कांकेर में भारतमाला सड़क बनी किसानों की मुसीबत, रास्ता और नाली नहीं बनी तो 100 से ज्यादा किसानों की फसल पर संकट
खेतों के लिए रास्ता और पानी निकासी की सही व्यवस्था करने की मांग, कांकेर में किसानों ने कलेक्टर के नाम सौंपा ज्ञापन

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : August 31, 2026 at 7:43 PM IST
कांकेर: जिले में भारतमाला प्रोजेक्ट के तहत बन रहा रायपुर-विशाखापट्टनम नेशनल हाईवे स्थानीय किसानों के लिए बड़ी मुसीबत बन गया है. सरोना तहसील के बासनवाही गांव के किसानों ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर शिकायत की है कि सड़क निर्माण की वजह से उनके खेतों तक जाने का रास्ता बंद हो गया है. उनका आरोप है कि खेतों से पानी निकलने का पुराना नेचुरल रास्ता भी रुक गया है. किसानों ने कलेक्टर के नाम सौंपे इस पत्र में खेतों के लिए रास्ता और पानी निकासी की सही व्यवस्था करने की मांग की है.
रास्ता बंद होने से खेती-किसानी पर असर
किसानों के मुताबिक चैनल नंबर 101+970 MNB के बॉक्स कल्वर्ट के पास खेतों तक आवागमन के लिए स्थायी रास्ते की आवश्यकता है. किसानों ने दोनों छोर पर करीब 10 मीटर आरसीसी पिचिंग कराने की मांग की है. उनका कहना है कि रास्ते की व्यवस्था नहीं होने से ट्रैक्टर, बैल, मवेशी और अन्य कृषि वाहन खेतों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं. इससे खेती के काम में परेशानी बढ़ती जा रही है. किसानों का दावा है कि इस समस्या से क्षेत्र के 150 से अधिक किसान सीधे प्रभावित हो रहे हैं.

खेतों में भर सकता है पानी
किसानों ने चैनल नंबर 100+185 से 100+476 BHS तक करीब दो किलोमीटर लंबी आरसीसी पानी निकासी नाली बनाने की मांग भी की है. ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण के बाद पानी के प्राकृतिक बहाव का रास्ता प्रभावित हुआ है. बारिश का पानी खेतों में जमा हो रहा है, जिससे फसलों के खराब होने का खतरा बढ़ गया है. ग्रामीणों के मुताबिक समय रहते जल निकासी की व्यवस्था नहीं की गई तो 100 से अधिक किसानों की फसल प्रभावित हो सकती है.

आवाजाही हुई मुश्किल
जनपद सदस्य नरहरपुर पवन कुमार नेताम ने बताया कि खेतों के बीच आवाजाही के लिए बनाई गई छोटी पुलियाएं मिट्टी से पट गई हैं. इसके चलते किसान, मवेशी और ट्रैक्टर खेतों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं. वहीं, निकासी व्यवस्था के लिए एनएचएआई की ओर से किसानों से अतिरिक्त जमीन की मांग का भी आरोप है, जबकि किसानों का कहना है कि पहले ही अधिग्रहित की गई जमीन में जल निकासी की उचित व्यवस्था की जानी चाहिए.
सड़क निर्माण के कारण पानी के प्राकृतिक बहाव में रुकावट आई है और बारिश का पानी किसानों के खेतों में जमा हो रहा है.- पवन कुमार नेताम, जनपद सदस्य
खेतों में निर्माण मलबा और डस्ट पहुंचने का आरोप
ज्ञापन सौंपने पहुंचे किसान संदीप द्विवेदी ने आरोप लगाया कि भारतमाला सड़क निर्माण के बाद खेतों में जलभराव की समस्या बढ़ गई है. खेतों तक जाने वाले रास्ते बंद होने से किसानों को लंबा चक्कर लगाकर जाना पड़ रहा है. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि निर्माण कार्य का मलबा और डस्ट किसानों के खेतों में पहुंच रहा है.
संदीप द्विवेदी ने बताया कि किसानों ने एनएचएआई और स्थानीय प्रशासन से कई बार समस्या के समाधान की मांग की, जनदर्शन में भी ज्ञापन दिया, लेकिन अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है. इसी के चलते बड़ी संख्या में किसान दोबारा कलेक्टर के समक्ष अपनी समस्या लेकर पहुंचे हैं.

ठेकेदारों पर धमकाने का गंभीर आरोप
किसान संदीप द्विवेदी ने निर्माण कार्य से जुड़े ठेकेदारों पर शिकायत करने पर धमकाने का भी आरोप लगाया. हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है. किसानों ने प्रशासन से पूरे मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है. संदीप ने कहा कि यदि किसानों की समस्याओं का जल्द समाधान नहीं किया गया तो स्थिति गंभीर हो सकती है और कुछ किसानों ने अत्यधिक निराशा के चलते आत्महत्या जैसे कदम उठाने की बात कही है. प्रशासन से किसानों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है.
किसानों ने ज्ञापन दिया है, आवागमन बाधित होने को लेकर वे शिकायत लेकर आए थे, उनके आवेदन पर कलेक्टर द्वारा विचार किया जाएगा और निराकरण किया जाएगा- एस बंजारे, SDM
कलेक्टर से मौके का निरीक्षण और तत्काल कार्रवाई की मांग
किसानों ने कलेक्टर से मौके का निरीक्षण कराने तथा भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्माण कार्य तत्काल पूरा कराने के निर्देश देने की मांग की है. ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, लेकिन इसके साथ किसानों के खेतों तक रास्ता और पानी निकासी की स्थायी व्यवस्था भी सुनिश्चित की जानी चाहिए. समय रहते समाधान नहीं हुआ तो बारिश के दौरान जलभराव और फसल नुकसान की समस्या और गंभीर हो सकती है.

