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युवक की मौत के मामले में बंद रहा कन्नौज, 24 घंटे बाद बनी प्रदर्शनकारियों से सहमति, उठाया शव

मारपीट में घायल रेगर समाज के युवक की इलाज के दौरान मौत हो गई थी. शुक्रवार को प्रशासन से सहमति के बाद धरना समाप्त.

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कन्नौज कस्बे का बंद बाजार (ETV Bharat Chittorgarh)
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By ETV Bharat Rajasthan Team

Published : January 2, 2026 at 1:42 PM IST

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चित्तौड़गढ़ : जिले के भदेसर थाना क्षेत्र के कन्नौज कस्बे में मारपीट के बाद युवक की मौत मामले में प्रदर्शनकारी ग्रामीणों और प्रशासन के बीच 24 घंटे बाद शुक्रवार शाम सहमति बनी. मृतक के आश्रितों को आर्थिक सहायता, एक परिजन को संविदा पर नौकरी समेत विभिन्न मांगों पर सहमति के बाद शव को अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया. मांगों पर सहमति के बाद पुलिस एवं प्रशासन ने राहत की सांस ली.

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सरिता सिंह ने बताया कि दुर्गेश रेगर की उदयपुर चिकित्सालय में गुरुवार को इलाज के दौरान मौत हो गई थी. युवक की मौत मामले में ग्रामीण गुरुवार से विरोध प्रदर्शन कर रहे थे. इनके प्रतिनिधिमंडल से बात की. इनकी मुख्य मांग थी कि हत्या का प्रकरण दर्ज करने के साथ एसटी-एससी की धारा लगाई जाए. पुलिस मुलजिमों के खिलाफ हत्या का प्रकरण दर्ज कर एसटी एससी एक्ट के तहत कारवाई कर रही है. प्रदर्शनकारियों ने यह भी कहना कि यहां पर हो रहे अतिक्रमण चिह्नित कर कार्रवाई की जाए. एसडीएम व तहसीलदार यहां मौजूद हैं. इनको कहा है कि पैरेलल जांच की जाएगी. किसी का अतिक्रमण है तो उस पर कार्रवाई होगी.

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सरिता सिंह ने बताया... (ETV Bharat Chittorgarh)

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सीएमओ भेजेंगे प्रस्ताव: एएसपी सिंह ने बताया कि मृतक के परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर है. कुछ सहायता की मांग थी. सरकार में ऐसा कोई विशेष नियम नहीं है. इसका प्रस्ताव बनाकर मुख्यमंत्री कार्यालय भिजवाएंगे. उपखंड अधिकारी से बात हुई है, उनके स्तर या कार्यालय से प्रस्ताव भेजा जाएगा. हमारी तरफ से आश्वस्त किया कि इस प्रकरण में जितने भी आरोपी है, उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी. एएसपी ने कहा कि मौके पर शांति है.

सर्दी में अलाव लगा जमे: इधर, पांच दिन पूर्व मारपीट में घायल दुर्गेश की मौत मामले में गुरुवार सर्व और रेगर समाज ने विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन शुरू किया. ग्रामीण सर्दी में अलाव लगाकर धरना स्थल पर डटे रहे. शुक्रवार को स्वेच्छा से बाजार बंद किया. प्रदर्शनकारियों व प्रशासन के बीच वार्ता चली. प्रदर्शनकारियों व परिवार की प्रमुख मांगें प्रशासन के सामने रखीं. मांगों में मृतक के आश्रितों को आर्थिक सहायता, एक परिजन को नौकरी, अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग, रहने के लिए स्थानीय पंचायत से प्लॉट की प्रमुख मांग थी. इस पर समझौता समिति व प्रशासन के बीच वार्ता के दौर चले. ग्रामीणों ने बीच में रोष भी जताया, लेकिन आपसी सहमति बनने पर प्रदर्शनकारी मृतक के घर पहुंचे. मृतक के अंतिम संस्कार की प्रक्रिया में लगे. समझौता होते ही बाजार खुल गए.

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कई थानों से बुलाया जाप्ता: प्रदर्शन में चार जिलों के रेगर समाज के अध्यक्ष नाथुलाल कचनारिया, तेजपाल रेगर, अनिल चतुर्वेदी, उमेश पालीवाल, मुकेश नाहटा, धर्मेश, रतनलाल,श्रवण सोनी, मनोज साहू आदि शामिल रहे. एएसपी सरिता सिंह, एसडीएम रजनी मीणा, तहसीलदार शिवसिंह, डिप्टी विनोद कुमार लखेरा, एसएचओ भदेसर विनोद कुमार, धर्मराज मीणा, रविन्द्र सेन भी उपस्थित थे.

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भीड़ को समझाती पुलिस (ETV Bharat Chittorgarh)

भूखंड दिया जाएगा: प्रदर्शनकारी तथा पुलिस प्रशासन के बीच समझौता हुआ कि मृतक के किसी एक परिजन को संविदा पर नौकरी, एससी-एसटी एक्ट के तहत लगभग 10 लाख रुपए तीन किश्त में सहायता दी जाएगी. विधायक चन्द्रभान सिंह आक्या की ओर से तीन लाख रुपए एवं पंचायत प्रशासक जेपी जागेटिया की ओर से तीन लाख रुपए व एक भूखंड देने की बात पर सहमति बनी. इसके बाद प्रदर्शनकारी व परिजन धरनास्थल से हटे. इससे पहले भदेसर पुलिस उप अधीक्षक विनोद कुमार ने बताया कि दुर्गेश की मौत मामले में गुरुवार को कन्नौज कस्बा बंद रहा. बताया गया कि लोगों ने रात को टेंट लगाने का प्रयास किया था, लेकिन पुलिस ने समझाइश कर टेंट नहीं लगाने दिया.

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सावा-कन्नौज मार्ग किया डायवर्ट: डीएसपी ने बताया कि ग्रामीणों ने शुक्रवार को दूसरे दिन भी मार्ग अवरुद्ध किया. ऐसे में सावा-शंभूपुरा-कन्नौज मुख्य मार्ग को डायवर्ट किया. सुखवाड़ा एवं अन्य गांवों के रास्तों से वाहनों को निकाला जा रहा है.