैसे हालात बने रहे, तो निर्यातकों को बड़े आर्थिक संकट का सामना करना होगा.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : March 2, 2026 at 7:52 PM IST
|Updated : March 2, 2026 at 8:08 PM IST
कानपुर : ईरान और इजरायल के बीच जंग अब भयानक रूप लेता जा रहा है. ईरान ने कुवैत, यूएई, कतर और बहरीन जैसे ठिकानों पर मिसाइलें दागी हैं. अब इस युद्ध में सात से आठ देश शामिल हो चुके हैं. इस वॉर के छिड़ने से भारत समेत दुनियाभर के निवेशक डरे हुए हैं. यूपी का निर्यात कारोबार बुरी तरह प्रभावित हो गया है.
उद्योग जगत के विशेषज्ञों का कहना है कि वॉर के कारण हजारों करोड़ रुपये के ऑर्डर होल्ड हो जाएंगे. केवल दो दिनों में ही कानपुर के 500 करोड़ रुपये से अधिक के ऑर्डर होल्ड हुए हैं. फेडरेशन आफ इंडियन एक्सपोर्ट आर्गेनाइजेशन (फियो) के सहायक निदेशक आलोक श्रीवास्तव का कहना है, आगामी छह से सात दिन बेहद अहम होंगे. अगर युद्ध जैसे हालात बने रहे, तो निर्यातकों को बड़े आर्थिक संकट का सामना करना होगा.
उन्होंने बताया, यूएई, दुबई और ओमान भारतीय निर्यातकों के लिए सालों से बड़े बाजार रहे हैं. इन बाजारों में हर साल करोड़ों रुपये के भारतीय उत्पाद पहुंचते हैं। हालांकि, अब ये बाजार बदहाल हो चुके हैं और निर्यातकों का वहां के कारोबारियों से संपर्क टूट गया है.
2022 में इंडिया यूएई से सीपा प्रोजेक्ट पर हुए थे साइन : फियो के सहायक निदेशक आलोक श्रीवास्तव ने बताया, साल 2025 में जहां भारतीय निर्यातकों को ओमान संग मुक्त व्यापार समझौते से बड़ी राहत मिली थी. वहीं, साल 2022 में इंडिया-यूएई संग हुए सीपा प्रोजेक्ट से निर्यात कारोबार ने अच्छी रफ्तार पकड़ी थी. लेकिन, अचानक ही हालात बदल गए.
आलोक श्रीवास्तव ने कहा, यूएई, दुबई, ओमान समेत अन्य खाड़ी देशों में भारत से लेदर का सामान, शेफ्टी शूज, केमिकल्स समेत कई अन्य उत्पाद निर्यात होते हैं, पर मौजूदा समय में निर्यातकों को ऑर्डर नहीं मिल रहे. अनुमान है, आने वाले 15 दिनों में भारतीय निर्यातकों को डेढ़ से दो हजार करोड़ रुपये के ऑर्डर की चपत लग सकती है.
दुबई और यूएई में हमारे उत्पादों की मांग हर सीजन में रहती है. हमारा यहां पर सालों से अच्छा कारोबार है. अभी तक कानपुर में चमड़ा निर्यातकों के एक हजार करोड़ रुपये से अधिक राशि के ऑर्डर होल्ड हो चुके हैं. अभी इन स्थितियों से ऊबरने में कई माह का समय लगेगा.
मुख्तारुल अमीन, पूर्व चेयरमैन, काउंसिल फॉर लेदर एक्सपोर्ट
फिलहाल सभी निर्यातकों से यही कहेंगे कि थोड़ा इंतजार करें. इस समय केवल धैर्य व संयम बनाए रखें. खाड़ी देशों से ऑर्डर आना बंद हो चुके हैं. यह निर्यातकों के लिए बेहद मुश्किल घड़ी है. उन्हें परिस्थितियों के ठीक होने की प्रतीक्षा करनी होगी. तभी कारोबार पटरी पर लौटैगा.
असद इराकी, क्षेत्रीय अध्यक्ष, काउंसिल फॉर लेदर एक्सपोर्ट
खाड़ी देशों में है इन उत्पादों का निर्यात- कृषि और खाद्य पदार्थ, फ्रेश सब्जियां, फल तथा हार्टीकल्चर प्रोडक्ट्स, हस्तशिल्प, कालीन, फुटवियर, चमड़े के उत्पाद, कपड़े, परिधान, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण एवं मशीनरी.
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