सूफी गायक कंवर ग्रेवाल के गीतों पर झूमी धर्मशाला, कुल्लू व लाहौल नाटी ने दर्शकों का जीता दिल
कांगड़ा वैली कार्निवल की तीसरी संध्या में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत करने पहुंचे कृषि एवं पशुपालन मंत्री चंद्र कुमार.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : December 27, 2025 at 5:23 PM IST
धर्मशाला: कांगड़ा वैली कार्निवल 2025 के तीसरे दिन आयोजित सूफ़ी एवं ग्लैमर ईवनिंग (महिला सशक्तिकरण) कार्यक्रम ने धर्मशाला को सूफ़ी सुरों और सांस्कृतिक रंगों से सराबोर कर दिया. इस यादगार सांस्कृतिक संध्या में मशहूर सूफ़ी गायक कंवर ग्रेवाल की भावपूर्ण और रूह को छू लेने वाली प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया. कंवर ग्रेवाल के सूफी गाने पर दर्शक झूमने को मजबूर हो गए.
कांगड़ा वैली कार्निवल में कंवर ग्रेवाल ने बांधा समां
स्टार नाइट में कंवर ग्रेवाल ने मंच पर आते ही अपनी विशिष्ट सूफ़ी गायकी से समां बांध दिया. उन्होंने 'मस्त बना देंगे बीबा', 'सामने होवे यार नचना पैंदा है', 'मोहब्बत की राहों पर आकर तो देखो', 'तेरा तेरा तोले पगड़ी नानक दी', 'जीते चलेगा चलूंगी ना, तेरे टिकटा दो ले लेई' और 'छला नो नो देवी गल सुन छलेया' सहित एक से बढ़कर एक लोकप्रिय गीत प्रस्तुत किए. हर गीत पर दर्शक झूमते नजर आए और पूरा पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा. सूफ़ी गायकी के माध्यम से प्रेम, भाईचारे और इंसानियत का संदेश देते हुए कंवर ग्रेवाल ने श्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया. उनकी प्रस्तुति के दौरान दर्शकों का उत्साह देखते ही बनता था. भारी संख्या में उपस्थित महिलाएं भी इस कार्यक्रम का हिस्सा बनीं और महिला सशक्तिकरण की थीम को मजबूती मिली.
कंवर ग्रेवाल की सूफ़ी संध्या ने कार्निवल को बनाया यादगार
आयोजन समिति और जिला प्रशासन की ओर से बताया गया कि, कांगड़ा वैली कार्निवल का उद्देश्य क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को मंच प्रदान करने के साथ-साथ सामाजिक सरोकारों को बढ़ावा देना है. कंवर ग्रेवाल की सूफ़ी संध्या ने कार्निवल के तीसरे दिन को यादगार बना दिया और धर्मशाला की ठंडी शाम को सुरों की गर्माहट से भर दिया.

कांगड़ा वैली कार्निवल 2025 के तीसरे दिन कार्यक्रम में कृषि एवं पशुपालन मंत्री चंद्र कुमार ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की. उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि, "कांगड़ा वैली कार्निवल जैसे आयोजन प्रदेश की समृद्ध लोक-संस्कृति, परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को सहेजने का सशक्त माध्यम हैं. ऐसे उत्सव न केवल स्थानीय कलाकारों को मंच प्रदान करते हैं, बल्कि पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ युवाओं और महिलाओं को आगे बढ़ने के अवसर भी देते हैं."
कृषि मंत्री ने कहा कि, कांगड़ा वैली कार्निवल कांगड़ा जिले की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है. उन्होंने कहा कि, प्रदेश सरकार ने कांगड़ा वैली कार्निवल को औपचारिक रूप से उत्सव का दर्जा प्रदान किया है. अब यह आयोजन प्रत्येक वर्ष 24 से 31 दिसंबर तक नियमित रूप से आयोजित किया जाएगा, ताकि जिले की लोक-संस्कृति, परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को निरंतर मंच मिलता रहे. इस निर्णय से कांगड़ा जिला सांस्कृतिक पर्यटन के मानचित्र पर एक सशक्त पहचान स्थापित करेगा और स्थानीय कलाकारों, युवाओं और महिलाओं को आगे बढ़ने के नए अवसर प्राप्त होंगे.

कबड्डी वर्ल्ड कप जीतने वाली खिलाड़ियों का भी सम्मान
इस अवसर पर कृषि मंत्री ने कबड्डी वर्ल्ड कप जीतकर इतिहास रचने वाली टीम की सदस्यों भावना और चम्पा को भी सम्मानित किया. इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश राज्य अनुसूचित जाति (एससी) आयोग के सदस्य दिग्विजय मल्होत्रा, धर्मशाला से पूर्व में कांग्रेस के प्रत्याशी रहे विजय इंद्र कर्ण, उपायुक्त हेमराज बैरवा, पुलिस अधीक्षक अशोक रत्न,अतिरिक्त उपायुक्त विनय कुमार, एडीएम शिल्पी बेक्टा एवं गणमान्य उपस्थित रहे.

ये भी पढ़ें: साल के अंत में सुखविंदर सरकार के लिए सुख भरी खबर, पीडीएनए में मोदी सरकार ने जारी किए इतने करोड़ रुपए
ये भी पढ़ें: हिमाचल में 7 लाख पेंशनधारकों के लिए खुशखबरी, इस दिन खाते में आएगी इतने महीने की पेंशन

