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कन्नौज में जमीन विवाद का खूनी अंत, सहियापुर गांव में भाई की हत्या के बाद छोटे भाई ने की आत्महत्या

तिर्वा मेडिकल कॉलेज में भाई की मौत के बाद छोटे भाई ने भी आत्महत्या कर ली. एसपी विनोद कुमार मामले की जांच कर रहे हैं.

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इंदरगढ़ के सहियापुर में पैतृक जमीन के टुकड़े के लिए दो सगे भाइयों की मौत. (Photo Credit: ETV Bharat)
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By ETV Bharat Uttar Pradesh Team

Published : June 1, 2026 at 8:30 PM IST

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कन्नौज: उत्तर प्रदेश के कन्नौज जिले के इंदरगढ़ थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सहियापुर गांव में पैतृक जमीन के एक मामूली विवाद ने दो सगे भाइयों की जान ले ली. दोनों भाइयों के बीच पहले जमकर खूनी संघर्ष हुआ, जिसमें बड़ा भाई गंभीर रूप से लहूलुहान हो गया. उसे नाजुक हालत में इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया.

भाई की मौत पर किया सुसाइड: वहीं अस्पताल से बड़े भाई की मौत की खबर मिलते ही छोटे भाई के होश उड़ गए. ग्लानि और कानूनी कार्रवाई के डर से उसने आत्महत्या कर ली. एक ही परिवार में चंद घंटों के भीतर हुई इन दो मौतों से पूरे गांव में सनसनी फैल गई. कन्नौज के पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार ने घटना की पुष्टि की.

जानकारी देते पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार (Video Credit: ETV Bharat)

धारदार हथियार से किया हमला: एसपी विनोद कुमार के अनुसार सहियापुर गांव निवासी स्वर्गीय सियाराम के पुत्र 55 वर्षीय रामासरे और 50 वर्षीय रामभोले के बीच लंबे समय से जमीन के टुकड़े को लेकर विवाद चल रहा था. सोमवार सुबह करीब नौ बजे दोनों भाइयों के बीच इसी जमीन को लेकर एक बार फिर कहासुनी शुरू हुई, जो देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गई. आरोप है कि इस विवाद के दौरान रामभोले ने गुस्से में आकर धारदार हथियार से अपने बड़े भाई रामासरे पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया.

तिर्वा मेडिकल कॉलेज में तोड़ा दम: इस जानलेवा हमले में गंभीर रूप से घायल रामासरे को उनके तीसरे भाई विवेक और अन्य परिजनों ने मिलकर तुरंत संभाला. वे गंभीर हालत में रामासरे को तत्काल इलाज के लिए तिर्वा मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे. हालांकि, वहां एमरजेंसी वॉर्ड में उपचार के दौरान चिकित्सकों ने अत्यधिक खून बह जाने के कारण उन्हें मृत घोषित कर दिया. उधर, जैसे ही रामासरे की मौत की आधिकारिक सूचना गांव पहुंची, आरोपी रामभोले ने आत्मघाती कदम उठा लिया.

थाना प्रभारी ने शुरू की जांच: उसने कानूनी शिकंजे और समाज के लोकलाज के डर से अपने कमरे में जाकर जीवनलीला समाप्त कर ली. इस मामले की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए. सूचना पाकर इंदरगढ़ थाना प्रभारी नीलम सिंह भारी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचीं. उन्होंने साक्ष्य जुटाए और मामले की विधिक जांच शुरू की.

गांव में पसरा सन्नाटा: पुलिस ने दोनों सगे भाइयों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया. पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार ने बताया कि जमीन की पैमाइश और पूर्व के विवादों को लेकर गहनता से जांच की जा रही है. पीड़ित परिजनों की ओर से मिलने वाली लिखित तहरीर और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

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