'व्यापारियों से अवैध वसूली कर रही सरकार', कांगड़ा वैली कार्निवल को लेकर सियासत गरमाई
कांगड़ा वैली कार्निवल को लेकर सियासत गरमा गई है. भाजपा विधायक सुधीर शर्मा ने प्रशासन पर उगाही के आरोप लगाए हैं.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : December 18, 2025 at 9:36 AM IST
|Updated : December 18, 2025 at 5:42 PM IST
धर्मशाला: धर्मशाला में प्रस्तावित कांगड़ा वैली कार्निवल को लेकर अब राजनीतिक माहौल गरमा गया है. जिला प्रशासन की ओर से आयोजन के लिए विभिन्न व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से आर्थिक सहयोग मांगे जाने के बाद यह मामला विवादों में आ गया है. सहयोग के नाम पर भेजे गए पत्र ने प्रशासन की भूमिका पर सवाल खड़े कर दिए हैं.
भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के वरिष्ठ नेता और धर्मशाला से विधायक सुधीर शर्मा ने इस पूरे मामले को लेकर प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि कांगड़ा वैली कार्निवल जैसे सांस्कृतिक आयोजन सरकार की जिम्मेदारी होते हैं, जिनके लिए पहले से बजट तय किया जाना चाहिए.
सहयोग के नाम पर उगाही
सुधीर शर्मा ने खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग कांगड़ा के जिला नियंत्रक द्वारा जारी पत्र पर सवाल उठाए हैं. इस पत्र के जरिए पेट्रोल पंप संचालकों, एलपीजी गैस एजेंसियों, एचपीटीएल लाइसेंस धारकों, चावल और आटा मिल मालिकों तथा ईंट भट्ठा संचालकों से सहयोग राशि देने की अपील की गई है.
भाजपा विधायक ने इसे स्वैच्छिक सहयोग नहीं बल्कि दबाव और उगाही करार दिया. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में प्रशासनिक तंत्र राजनीतिक दबाव में काम कर रहा है और सरकारी आयोजनों का खर्च व्यापारियों पर डाला जा रहा है.

पत्र में गलत स्पेलिंग पर भी सवाल
सुधीर शर्मा ने एक और गंभीर मुद्दा उठाते हुए कहा कि जिस पत्र के माध्यम से पैसे मांगे जा रहे हैं, उसमें 'कार्निवल' शब्द की स्पेलिंग कई बार गलत लिखी गई है. उन्होंने इसे कांग्रेस सरकार की प्रशासनिक अयोग्यता का उदाहरण बताया.
उन्होंने कहा कि सरकारी पत्रों में इस तरह की लापरवाही यह दर्शाती है कि बिना जांच, बिना जिम्मेदारी और बिना योग्यता के पत्र जारी किए जा रहे हैं. यह न केवल प्रशासनिक लापरवाही है, बल्कि इससे सरकार और प्रशासन की साख को भी नुकसान पहुंचता है. भाजपा ने ऐसे गैर-जिम्मेदार कर्मचारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है.
सोशल मीडिया पर भी जताई नाराजगी
इस मुद्दे को लेकर सुधीर शर्मा ने अपने फेसबुक पेज पर भी तीखी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कटाक्ष करते हुए लिखा, "उगाही मांग-मांग कर तमाशा दिखाने वालों का असली चेहरा एक दिन जरूर सामने आएगा. इस तरह की अपीलें व्यापारियों पर मानसिक दबाव बनाती हैं."
भाजपा ने दी आंदोलन की चेतावनी
सुधीर शर्मा ने चेतावनी दी कि यदि इस तरह की कथित उगाही को तुरंत बंद नहीं किया गया, तो भारतीय जनता पार्टी इस मुद्दे को सड़क से लेकर सदन तक मजबूती से उठाएगी. उन्होंने कहा कि सहयोग के नाम पर किसी भी प्रकार का दबाव लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ है.
प्रशासन की प्रतिक्रिया का इंतजार
फिलहाल इस पूरे मामले पर जिला प्रशासन या प्रदेश सरकार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. लेकिन सहयोग राशि को लेकर उठे सवालों के बाद कांगड़ा वैली कार्निवल अब सांस्कृतिक आयोजन से ज्यादा राजनीतिक बहस का विषय बनता नजर आ रहा है.
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