हल्द्वानी में राहुल गांधी पर मुकदमे से भड़के कांग्रेसियों ने निकाला विरोध मार्च, पुलिस ने रस्सा लगाकर रोका
कानपुर में तिलक हॉल से निकले कांग्रेसियों को कोतवाली चौराहे पर पुलिस ने रोका. तीखी नोकझोंक के बाद एसपी को सौंपा ज्ञापन.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : September 1, 2026 at 2:44 PM IST
कानपुर : उत्तराखंड में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के कथित अपमान पर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दोषियों के खिलाफ एससी/एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज करने की मांग की गई थी. इसके उलट उत्तराखंड के हल्द्वानी में राहुल गांधी के खिलाफ ही मुकदमा दर्ज किए जाने से कांग्रेस कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश है. कांग्रेसियों ने इस कार्रवाई को लोकतंत्र की हत्या, तानाशाही और बर्बर कदम करार देते हुए मंगलवार को कानपुर में विरोध मार्च निकाला.
कांग्रेस जिलाध्यक्ष संदीप शुक्ला ने कहा कि कांग्रेस के वरिष्ठ राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की सभा संपन्न होने के बाद भाजपा नेताओं द्वारा स्थान का शुद्धीकरण कराया जाना और प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट द्वारा समर्थन किया जाना भाजपा की स्पष्ट दलित विरोधी मानसिकता की झलक है. नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इस अमानवीय कृत्य पर एफआईआर दर्ज करने की मांग उठाई तो उत्तराखंड की भाजपा सरकार ने लोकतांत्रिक व संवैधानिक मर्यादाओं को ताक पर रखकर झूठा मुकदमा दर्ज करा दिया. यह कृत्य लोकतंत्र की हत्या और तानाशाही का परिचायक है.

शहर अध्यक्ष पवन गुप्ता ने कहा कि हल्द्वानी में मल्लिकार्जुन खरगे का अपमान किया गया. उनके खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियां की गईं. यदि उत्तराखंड सरकार ने इस मामले में दोषियों पर मुकदमा दर्ज नहीं किया और राहुल गांधी पर लादा गया झूठा मुकदमा वापस नहीं लिया तो कांग्रेस पार्टी उग्र आंदोलन के लिए सड़कों पर उतरने को बाध्य होगी.
इसके पहले तय कार्यक्रम के अनुसार बड़ी संख्या में कांग्रेसी तिलक हॉल में जुटे. इसके बाद विरोध मार्च शुरू किया. कोतवाली चौराहे के पास पहुंचने पर एसीपी कोतवाली अमित कुमार पांडेय ने रस्सा लगाकर सभी को आगे जाने से रोक दिया. इस दौरान पुलिस और कांग्रेसियों के बीच काफी देर तक धक्का-मुक्की और नोकझोंक होती रही. अंत में कांग्रेस जिलाध्यक्ष संदीप शुक्ला ने एसीपी कोतवाली को राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा.
विरोध प्रदर्शन और मार्च में सतीश दीक्षित, रामचंद्र गुप्ता, इखलाक डेविड, अंकित कन्नौजिया, कुनकुन खान, शिवम पटवा, संदीप मिश्रा, गुड्डू पाल, एजाज रशीद, शुभम राजपूत, अभिषेक सिंह राजावत, उस्मान सोनू, निखिल गुप्ता, गोविंद यादव, माना यादव, इरफान, हनी सिंह पाल और राजेंद्र वाल्मीकि समेत तमाम कांग्रेसी कार्यकर्ता शामिल रहे.
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